Bihar Election News: शुरुआती रुझानों में पीछे रहने के बाद पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने दर्ज की जीत

जीतन राम मांझी ने इमामगंज सीट से जीत दर्ज की है
जीतन राम मांझी ने इमामगंज सीट से जीत दर्ज की है

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) राजद (RJD) उम्मीदवार उदय नारायण चौधरी, बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) के पूर्व अध्यक्ष और दिग्गज दलित नेता के खिलाफ इमामगंज से चुनाव लड़े.

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पटना. बिहार विधानसभा में गया के इमामगंज सीट पर पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने जीत दर्ज की है. शुरुआती रुझानों में वो पीछे थे लेकिन बाद में उन्होंने बाजी मार ली है. राजद के उदय नारायण चौधरी इस सीट पर दूसरे नंबर रहे. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) राजद (RJD) उम्मीदवार उदय नारायण चौधरी, बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) के पूर्व अध्यक्ष और दिग्गज दलित नेता के खिलाफ इमामगंज से चुनाव लड़े थे. मांझी पिछले चुनाव में अपनी पार्टी से सीट जीतने वाले एकमात्र व्यक्ति थे. नीतिश कुमार की वापसी के लिए रास्ता बनाने के लिए मजबूर होने के बाद मांझी ने 2015 में जेडी (यू) छोड़ दिया था. बाद में उन्होंने एचएएम (एस) का गठन किया और एनडीए के घटक के रूप में 2015 के बिहार विधानसभा चुनावों में 21 सीटों पर चुनाव लड़ा.

जुलाई 2017 में नीतीश कुमार की एनडीए में वापसी के साथ वह विरोधी समूह के साथ हाथ मिलाने के लिए वहां से चले गए. अब बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए एचएएम ने फिर से एनडीए से हाथ मिला लिया. मांझी एनडीए के स्टार प्रचारक भी रहे. दलितों के मुद‌्दे पर जीतनराम मांझी को खुलकर अपना पक्ष रखने के लिए जाना जाता है, लेकिन बिहार में सीएम रहने के दौरान अपने गृह क्षेत्र में ज्यादा विकास कार्य नहीं करवाने के कारण वे विरोधियों के निशाने पर भी रहे

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पूर्व सीएम
मांझी को बिहार में भी एक साल तक फरवरी 2015 तक जद (यू) के समर्थन से सीएम बनाया गया था. उन्होंने 1980 में कांग्रेस से राजनीति में प्रवेश किया और गया जिले के फतेहपुर से विधानसभा सीट जीती. मांझी को राज्य में एक मजबूत महादलित चेहरा माना जाता है. एनडीए में उनका प्रवेश विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा गया.
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