बिहार चुनाव-देखी सुनी : लालू के जवाब में नीतीश भी बोले भोजपुरी

जब से लालू यादव का ट्वीट- ए नीतीश तू थक गइल बाड़s, जा आराम करs- भायरल हुआ है तब से भोजपुरी का क्रेज बढ़ गया है.
जब से लालू यादव का ट्वीट- ए नीतीश तू थक गइल बाड़s, जा आराम करs- भायरल हुआ है तब से भोजपुरी का क्रेज बढ़ गया है.

अलगू ओझा ने कहा, जोगी आदित्यनाथ का बहुते नाम सुने थे. सोचे कि अरवल जाके जरा सुनिये आते हैं. का सौलिड बोले जोगी. एकदम बेजोड़. मोदी जी के साथे-साथे नीतीशो कुमार के खूब बड़ाई किये.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 25, 2020, 10:02 AM IST
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पटना. पलटन सिंह गांव के मशहूर किसान हैं. फौज से रिटायर होने के बाद जब गांव आये तो कुदाल को ही बंदूक बना लिया. छड़ी की तरह छरहरा शरीर तो लाठी की तरह जबान. ऑर्गेंनिक खेती के दम पर उन्होंने जल्द ही इलाके में सिक्का जमा लिया. आलू बोने के लिए खेत जुतवा रहे थे. मेड़ पर गमछा बिछा कर पलटन सिंह बैठे थे कि वहां अलगू ओझा पहुंच गये. अलगू ओझा को देख कर पलटन सिंह की आंखें चमकीं. उन्होंने कहा, अरे का ओझा बाबा, इहां माटी में कलफ दिया बगबग धोती कहां लेटाइगा, चलिए दलान पर. अलगू ओझा चौकी पर पसर गये तो पलटन सिंह ने कहा, का खबर लाये हैं बाबा? अलगू ओझा ने कहा, जोगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) का बहुते नाम सुने थे. सोचे कि अरवल जाके जरा सुनिये आते हैं. का सौलिड बोले जोगी. एकदम बेजोड़. मोदी जी (PM Narendra Modi) के साथे-साथे नीतीशो कुमार (Nitish Kumar) के खूब बड़ाई किये. जोगी जी कहे, बिहार और बिहारी को नयी पहचान मिली तो नीतीशे कुमार से. नहीं तो पहिले जो हाल था उ सब कोई को मालूमे है. पलटन सिंह बोले, ईहे तो राजनीति का खेला है, बाबा. जब कोटा से कोचिंग करे वाला लइकन को बिहार लाना था तब इहे नीतीश जी और जोगी में केतना टंट-घंट हुआ था. तब तो बुझा रहा था कि जदयू और भाजपा में कुश्ती हो जाएगा. लेकिन अब चुनाव है तो भाजपा के मुंह से मध टपक रहा है.



भाजपा साथे नीतीश हैं तो का हरज?



अलगू ओझा को पलटन सिंह के बोलने का लहजा अच्छा नहीं लगा. अलगू ओझा ने कहा, भाजपा के साथे अगर नीतीश चुनाव लड़ रहे हैं तो इसमें का हरज है? पलटन सिंह ने मजाक में कहा, लालू यादव उनको काहे पलटू राम कहते हैं? चिराग के लफड़ा में उ कहीं दोबारा पलटी मार दिये तो का होगा? का नीतीश कुमार को अंतर्आत्मा से भाजपा पर भरोसा है? लालू यादव भोजपुरी में ट्वीट कर-करके नीतीश कुमार को उसका रहे हैं. इससे नीतीश तो अइसा प्रेसर में आ गये कि अब उहो भोजपुरी बोल के लालू-तेजस्वी को जवाब दे रहे हैं. अलगू ओझा जरा तेज आवाज में बोले, अपने को अकिल का आलमारी मत समझिये पलटन सिंह, नीतीश कुमार कब से भोजपुरी बोलने लगे? उ इंजीनियर हैं, कोई नौवां-दसवां पास नहीं. पलटन सिंह ने मुसकुरा के कहा, तनिक शांत हो जाइए बाबा, आप चुनाव में इहां-उहां रोज चकल्लस काट रहे हैं लेकिन कौन कहां का बोल रहा है, जरा पढ़ा कीजिए. पूजा के पोथी तो रोज बांचते हैं तनिक अखबार भी बांच लीजिए. शेरघाटी में नीतीश कुमार का बोले, सुने थे? पढ़े थे? नहीं न! अब हमसे सुनिए का बोले थे.
नीतीश की भोजपुरी

पलटन सिंह बोले, तेजस्वी यादव का वादा है कि अगर सीएम बने तो पहिला दसखत से 10 लाख नौकरी देंगे. शेरघाटी की सभा में नीतीश कुमार ने इसका जवाब दिया. उ (तेजस्वी) कहते हैं 10 लाख नौकरिया देंगे, अरे पैसवा एतना कहां से आवेगा तोरा. नौकरिया देने के नाम पर कहीं अपने धंधा ना शुरू कर दे. पलटन सिंह ने अलगू ओझा की तरफ पराजित करने वाले भाव से देखा और मूंछों पर ताव दी. फिर कहा, समझ रहे हैं न बाबा कि नीतीश कुमार ने काहे भोजपुरी बोलने की कोशिश की? जब से लालू यादव का ट्वीट- ए नीतीश तू थक गइल बाड़s, जा आराम करs- भायरल हुआ है तब से भोजपुरी का क्रेज बढ़ गया है. उ नेता लोग भी भोजपुरी बोलने लगा है जो पहिले हिन्दी और अंगरेजी बोलता था. सब लोग को इहे बुझा रहा है कि उहो भोजपुरी बोलेंगे तो भोटर में अच्छा मैसेज जाएगा. नीतीशो जी का मन लोभाईए गया. भोजपुरी भाव की भाषा है. मैथिली बोलने वाले, अंगिका बोलने वाले, मगही बोलने वाले या तिरहुतिया बोलने वाले सभी भोजपुरी को चाव से सुनते हैं. टोटल बिहार के लोग छठ पूजा के गीत भोजपुरिये में गाते हैं. चाहे उ मैथिली बोलने वाले हों, चाहे उ मगही बोलने वाले हों या फिर अंगिका बोलने वाले हों, सब भोजपुरी समझते हैं. भोजपुरी का जब इतना डिमांड हो तो फिर काहे न कोई बोले. भोजपुरी से कुच्छो भोट मिल जाए तो का दिक्कत.

कानून मंत्री रविशकंर की भोजपुरी

भोजपुरी की बात आयी तो अलघू ओझा नरम पड़ गये. उनको भभुआ में रविशंकर प्रसाद की चुनावी सभा याद आ गयी. केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर को न्यूज चैनलों पर या लोकसभा में फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते देखा और सुना है. ओझा बाबा को भी याद आ गया कि धुराझार अंगरेजी बोलने वाले रविशंकर ने कैसे भभुआ में भोजपुरी बोल के भाजपा उम्मीदवार रिंकी रानी पांडेय का चुनाव प्रचार किया था. अलगू ओझा बोले, पलटन सिंह, आप बात तो सहिये कह रहे हैं. हम भी सुने हैं कि कइसे मोदी के मंत्री रविशंकर टूटीफूटी भोजपुरी में चुनाव प्रचार किये थे. रविशंकर भभुआ की रैली में तेजस्वी पर गरदा उड़ा के बोले थे. बिना नाम लिये रविशंकर ने कहा था, आजकाल बिहार में बहुत ड्रामा होत बा. एगो जवान नेता (तेजस्वी) चलल बा बिहार के बदले. एक दिन पटना के होटलवा में प्रेस कांफ्रेस खातिर जात रहीं, त बीच रास्ता में आरजेडी के दफ्तर में देखनी कि कहीं पोस्टर में लालू-राबड़ी जी के तस्वीर नइखे. खाली बेटा के तस्वीर बा. बबुआ आपन बिरासत से काहे एतना सरमात बाड़s कि बाबूजी अ माई के फोटो पोस्टर पर न लगवलs. बोलते-बोलते अलगू ओझा रुके. फिर पलटन सिंह की तरफ देखा. जब इत्मिनान हो गया कि उनकी बात सटिक जा रही है तो आगे कहा, इतनो बात से रविशंकर प्रसाद को सबूर न हुआ तो लगे हाथ परिचय भी दे दिया. उन्होंने कहा, हम देश के कानून मंत्री बानी. आइटी मंत्री बानी. अउर मोदी जी के एगो सिपाही बानी. लालू जी के खिलाफ चारा घोटला के सीबीआइ जांच करावे के पटिशन देवे वाला रविशंकर हमही हईं. पलटन सिंह कुछ कहना चाहते थे कि उनका बेटा पहुंच गया. पलटन सिंह ने बेटे की तरफ सवालिया निगाहों से देखा तो उसने कहा, पप्पा, खेत जोता गया है, ट्रैक्टर वाले अंकल पइसा मांग रहे हैं. पलटन सिंह और अलगू ओझा उठे और खेत की तरफ चल दिये.
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