बिहार विधानसभा में हुए हंगामे के सबूत जुटा रही है आचार समिति, दोषियों पर होगी कार्रवाई

बिहार विधानसभा की समितियों के अध्यक्षों के साथ मीटिंग करते स्पीकर. (फाइल फोटो)

बिहार विधानसभा की समितियों के अध्यक्षों के साथ मीटिंग करते स्पीकर. (फाइल फोटो)

बिहार विधानसभा में हुए हंगामे के बाद अब तैयारी करवाई की है. हंगामे और तोड़फोड़ को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सख्त हैं. मामला आचार समिति में पहुंच गया है और वह सभी साक्ष्य इकट्ठा करने में जुट गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2021, 6:25 PM IST
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पटना. 23 मार्च मंगलवार को बिहार विधानसभा (Bihar assembly) में हुए हंगामे और तोड़फोड़ के बाद विधानसभा अध्यक्ष (Assembly Speaker) ने ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई का निर्णय किया है. अब यह मामला विधानसभा की आचार समिति (Ethics committee) को सौंप दिया गया है. इस पूरे मामले में आचार समिति के सभापति राम नारायण मंडल का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष से जो निर्देश प्राप्त होगा, उसे गंभीरता पूर्वक देखेंगे. मंडल ने कहा कि कोई भी फैसला सभी सबूतों और वीडियो देखने के बाद ही किया जाएगा. यदि विधायक दोषी पाए गए तो उनपर कार्रवाई जरूर करेंगे.

अचार समिति में हैं ये सभी

राम नारायण मंडल - सभापति (बीजेपी), अरुण कुमार सिन्हा - सदस्य (बीजेपी), ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू - सदस्य (बीजेपी), अचमित ऋषिदेव - सदस्य (जदयू), विष्णुदेव राय - सदस्य (राजद)

बिना भेदभाव होगी जांच
विधानसभा में हुए हंगामे के बाद मामला आचार समिति को भेजे जाने से ही यह साफ हो गया है कि अब बारी हंगामा करनेवाले विधायकों पर करवाई की है. आचार समिति के सदस्य ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू का कहना है कि अचार समिति में सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के लोग भी हैं. जांच में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा. सभी फैसले सबूतों के आधार पर किए जाएंगे. भविष्य में इस तरह की घटना दुबारा न हो इसलिए विधायकों पर करवाई जरूरी है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि दोनों पक्षों पर हो कार्रवाई

आचार समिति में ज्यादातर सदस्य सत्ताधारी दल के विधायक हैं. इसके अलवा एक सदस्य राजद का भी है. मामला विधायकों पर कार्रवाई से जुड़ा है, लिहाजा समिति के सदस्य आपस में बैठक कर सर्वसहमति से ही कोई कोई निर्णय करेंगे. विरोधी दलों के नेताओं का कहना है कि सिर्फ विधायकों पर कार्रवाई से बात नहीं बनने वाली है. कार्रवाई उन लोगों पर भी होनी चाहिए जिन्होंने विधायकों के साथ मारपीट की. कांग्रेस नेता प्रेम चंद मिश्रा ने कहा कि करवाई दोनों ओर होनी चाहिए. ज्यादा दोषी पुलिसकर्मी हैं, जिन्होंने ने सदन में विधायकों की पिटाई की.



नीतीश कुमार माफी मांगें : राजद एमएलसी

वहीं राजद एमएलसी रामबली चंद्रवंशी ने कहा कि कार्रवाई की बात बाद में होनी चाहिए, सबसे पहले नीतीश कुमार माफी मांगें.
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