राहत कोष को लेकर ट्विटर युद्ध, सुशील मोदी बोले- कोरोना से जंग के लिए RJD-कांग्रेस ने नहीं दी राशि
Patna News in Hindi

राहत कोष को लेकर ट्विटर युद्ध, सुशील मोदी बोले- कोरोना से जंग के लिए RJD-कांग्रेस ने नहीं दी राशि
उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक बड़ा बयान दिया है. (फाइल फोटो)

बिहार के उपमुख्यमंत्री ने कहा, संकट के इस समय में बीजेपी-जदयू के सभी विधायकों ने अपना एक-एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया. राजद और कांग्रेस विधायकों ने राहत कोष में एक पैसा भी नहीं दिया.

  • Share this:
पटना. कोरोना महामारी (C0rona Epidemic) के बीच में बिहार (Bihar) के राजनीति भी तेज हो गई है. पक्ष-विपक्ष से लेकर तमाम नेता इस महामारी में जनता के सबसे बड़े हिमायती बनकर उभरना चाहते हैं. तेजस्वी यादव सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से सरकार पर लगातार हमलावर हैं. यहां तक कि तेजस्वी यादव ने यह भी दावा कर दिया कि जो प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन चलाई गई है, उन्होंने सबसे पहले मांगी थी. तब केंद्र सरकार की आंख खुली और प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए ट्रेन की सुविधा उपलब्ध कराई गई. तेजस्वी यादव की ये बातें सत्तारूढ़ दल के नेताओं को रास नहीं आ रही हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट के जरिए तेजस्वी यादव और कांग्रेस पर जबरदस्त हमला किया है कहा इस कोरोना महामारी में विपक्ष ने एक पैसा मुख्यमंत्री राहत कोष में नहीं दिया है.

मुख्यमंत्री राहत कोष में नहीं दी राशि
सुशील मोदी ने ट्वीट में लिखा है कि कोरोना संक्रमण और लाकडाउन से उत्पन्न संकट के समय बीजेपी-जदयू के सभी विधायकों ने अपना एक-एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया. राजद और कांग्रेस के विधायकों ने राहत कोष में एक पैसा भी नहीं दिया, बल्कि विधायक निधि से 50 लाख रुपए देने का विरोध कर अपनी संवेदनहीनता उजागर की.

सुशील मोदी ने आरजेडी से पूछा कितनी दी राशि
अगले ट्वीट में सुशील मोदी ने लिखा है कि कोसी में 2008 की बाढ़ के समय रेलवे कर्मचारियों ने अपने एक दिन का वेतन देकर 38.6 करोड़ जुटाए थे. तत्कालीन रेलमंत्री के नाते यह राशि बिहार के आपदा कोष में दी. राजद नेता बताएं कि कोरोना संक्रमण में मुख्यमंत्री राहत कोष में कितनी मदद की? जो लोग 2017 में सीमांचल की बाढ़ के समय गांधी मैदान में रैली कर रहे थे और 2019 की बाढ़ के समय गायब रहे, वे कोरोना संकट के समय भी बिहार से बाहर रह कर बयानबाजी कर रहे हैं.



कांग्रेस ने सुशील मोदी को दी चुनौती
सुशील मोदी के इस ट्वीट पर कांग्रेस नेता और विधान परिषद के सदस्य प्रेमचंद्र मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि सुशील मोदी राज्य के सबसे बड़े झूठ बोलने वाले नेता हैं और उन्होंने इसके लिए सुशील मोदी को चुनौती भी दी. प्रेमचंद्र मिश्रा ने बताया कि वह और उनके पार्टी के विधायक, एमएलसी के साथ प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह सहित सभी नेताओं ने 30 मार्च को ही अब अपने अपने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है, ताकि कोरोना महामारी से लड़ाई लड़ी जा सके.

सुशील मोदी माफी मांगे या इस्तीफा दें
प्रेमचंद्र मिश्रा ने बताया कि इसका प्रमाण है सुशील मोदी झूठ के सौदागर हैं. मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वह साबित करें कि मैं और मेरे अन्य साथियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक माह का वेतन नहीं दिया है. इसे वह साबित करके दिखाएं अन्यथा तत्काल वह माफी मांगे या अपने पद से इस्तीफा दे. क्योंकि राशि की पावती रसीद मेरे पास है.

ये भी पढ़ें: DGP गुप्तेश्वर पांडेय का बड़ा बयान, बिहार में कहीं ग्रीन जोन नहीं, शाम 7 से सुबह 7 बजे तक होगा कर्फ्यू
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज