Bihar Election 2020: बिहार निर्वाचन विभाग ने शुक्रवार को बुलाई सभी दलों की बैठक, इस बात पर होगा मंथन

बिहार निर्वाचन आयोग शुक्रवार को करेगा 12 राजनीतिक दलों के साथ बैठक.
बिहार निर्वाचन आयोग शुक्रवार को करेगा 12 राजनीतिक दलों के साथ बैठक.

बिहार निर्वाचन आयोग (Bihar Election Department) ने विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से पहले सभी 12 राजनीतिक दलों की मीटिंग बुलाई है, जिसमें चुनावी खर्चे पर वर्कशॉप होगी.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 24, 2020, 11:31 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) की घोषणा से ठीक पहले बिहार निर्वाचन आयोग (Bihar Election Department) सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक करने जा रहा है. निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को होने वाली बैठक के लिए 12 राजनीतिक दलों (12 Political Parties) को शामिल होने का आमंत्रण भेजा है. जी हां, कल यानी शुक्रवार को शाम 4 बजे से निर्वाचन विभाग ने आठ राष्ट्रीय और चार क्षेत्रीय दलों को बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया है. इसमें राष्ट्रीय दलों के रूप में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, सीपीआई, सीपीआई मार्क्सवादी, एनसीपी और बहुजन समाज पार्टी जैसे दिल शामिल हैं. जबकि क्षेत्रीय दलों के रूप में आरजेड़ी, जेडीयू और लोजपा को आमंत्रण मिला है.

निर्वाचन आयोग चुनाव में खर्च का देगी प्रशिक्षण
निर्वाचन विभाग द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई राजनीतिक दलों की बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में किए जाने वाले खर्च पर खास फोकस होगा. इसके लिए निर्वाचन विभाग ने एक वर्कशॉप का आयोजन किया है, जहां सभी राजनीतिक दलों को चुनाव में कितना और कैसे पैसा खर्च करना है के साथ साथ इसका हिसाब कैसे देना है, जैसी सभी बातों की जानकारी दी जाएगी. चुनाव आयोग ने पहले ही घोषणा कर दी है कि कोई भी उम्‍मीदवार चुनाव में 28 लाख से ज्यादा खर्च नहीं कर सकता है. आपको बता दें कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा किये गए सभी खर्चों का हिसाब निर्वाचन विभाग को देना होता है.

एनडीए और महागठबंधन में खींचतान जारी
बिहार विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सभी राजनीतिक दल सीट बंटवारे की कवायद में जुट गए हैं. इसी वजह से न सिर्फ बिहार एनडीए बल्कि महागठबंधन में भी खींचतान मची हुई है. एक तरफ लोजपा ने जेडीयू और भाजपा को परेशानी में डाल दिया है, तो दूसरी तरफ सीटों को लेकर बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी महागठबंधन का साथ छोड़ जेडीयू के साथ हो चले हैं.



जबकि महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) कार्यकारिणी की बैठक के बाद रालोसपा का महागठबंधन से अलग होने का फैसला लगभग तय हो गया है. हालांकि गुरुवार की बैठक में अंतिम फैसला नहीं हुआ, लेकिन आगे का फैसला लेने के लिए पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) को अधिकृत किया गया. बताया जा रहा है कि रालोसपा की अगली रणनीति की कुशवाहा जल्द ही घोषणा करेंगे. बता दें कि महागठबंधन में हुई फजीहत के बाद उपेन्द्र कुशवाहा ने कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी जिसमें प्रदेश पदाधिकारियों के साथ सभी जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल हुए थे. बैठक में कुशवाहा ने गठबंधन के साथ सीटों को लेकर हुई फजीहत की बात भी पार्टी सदस्यों के सामने रखी. रालोसपा अध्यक्ष ने कहा कि तमाम कोशिशों के बाद भी पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलनी मुश्किल हो गयी हैं. आरजेडी और कांग्रेस दोनों के द्वारा ठगे जाने के बाद आगे का क्या रास्ता होगा इसकी घोषणा जल्द करेंगे.
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