कांग्रेस नेता बोले- बिहार में ओवैसी की एंट्री शुभ संकेत नहीं, महागठबंधन किसी कीमत पर न ले AIMIM का समर्थन

तारिक अनवर और असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)
तारिक अनवर और असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की AIMIM ने इस चुनाव में 20 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे जिनमें से 5 सीटों- कोचाधामन, बहादुरगंज, जोकीहाट, अमौर और बायसी पर उनके प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 12:47 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों (Bihar Assembly election result ) में बहुमत से महज 12 सीटें दूर रहने पर महागठबंधन (Mahagathbandhan) ने अभी सरकार बनाने की आस नहीं छोड़ी है. वह अपने पुराने सहयोगी जीतन राम मांझी की हम और मुकेश सहनी की वीआईपी (HAM and VIP) पर डोरे डाल रहा है. इसके साथ ही उसे भरोसा है कि ओवैसी की AIMIM का भी उसे सपोर्ट मिल जाएगा. अब इस कवायद पर कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद तारिक अनवर (Former MP Tariq Anwar) का बड़ा बयान आया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि बिहार में AIMIM का उभार शुभ संकेत नहीं है और महागठबंधन को कतई उनका समर्थन नहीं लेना चाहिए.


तारिक अनवर ने इसको लेकर एक ट्वीट भी किया है जिसमें उन्होंने लिखा, 'हमें सच को स्वीकार करना चाहिए. कांग्रेस के कमज़ोर प्रदर्शन के कारण महागठबंधन की सरकार से बिहार महरूम रह गया. कांग्रेस को इस विषय पर आत्म चिंतन ज़रूर करना चाहिए कि उस से कहां चूक हुई ? MIM की बिहार में एंट्री शुभ संकेत नहीं है.'


बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों से एक बात साफ हो गई है कि चिराग पासवान ने जहां एनडीए को काफी नुकसान पहुंचाया, वहीं असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने महागठबंधन को. ओवैसी ने इस चुनाव में 20 सीटों पर AIMIM के उम्मीदवार उतारे जिनमें से 5 सीटों- कोचाधामन, बहादुरगंज, जोकीहाट, अमौर और बायसी पर उनके प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है.

यहां यह बता दें कि पिछली बार कोचाधामन और जोकीहाट में जदयू, बहादुरगंज और आमौर में कांग्रेस और बायसी में राजद जीती थी. वर्ष 2015 में जदयू भी महागठबंधन का हिस्सा था, तो कह सकते हैं कि तब ये सभी 5 सीटें महागठबंधन के पास थीं. इसके अलावा रानीगंज सीट पर महागठबंधन के उम्मीदवार की हार का अंतर मात्र 2,304 था. जबकि, यहां AIMIM को 2,412 वोट मिले. यानी कुल मिलाकर ओवैसी की पार्टी ने महागठबंधन को 6 सीट का नुकसान पहुंचाया.



तारिक अनवर ने यह भी कहा कि महागठबंधन की सरकार कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के कारण नहीं बन पाई है. उन्होंने इसको लेटर ट्वीट किया जिसमें लिखा, बिहार चुनाव : भले ही भाजपा गठबंधन येन केन प्रकारेण चुनाव जीत गया, परंतु सही में देखा जाए तो ‘बिहार’ चुनाव हार गया. क्योंकि इस बार बिहार परिवर्तन चाहता था. 15 वर्षों की निकम्मी सरकार से छुटकारा-बदहाली से निजात चाहता था.

तारिक ने सीधे-सीधे उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाया और कहा कि बिहार में कांग्रेस की हार का सबसे बड़ा कारण उम्मीदवारों के चयन में हुई गलतियां हैं. पूर्व सांसद ने कहा कि प्रचार और कमान संभालने में चूक भी हार की बड़ी वजह है, यही कारण है कि पार्टी में फिलहाल बड़े बदलाव की जरूरत है. तारिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वो आलाकमान के सामने पार्टी के अंदर हो रही सारी चीजों को रखेंगे.

उन्होंने कहा कि बिहार में हमें 70 सीटें मिली थी लेकिन हम पिछले साल के भी प्रदर्शन को जारी नहीं कर सके और नतीजा ये हुआ कि हम काफी कम सीटें जीत सके, जो कि काफी निराशाजनक है. तारिक अनवर ने एक और ट्वीट किया जिसमें लिखा, 'भाजपा की मेहरबानी रही तो नीतीश जी इस बार अंतिम रूप से मुख्य मंत्री का शपथ लेंगे-देखते हैं ‘बकरे की मां' कब तक खैर मनाएंगी.'
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