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Bihar Budget 2021: वो 10 कदम जिसके उठाने से बदल सकता है बिहार में उद्योग का हाल

सीएम नीतीश कुमार के साथ बिहार के उद्याेग मंत्री शहनवाज हुसैन. फाइल फोटो.
सीएम नीतीश कुमार के साथ बिहार के उद्याेग मंत्री शहनवाज हुसैन. फाइल फोटो.

Bihar News: बिहार सरकार (Bihar Government) सोमवार को अपना बजट (Budget) पेश कर रही है. बिहार की जनता के साथ साथ बिहार के उद्योग जगत को भी बजट से बहुत उम्मीद है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: February 22, 2021, 12:53 PM IST
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पटना. बिहार सरकार (Bihar Government) सोमवार को अपना बजट (Budget) पेश कर रही है. बिहार की जनता के साथ-साथ उद्योग जगत को भी बजट से बहुत उम्मीद है. बिहार का उद्योग जगत आखिर बजट में चाहता क्या है, ये जानना बेहद ज़रूरी है. उद्योग से जुड़े की मानें तो कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जिसके करने से बिहार में उद्योग में तेज़ी आ सकती है.

इसको लेकर सरकार से जुड़े लोगों को सुझाव भी दिए जा रहे हैं. इसमें मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल रोड मैप बनाने की बात कही जा रही है. इसके अलावा उद्योगों के लिए बजट बढ़ाने की मांग भी की जा रही है. कहा जा रहा है कि यह कदम अगर बिहार सरकार अपने बजट में उठाती है तो बिहार में निवेश के नए अवसर खुलेंगे. बिहार के नए उद्योग मंत्री बने शाहनवाज़ हुसैन भी कहते हैं कि बिहार में उद्योग में जो कमियां रह गईं थीं, उसे हर हाल में दूर किया जाएगा.

वो कदम जो बदल सकते हैं बिहार में उद्योग की तस्वीर
बिहार में इंडस्ट्रियल रोडमैप बनना चाहिए, ताकि रोजगार और आर्थिक विकास का आधार तैयार हो सके.
इंडस्ट्री बजट को 800 करोड़ से बढ़ाकर लगभग 5000 करोड़ रुपया करना चाहिए.
बिहार में MSME फंड लगभग 3000 करोड़ रुपया का होना चाहिए , ताकि बिहार के उद्योगपति प्रदेश में उद्योग लगा सकें.
बिहार में उद्योग लगे हैं उनका बकाया सब्सिडी और जो लम्बित पेंडिंग इंसेंटिव है, उसे जल्द से जल्द देने का प्रावधान बजट में होना चाहिए.
इज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को प्रभावशाली बनाना चाहिए. इससे बिहार में निवेश के लिए उद्योगपतियों को प्रोत्साहन मिलेगा.
इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट कमीशन का गठन करना चाहिए, ताकि बड़े पैमाने पर निवेश आए.
बिहार में एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री, सेमी स्मॉल बेस्ड इंडस्ट्री, रिलीजियस टूरिज़्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देना चाहिए.
बिहार में इथेनॉल फ़ैक्ट्री लगाने के लिए बड़े कदम उठाना चाहिए ताकि ना सिर्फ़ बिहार में निवेश आए, बल्कि शुगर इंडस्ट्री को भी नई जान मिले.
कृषि से जुड़े हुए उद्योग को तेज़ी से बढ़ावा मिले ताकि बिहार में रोज़गार को और बढ़ावा मिल सके.
सिंगल विंडो सिस्टम में पारदर्शिता हो और जो भी निवेश करने आए उन्हें ज़मीन, बिजली से लेकर बुनियादी ज़रूरत के तमाम साधन उपलब्ध हो सकें, जिससे उद्योगपति को कोई दिक़्क़त ना हो.
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