Bihar Assembly Election 2020:‌ पटना साहिब, VIP सीट और बीजेपी का गढ़

पटना साहिब में स्‍थानीय मुश्किलों के चलते बीजेपी की राह कठिन हो सकती है. (सांकेतिक फोटो)
पटना साहिब में स्‍थानीय मुश्किलों के चलते बीजेपी की राह कठिन हो सकती है. (सांकेतिक फोटो)

बीजेपी (BJP) की पक्की सीट माने जाने वाली पटना साहिब में इस बार मुकाबला कड़ा हो सकता है. स्‍थानीय समस्याओं को लेकर लोगों में रोष है और हर साल आने वाली बाढ़ के बाद शहरी इलाके में पानी का भरना भी आम हो गया है. इसे लेकर स्‍थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री नंदकिशोर को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2020, 9:27 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Election) की जब भी बात की जाती है तो पटना साहिब सीट का जिक्र जरूर होता है. यह शहरी कम और वीआईपी सीट ज्यादा कहलाती है. पिछले 25 सालों से लगातार यहां पर बीजेपी का कब्जा रहा है. हालांकि पिछले कुछ समय से स्‍थानीय लोगों को आ रही कुछ समस्याओं को देखते हुए इन चुनावों को काफी अहम माना जा रहा है. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि बीजेपी को 25 साल पुराना अपना किला बचाने के लिए पुरजोर कोशिश करनी होगी. वर्तमान में पटना साहिब के विधायक नंदकिशोर यादव हैं. यादव नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं.

पहले लोगों ने दिए थे सभी को मौके
बिहार चुनाव के लिहाज से एक महत्वपूर्ण सीट के तौर पर पटना साहिब को देखा जाता है. 1957 में पहली बार जब चुनाव हुआ तो इसका नाम पटना ईस्ट था. यहां पर दो बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की. इसके बाद जनसंघ और जनता पार्टी ने भी अपना जोर दिखाया. लेकिन 1995 में हुए चुनावों के बाद से ही यहां के वोटरों ने बीजेपी पर भरोसा किया है.

तीन लाख से ज्यादा हैं वोटर
पटना साहिब के वोटरों की बात की जाए तो इनकी संख्या तीन लाख से ज्यादा है. वहीं 54 प्रतिशत वोटर पुरुष हैं साथ ही इस पूरे क्षेत्र में वैश्य समाज का काफी दबदबा है. बड़ी बात ये है कि वैश्य समाज के यहां पर करबी 80 हजार वोटर मौजूद हैं जो किसी भी समीकरण को बनाने बिगाड़ने के लिए काफी हैं. इसके बाद बड़ी संख्या यादव वोटरों की है. हालांकि कोइरी, कुर्मी और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी काफी अधिक है.



बाढ़ का मुद्दा बदल सकता है समीकरण
यहां से विधायक नंद किशोर राजनीती में बड़ा नाम हैं और क्षेत्र में उनकी पकड़ भी काफी अच्छी है. लेकिन पिछले कुछ दिनों बाढ़ के कारण शहरी इलाकों में भरने वाले पानी की समस्या ने स्‍थानीय लोगों को परेशान कर दिया है. इस बात को लेकर वोटर खासे नाराज भी हैं और पानी भराव की समस्या कई बार क्षेत्र से विधायक व कैबिनेट मंत्री नंदकिशोर के सामने रखी जा चुकी है.
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