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    Bihar Elections 2020: CPI में दो फाड़, नाराज AISF ने 14 सीटों पर उतारे अपने उम्मीदवार

    कल एआईएसएफ ने इसके खिलाफ सीपीआई पार्टी कार्यालय में प्रदर्शन भी किया था.
    कल एआईएसएफ ने इसके खिलाफ सीपीआई पार्टी कार्यालय में प्रदर्शन भी किया था.

    Bihar Assembly Elections 2020: AISF के नेताओं ने 14 उमीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. CPI से नाराजगी के बाद छात्र इकाई ने यह कदम उठाया है.

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    (रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार)

    पटना. सीपीआई की छात्र इकाई ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) बिहार विधानसभा का चुनाव (Bihar Assembly Elections) लड़ेगा. AISF ने अपने बलबूते चुनावी मैदान में उम्मीदवारों को उतारा है. इसके लिए सोमवार को पटना विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें एआईएसएफ के नेताओं ने 14 उमीदवारों की पहली सूची जारी की. टेकारी से एआईएसएफ के राज्य सह सचिव कुमार जितेन्द्र, सिवान (Siwan) से एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार, महनार से एआईएसएफ के राज्य अध्यक्ष रंजीत पंडित, फुलवारी से एआईएसएफ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य महेश रजक, महुआ से एआईएसएफ की राष्ट्रीय परिषद सदस्य पिंकी कुमारी और मोहिउद्दीननगर विधानसभा सीट से एआईएसएफ के समस्तीपुर जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार राय चुनाव लड़ेंगे.

    पार्टी से नाराजगी
    इसी तरह मनेर से एआईएसएफ के पटना जिलासचिव जन्मेजय कुमार, केसरिया से एआईएसएफ के पूर्वी चंपारण जिला संयोजक धनंजय सिंह, जाले से एआईएसएफ के मिथिला विश्विद्यालय सहसंयोजक मो. अरशद सिद्दीकी, अमनौर से एआईएसएफ के राज्य उपाध्यक्ष राहुल कुमार यादव, छपरा से एआईएसएफ के राज्यपरिषद सदस्य अमित नयन, मीनापुर से एआईएसएफ नेता आदित्य प्रकाश, डिहरी से एआईएसएफ नेता धर्मेन्द्र कुमार सिंह और फुलपरास विधानसभा सीट से युवा नेता देवशंकर यादव को उम्मीदवार बनाया गया है. उम्मीदवार बने सभी छात्र नेता 25 से 40 साल के बीच के हैं. दरअसल, सीपीआई में टिकट बंटवारे में छात्र और युवाओं को टिकट नहीं दिया गया और सिर्फ पुराने लोगों को ही उमीदवार बनाया गया था. सीपीआई की छात्र इकाई एआईएसएफ इससे खफा था.




    सीपीआई पार्टी कार्यालय में प्रदर्शन भी किया था
    इससे पहले रविवार को एआईएसएफ ने इसके खिलाफ सीपीआई कार्यालय में प्रदर्शन भी किया था और समवार को उन्होंने अलग से चुनाव लड़ने का फैसला ले लिया. एआईएसएफ का कहना है कि भाजपा-जदयू को बिहार की सत्ता से बेदखल करने की जिम्मेदारी बिहार की जनता की है. महागठबंधन को भी चाहिए कि हर सीट पर जदयू-भाजपा का खाता न खुल पाये. इसके लिए एकजुटता के साथ प्रयास करें. छात्र-युवाओं को सम्मानजनक भागीदारी के बिना कोई भी लड़ाई अधूरी होगी. पार्टी ने युवाओं को दरकिनार किया तो एआईएसएफ को अलग से चुनाव लड़ने का फैसला लेना पड़ा.
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