बिहार चुनाव: सुशील मोदी की विपक्ष को खुली चुनौती, कहा- हिम्मत है तो...
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बिहार चुनाव: सुशील मोदी की विपक्ष को खुली चुनौती, कहा- हिम्मत है तो...
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी.

बिहार (Bihar) में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन चुनाव आयोग के साथ ही राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं.

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पटना. बिहार (Bihar) में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) को लेकर राजनीतिक पार्टियां पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी हैं. आए दिन विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. विपक्ष द्वारा विकास के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा जा रहा है तो सत्ता पक्ष भी 15 साल के लालू, राबड़ी शासन की याद दिला कर विपक्ष पर हमले कर रहा है, लेकिन इन सब के बीच अब उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने विपक्ष को बिजली सड़क पानी को चुनाव में मुद्दा बनाने की चुनौती दे डाली है.

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि 15 साल के एनडीए के शासन के बाद आज बिहार में 'बसपा' यानी बिजली, सड़क और पानी कोई मुद्दा नहीं है. अगर विपक्ष में हिम्मत है तो आगामी चुनाव में इसे मुद्दा बनाएं. घर-घर बिजली, गांव-गांव सड़क और पानी पहुंच चुका है. विगत के चुनावों में अक्सर विपक्ष इन्हीं मुद्दों पर हमलावर रहता था, लेकिन अगर विपक्ष में दम है तो इसबार इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाकर दिखाए विपक्ष.

घोटालों पर कसा तंज
सुशील मोदी ने कहा कि एनडीए के पहले 15 साल वालों के राज में अलकतरा घोटाला हुआ, जिसमें कई इंजीनियर्स सहित तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री तक को सजायफ्ता होकर जेल जाना पड़ा है. उस दौर में सड़कें बनती कम, मरम्मत ज्यादा होती थीं. 1990-91 से 2004-05 के दौरान सड़कों पर खर्च होने वाली राशि 6071.57 करोड़ का 60 प्रतिशत मरम्मत पर खर्च हुई थी. वहीं एनडीए के 15 साल के कार्यकाल में (2004-05 से 2019-20 तक) सड़कों पर 1 लाख 40 हजार करोड़़ रुपये खर्च हुए हैं.
ई-टेंडरिंग 2.0 वर्जन बिहार में जल्द होगा लागू


टेंडर व्यवस्था में भ्रष्टाचार ख़त्म करने के लिए बिहार में ई-टेंडरिंग 2.0 वर्जन शीघ्र लागू करने की तैयारी चल रही है, जिसमें बैंक गारंटी का ऑनलाइन सत्यापन, अलग-अलग विभागों की जगह एकीकृत निबंधन व अर्नेस्ट मनी स्वतः वापस होने की सुविधा रहेगी. भारत सरकार की तर्ज पर बिहार में भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर पाक और चीन की एजेंसियों को टेंडर में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी. सरकार के तरफ़ से दावा किया जा रहा है की ई-टेंडरिंग लागू होने से भ्रष्टाचार पर और लगाम लगेगा.
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