मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बिहार में ताबड़तोड़ सभाएं, अगले दो दिन में करेंगे 6 चुनावी रैलियां

सीएम योगी आदित्यनाथ मंगलवार से बिहार में प्रचार की शुरुआत करेंगे. (फाइल फोटो)
सीएम योगी आदित्यनाथ मंगलवार से बिहार में प्रचार की शुरुआत करेंगे. (फाइल फोटो)

योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Elections) में बीजेपी के स्‍टार प्रचारक हैं. वे एकलौते मुख्यमंत्री है, जिन्हें पार्टी ने प्रचार मैदान में उतारा है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) बिहार में पहले चरण के चुनाव (Bihar Elections) के लिए छह दिन में 18 रैलियां करेंगे. मंगलवार, 20 अक्टूबर को बिहार के कैमूर से वे चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे. मुख्यमंत्री की पहली जनसभा कैमूर के रामगढ़ विधानसभा में सुबह 11 बजे होगी. जहां से वे दोपहर 12 बजे अरवल के लिए रवाना होंगे. 1 बजे अरवल विधानसभा में जनसभा करेंगे. दोपहर 2 बजे रोहतास के काराकाट सीएम योगी की तीसरी जनसभा होगी. शाम 4 बजे पटना एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे.

21 अक्टूबर को भी सीएम योगी आदित्यनाथ बिहार में 3 जनसभाएं करेंगे. पहली बड़ी जनसभा सुबह 11 बजे जमुई में होगी. जमुई सीट से इंटरनेशनल शूटर श्रेयसी सिंह को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है. वह बिहार के दिग्गज नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद पुतुल सिंह की बेटी हैं. जमुई के बाद मुख्यमंत्री भोजपुर के तरारी दोपहर 1 बजे जनसभा करेंगे. तीसरी जनसभा राजधानी पटना के पालीगंज विधानसभा में दोपहर 2.30 बजे होगी. शाम साढ़े 4 बजे मुख्यमंत्री पटना से लखनऊ लौट जाएंगे.

योगी आदित्यनाथ बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के स्‍टार प्रचारक हैं. बिहार में उनके चाहने वालों की बड़ी संख्‍या को देखते हुए उन्‍हें चुनाव प्रचार में उतारा गया है. वे बिहार चुनाव में बीजेपी के स्‍टार प्रचारकों में शामिल पार्टी के एकमात्र मुख्‍यमंत्री हैं.



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोरोना काल में दिल्ली-यूपी सीमा पर फंसे करीब 30 लाख प्रवासी कामगारों को योगी आदित्‍यनाथ ने ही सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया था, जिनमें बिहार के लोग भी बड़ी संख्या में थे.
उत्तर प्रदेश के देवरिया से लेकर कुशीनगर तक सीमा पार बिहार के सिवान, छपरा, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण जैसे जिले गोरखपुर से कई मामलों में जुड़े हुए हैं. सीमावर्ती बिहार के छात्र गोरखपुर में पढ़ाई करते हैं तो वहां के लोगों के लिए इलाज और कारोबार का भी बड़ा केंद्र गोरखपुर ही है.

इसके साथ ही गोरक्षपीठ से भी बिहार के लोगों का आध्यात्मिक जुड़ाव रहा है. इन कारणों से योगी आदित्‍यनाथ का बिहार के खास इलाकों में बड़ा प्रभाव है. अपनी प्रखर हिंदुत्ववादी छवि की वजह से तो उन्‍हें अन्‍य जिलों में भी पसंद किया जाता है. योगी आदित्‍यनाथ के प्रभाव को बीजेपी वोटों में तब्‍दील कराना चाहती है.
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