बिहार चुनाव: 'कांग्रेस बोल रही अलगाववादियों की भाषा, जिन्ना की तारीफ करने वालों को दिया टिकट'

हुसैन ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि नीतीश कुमार की अगुवाई में अपार बहुमत से राजग विधासभा चुनाव जीतेगा. (फाइल फोटो)
हुसैन ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि नीतीश कुमार की अगुवाई में अपार बहुमत से राजग विधासभा चुनाव जीतेगा. (फाइल फोटो)

शाहनवाज हुसैन (Syed Shahnawaz Hussain) ने कहा कि कांग्रेस के लोग यह बताएं कि बिहार में जब वे जनता के बीच जायेंगे तब क्या उनके गठबंधन के एजेंडे में अनुच्छेद 370 को फिर से लाने की बात है ?

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पटना. भाजपा के वरिष्ठ नेता सैयद शाहनवाज हुसैन (Syed Shahnawaz Hussain) ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस मोहम्मद अली जिन्ना (Mohammad Ali Jinnah) को समर्थन देने वालों को टिकट देकर और अनुच्छेद 370 को बहाल करने की बात करके अलगाववादियों की भाषा (Separatist Language) बोल रही है. हुसैन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ कांग्रेस अलगाववादियों की भाषा बोल रही है. यह शर्मनाक है. कभी वह (कांग्रेस) जिन्ना की तारीफ करने वालों और उनकी तस्वीर पर गर्व करने वालों को टिकट देती है, तो कभी अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करने की बात करती है. ’’

उन्होंने कहा कि देश और बिहार की जनता, जिन्ना की तारीफ करने वाले को टिकट देने और अनुच्छेद-370 की बहाली की वकालत को लेकर कांग्रेस पार्टी को कभी क्षमा नहीं करेंगे. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा ‘‘ कांग्रेस के लोग यह बताएं कि बिहार में जब वे जनता के बीच जायेंगे तब क्या उनके गठबंधन के एजेंडे में अनुच्छेद 370 को फिर से लाने की बात है ? उन्हें बिहार की जनता को यह बताना होगा.’’ उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत अनुच्छेद 370 की वापसी नहीं करा सकती है. हुसैन ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि नीतीश कुमार की अगुवाई में अपार बहुमत से राजग विधासभा चुनाव जीतेगा.

 पी चिदंबरम ने हाल ही में ट्वीट किया था
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने हाल ही में ट्वीट किया था कि 'जम्मू-कश्मीर की मुख्यधारा की क्षेत्रीय पार्टियों का जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लोगों के अधिकारों को बहाल करने के लिए संवैधानिक लड़ाई लड़ने के वास्ते एक साथ आना ऐसा घटनाक्रम है, जिसका सभी लोगों द्वारा स्वागत किया जाना चाहिए. चिदंबरम ने कहा था कि मोदी सरकार द्वारा 5 अगस्त, 2019 को लिए गए मनमाने और असंवैधानिक फैसलों को रद्द किया जाना चाहिए. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले, संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटा दिए थे और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था.
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