बिहार में चुनावी बिगुल बजते ही चौक-चौराहों से हटे पोस्टर-बैनर, जानें क्या है इसके पीछे का नियम

पटना में चौक-चौराहों से बैनर-पोस्टर हटा दिये गये
पटना में चौक-चौराहों से बैनर-पोस्टर हटा दिये गये

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के लिए तारीखों का ऐलान होते ही राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है. इसी के साथ ही सियासी दलों और नेताओं पर कई पाबंदियां लग गई हैं.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 26, 2020, 11:13 AM IST
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पटना. चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की तारीखों का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है. लिहाजा पटना में चौक-चौराहों से चुनावी पोस्टर-बैनर हटाये जाने लगे हैं. दरअसल इस बार बिहार में चुनाव ऐसे वक्‍त में हो रहा है, जब पूरी दुनिया कोविड-19 (Covid-19) महामारी से जूझ रही है. लिहाजा चुनाव आयोग ने कोरोना के मद्देनजर चुनावी गाइडलाइन भी जारी की है.

कोरोना के मद्देनजर चुनावी गाइडलाइन 

आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने में कोई तामझाम नहीं होगा. प्रत्याशी ऑनलाइन पर्चा दाखिल कर सकेंगे. घर-घर चुनाव प्रचार की इजाजत होगी, लेकिन इसमें पांच से ज्‍यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे. रोड शो जैसे कार्यक्रमों में काफिले में 5 से अधिक गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं होगा.



इन बातों का भी रखना होगा ख्याल 
इसके अलावा गृह मंत्रालय की तरफ से जारी कोविड-19 गाइडलाइन्स के सख्‍ती से पालन का भी निर्देश दिया गया है. नोडल हेल्थ ऑफिसर की रिपोर्ट के आधार पर कोताही बरतने वालों पर एक्‍शन हो सकता है. चुनावी प्रक्रिया के दौरान सभी को सेनिटाइजर, फेस मास्क, गलब्‍स, थर्मल स्कैनर, और फेशियल पीपी किट्स का इस्तेमाल किया जाएगा. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हर हाल में करना होगा.

बता दें कि देश में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान आचार संहिता लागू किया जाता है. इस दौरान इससे जुड़े नियमों का पालन करना पार्टी, नेता और उम्मीदवार के लिए आवश्यक होता है.



क्या हैं आचार संहिता के नियम? 

सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी विशेष दल या नेता को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं होगा.

सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जायेगा.

जनप्रतिनिधियों की ओर से किसी भी तरह की सरकारी घोषणा, उद्घाटन और शिलान्यास आदि नहीं किया जाएगा.

किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, राजनेता या समर्थकों को रैली करने से पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होगी.

किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे.

गाड़ियों या शहर के चौक-चौराहों पर पार्टी विशेष के प्रचार के लिए पोस्टर या झंडे नहीं लगाए जाएंगे.
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