बिहार चुनाव परिणाम 2020: 'मुझे नीतीश चाहिए', पीएम मोदी की इस अपील ने बदल दिया पूरा गेम!

पीएम मोदी  (फाइल फोटो)
पीएम मोदी (फाइल फोटो)

फर्स्ट फेज के चुनाव में जहां महागठबंधन (Mahagathbandhan) भारी रहा, वहीं दूसरे चरण में एनडीए (NDA) ने मामला पलटा. तीसरे चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने स्थिति देख बिहार की जनता को संबोधित करते हुए एक चिट्ठी लिख डाली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 7:09 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के मद्देनजर दो बातें साफ तौर पर स्थापित हुई. पहला यह कि महागठबंधन (Grand Alliance) की ओर से सीधे सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को निशाना बनाया गया, दूसरा यह कि भाजपा की पूरी लीडरशिप ने बार-बार साफ किया कि बीजेपी की सीटें कम हो या ज्यादा नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार में नयी सरकार बनेगी. हालांकि चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आए बिहार में सीएम नीतीश के खिलाफ एक माहौल बनाने में कामयाब होता गया. पहले फेज के चुनाव में इसका असर भी दिखा और भोजपुर और मगध क्षेत्र की अधिकतर सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार आगे रहे. फिर आया दूसरा और तीसरा चरण जब पीएम मोदी (PM Modi) ने चंपारण, सीमांचल और मिथिलांचल में चुनावी रैलियां कीं. इस दौरान पीएम मोदी ने साफ कहा कि हमें बिहार में सीएम नीतीश (CM Nitish) ही चाहिए. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि पीएम मोदी की बार-बार की अपील ने चुनावी फिजा ही बदल दी और एनडीए (NDA) के पक्ष में रुख फिर से मुड़ गया.

दूसरे चरण में जहां एनडीए ने मामला पलटा, वहीं  तीसरे चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार की जनता को संबोधित करते हुए एक चिट्ठी लिख डाली. इसमें प्रधानमंत्री ने एनडीए पर भरोसा बनाए रखने और राज्य के विकास के लिए नीतीश सरकार को चुनने की अपील की.





प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह नवंबर को बिहार के लोगों को संबोधित करते हुए जो पत्र लिखा है, उसका मजमून कुछ इस प्रकार था
मेरे प्रिय बिहार के भाइयो और बहनों,
सादर प्रणाम!
आज इस पत्र के माध्यम से आपसे बिहार के विकास, विकास के लिए एनडीए पर विश्वास और विश्वास बनाए रखने के लिए एनडीए के संकल्प के बारे में बात करना चाहता हूं. युवा हों या बुजुर्ग, गरीब हों या किसान, हर वर्ग के लोग जिस प्रकार आशीर्वाद देने के लिए सामने आ रहे हैं, वह एक आधुनिक और नए बिहार की तस्वीर दिखाता है.

बिहार में लोकतंत्र के महापर्व के दौरान मतदाताओं के जोश ने हम सबको और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने को प्रेरित किया है. बिहार में लोकतंत्र की पहली कोपल फूटी, ज्ञान-विज्ञान, शास्त्र अर्थशास्त्र, हर प्रकार से बिहार संपन्न रहा है। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र पर चलते हुए एनडीए सरकार बिहार के गौरवशाली अतीत को फिर स्थापित करने के लिए कटिबद्ध है, प्रतिबद्ध है.


पीएम मोदी ने बिहार के जनता को इसके लिए धन्यवाद दिया कि चुनाव में विकास के मुद्दा ही विमर्श में रहा. उन्होंने आगे लिखा,

साथियो, यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि बिहार चुनाव का पूरा फोकस विकास पर केंद्रित रहा. एनडीए सरकार ने पिछले वर्षों में जो कार्य किए, उसका हमने न केवल रिपोर्ट कार्ड पेश किया, बल्कि जनता-जनार्दन के सामने आगे का विजन भी रखा. लोगों को भरोसा है कि बिहार का विकास एनडीए सरकार ही कर सकती है.


पीएम मोदी ने पिछले किए विकास और आने वाली योजनाओं का जिक्र करते हुए लोगों से आगे अपील की कि बिहार में इसी सरकार को जारी रखा जाए.

साथियो, बिहार में वोट पड़ रहा है- जात-पात पर नहीं, विकास पर झूठे वादों पर नहीं, पक्के इरादों पर कुशासन पर नहीं, सुशासन पर भ्रष्टाचार पर नहीं, ईमानदारी पर अवसरवादिता पर नहीं, आत्मनिर्भरता के विजन पर मैं बिहार के विकास को लेकर बहुत आश्वस्त हूं.  बिहार के विकास में कोई कमी न आए, विकास की योजनाएं अटकें नहीं, भटकें नहीं, इसलिए मुझे बिहार में नीतीश सरकार की जरूरत है. मुझे विश्वास है, डबल इंजन की ताकत, इस दशक में बिहार को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाएगी. जय बिहार, जय भारत!


बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने चार दिनों में अलग-अलग स्थानों पर 12 चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया.  उनकी कुल 12 सभाओं में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) छह जगह साथ रहे और पीएम मोदी (PM Modi) ने हर सभा में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार के लिए वोट मांगे.

पीएम मोदी की चार दौरों में 12 चुनावी सभाओं में 110 सीटों को कवर किया गया था. चुनावी रुझानों और परिणामों के मुताबिक पीएम मोदी के प्रचार का बड़ा असर दिखा है और जिन 110 सीटों पर उन्होंने प्रचार किाय वहां की 64 सीटों पर एनडीए या तो जीत चुका है या आगे चल रहा है.

हालांकि अंतिम चुनाव परिणाम का इंतजार जब तक आ जाए किसी की जीत सुनिश्चित नहीं की जा सकती है, लेकिन यह साफ है कि पीएम मोदी की अपील ने चुनावी माहौल बदल दिया और एनडीए के लिए सम्मानजनक स्थान बरकरार रखा.
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