बिहार चुनाव रिजल्‍ट: NDA की सीटें बढ़ीं, लेकिन मत प्रतिशत 2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले घटा, ये रहे आंकड़ें

बिहार चुनावों में लोजपा अकेले उतरी तथा उसे छह फीसदी से भी कम मत मिले. (फाइल फोटो)
बिहार चुनावों में लोजपा अकेले उतरी तथा उसे छह फीसदी से भी कम मत मिले. (फाइल फोटो)

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 125 सीटें, महागठबंधन को 110 सीटें, एलजेपी को 1 जबकि अन्य के खाते में 7 सीटें गई हैं.

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नई दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में अपने प्रदर्शन के बल पर भाजपा करीब दो दशक के बाद राजग (NDA) में जदयू को पीछे छोड़ वरिष्ठ सहयोगी बनी है. ऐसा लगता है कि भाजपा राज्य में अंतत: अपने सहयोगियों की परछाई से बाहर निकल पाई है लेकिन गठबंधन के नए गणित को देखें तो 2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले राजग का मत प्रतिशत (Vote Percentage) घटा है.लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (लोजपा समेत) को 40 में से 39 सीटें और 53 फीसदी से अधिक मत मिले थे. वहीं, बिहार चुनावों में लोजपा अकेले उतरी तथा उसे छह फीसदी से भी कम मत मिले. हालांकि, अब हम और वीआईपी राजग का हिस्सा बन गए.



निर्वाचन आयोग के ताजे आंकड़ों के मुताबिक, राजग (भाजपा, जदयू, हम और वीआईपी) का सम्मिलित मत प्रतिशत 40 फीसद से कम है. वहीं, राजद नीत महागठबंधन को करीब 37 फीसदी मत मिले. लोकसभा चुनाव में जदयू का मत प्रतिशत 21.81 था, जबकि विधानसभा चुनाव में महज 15 फीसदी रहा. भाजपा का मत प्रतिशत आम चुनाव में 23.58 फीसदी था और विधानसभा चुनाव में करीब 20 फीसदी रहा.




चुनाव के दिन जो हुआ वह आज सबके सामने है
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे देर रात तक चली तमगणना के बाद मंगलवार को जारी कर दिए गए. बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 125 सीटें, महागठबंधन को 110 सीटें, एलजेपी को 1 जबकि अन्य के खाते में 7 सीटें गई हैं. बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार ने साबित कर दिया कि उनका सुशासन बिहार की जनता की पहली पसंद है और वहां के लोग अभी भी उनपर भरोसा करते हैं. हालांकि इस चुनाव को पूरी तरह से नीतीश कुमार के पक्ष में करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से बिहार में चुनावी रैलियां की उसके बाद से एनडीए पर बिहार की जनता का भरोसा बढ़ गया. प्रधानमंत्री ने लोगों को आगाह किया कि उनका वोट एक बार फिर बिहार में जंगलराज ला सकता है. प्रधानमंत्री की यही बात शायद बिहार की जनता के दिल में घर कर गई. इसके बाद चुनाव के दिन जो हुआ वह आज सबके सामने है.

महागठबंधन के खाते में 110 सीटें गई हैं
यदि बिहार के चुनाव नतीजों पर गौर करें तो एनडीए में बीजेपी के खाते में सबसे ज्यादा सीटें गई हैं. बिहार के चुनाव में बीजेपी को 74 सीटें हासिल हुई हैं. वहीं जनता दल यूनाइटेड के खाते में 43 सीटें गई हैं. इस बार के चुनाव में वीआईपी को 4 और  हम को 4 सीटें मिली हैं. इस बार के बिहार विधान सभा चुनाव में महागठबंधन से बीजेपी को कड़ी टक्कर मिली है. वहीं, महागठबंधन के खाते में 110 सीटें गई हैं. महागठबंधन में आरजेडी के खाते में 75 सीटें जबकि कांग्रेस को 19 सीटें मिली हैं. इस गठबंधन की अन्य पार्टियों में सीपीआईएमएल को 12 सीटें जबकि सीपीएम को 2 सीटें मिली हैं. बिहार चुनाव में सीपीआई के खाते में मात्र 2 सीटें गई हैं. इस चुनाव में सबसे खराब स्थिति एलजेपी की रही. चिराग पासवान के नेतृत्व में इस बार ​का चुनाव लड़ रही एलजेपी को केवल 1 सीटें मिली है.

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