बिहार: BJP सांसदों की जेपी नड्डा से मांग, हमारी ताकत कम नहीं, सीट शेयरिंग पर JDU से हो सम्मानजनक समझौता
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बिहार: BJP सांसदों की जेपी नड्डा से मांग, हमारी ताकत कम नहीं, सीट शेयरिंग पर JDU से हो सम्मानजनक समझौता
बीजेपी के सांसदों ने लोकसभा चुनाव की तर्ज पर ही पार्टी अध्यक्ष के सामने सम्मानजनक समझौते की बात रखी है. (फाइल फोटो)

बीजेपी (BJP) के कुछ सांसदों की आपत्ति आरजेडी से जेडीयू में शामिल होने वाले विधायकों से भी है. पालीगंज से जयवर्धन यादव, सासाराम से अशोक कुमार कुशवाहा और केवटी से फराज फातमी ने आरजेडी छोड़कर जेडीयू का दामन थामा है.

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पटना. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के साथ बिहार बीजेपी के सांसदों की शनिवार को मीटिंग (Meeting) हुई. इस दौरान पार्टी के सांसदों ने बिहार में सीट शेयरिंग (Seat Sharing) के मुद्दे को भी उठाया. सूत्रों के मुताबिक, कुछ सांसदों ने कहा, जेडीयू (JDU) के साथ सीट बंटवारे में सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए. जिस तरह से लोकसभा चुनाव 2019 में जेडीयू को सीट दी गई थी, उसी तरह बीजेपी को भी इस बार विधानसभा चुनाव में सीटें मिलनी चाहिए. इन सांसदों ने कहा कि बिहार में बीजेपी की ताकत कमजोर नहीं है.

बिहार में हो सम्मानजनक समझौता
गौरतलब है कि बिहार में लोकसभा चुनाव के वक्त जेडीयू-बीजेपी ने बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ा था.  साल 2014 में मात्र 2 सीटों पर सिमट चुकी जेडीयू के लिए बीजेपी ने अपनी कई जीती हुई सीटें भी छोड़ दी थीं. दोनों पार्टियां 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ी थीं. कुछ इसी तरह का फॉर्मूला अब बीजेपी के सांसदों की तरफ से की जा रही है, क्योंकि बिहार विधानसभा में 2015 में जेडीयू बीजेपी दोनों अलग-अलग चुनाव लड़े थे और उस वक्त जेडीयू ने 71 और बीजेपी ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की थी. अब बीजेपी के सांसदों ने लोकसभा चुनाव की तर्ज पर ही पार्टी अध्यक्ष के सामने सम्मानजनक समझौते की बात रखी है.

आरजेडी से जेडीयू में शामिल हो रहे विधायकों पर आपत्ति
इसके अलावा कुछ सांसदों की आपत्ति आरजेडी से जेडीयू में शामिल होनेवाले विधायकों से भी है. पालीगंज से जयवर्धन यादव, सासाराम से अशोक कुमार कुशवाहा और केवटी से फराज फातमी ने आरजेडी छोड़कर जेडीयू का दामन थामा है. जिस तरह से दूसरे दल के विधायक जेडीयू में शामिल हो रहे हैं उसको लेकर बीजेपी सांसदों की तरफ से आवाज उठाई गई है, क्योंकि ये सभी सीटें पहले से बीजेपी कोटे की रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी सांसदो ने कहा कि इससे बीजेपी कार्यकर्ताओ में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. बीजेपी सांसदों ने इस पर अपनी नाराजगी जताई.  उन्होंने कहा कि ऐसा होने से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की बिहार में सभी पंचायतों को कवर करने की योजना है. सितंबर में सभी सांसद के अलावा और भी नेताओं को मैदान में उतारा जाएगा. इसमें जातीय समीकरण का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा.



महाचंद्र सिंह को किए वादे का क्या हुआ ?
सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग के दौरान बीजेपी सांसद गोपालनारायण सिंह ने पार्टी आलाकमान के सामने आवाज़ उठाते हुए कहा कि बीजेपी नेता महाचंद्र प्रसाद सिंह के मुद्दे का क्या हुआ ? उन्होंने कहा कि महाचंद्र सिंह को पार्टी में लोकसभा चुनाव के वक़्त लाया गया, लेकिन उन्हें वादा के मुताबिक़ कुछ नहीं दिया गया. ऐसे में जब हमलोग जनता के बीच जाएंगे तो क्या जवाब देंगे? गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के वक़्त बिहार सरकार में मंत्री रह  चुके महाचंद्र सिंह को पार्टी में शामिल कराया गया था. महाचंद्र सिंह का उत्तर और दक्षिण बिहार में भूमिहार समाज में बेहतर प्रभाव माना जाता है. सूत्रों के मुताबिक, गोपालनारायण सिंह की तरफ से इस मुद्दे को बैठक में उठाया गया. बीजेपी सांसदों की बैठक में जेपी नड्डा ने विधानसभा चुनाव को लेकर उनसे फीडबैक मांगा है. सभी सांसदों को 5 सितंबर तक पार्टी अध्यक्ष को फीडबैक देना है.
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