• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • बिहार सरकार का दावा, चमकी बुखार पर नियंत्रण पाने में मिली बड़ी कामयाबी, इस साल महज 12 की मौत

बिहार सरकार का दावा, चमकी बुखार पर नियंत्रण पाने में मिली बड़ी कामयाबी, इस साल महज 12 की मौत

बिहार सरकार ने दावा किया है कि इस वर्ष चमकी बुखार से महज 12 मौतें हुईं.

बिहार सरकार ने दावा किया है कि इस वर्ष चमकी बुखार से महज 12 मौतें हुईं.

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Deputy Chief Minister Sushil Kumar Modi) के मुताबिक इस साल जानलेवा चमकी बुखार पर नियंत्रण पाने में काफी हद तक सफलता मिली है.

  • Share this:
पटना. चमकी बुखार यानी Acute Encephalitis Syndrome को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा दावा किया है. सरकार के मुताबिक व्यापक तैयारी और जन जागरूकता के जरिए बच्चों की जानलेवा बीमारी चमकी बुखार (AES)  पर नियंत्रण पाने में इस साल बड़ी कामयाबी मिली है. पिछले वर्ष 30 जून तक जहां 164 बच्चों की मृत्यु इस बीमारी से से हुई थी, वहीं इस साल अब तक केवल 12 बच्चे इसके शिकार हुए हैं. मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में पिछले साल इसी अवधि में 653 बच्चे इलाज के लिए भर्ती हुए थे जबकि इस साल यह संख्या 95 तक सीमित है.

बिहार सरकार ने पर्याप्त व्यवस्था की
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के मुताबिक चमकी बुखार से पिछले साल हुई बच्चों की मौत के बाद रिकार्ड समय में एसकेएमसीएच में 72 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय 100 बेड के पिकू वार्ड (PICU WARD) का निर्माण किया गया, जिससे इस साल बच्चों को त्वरित इलाज में काफी सुविधा मिली है. इसके साथ ही उत्तर बिहार के चमकी बुखार प्रभावित 11 जिलों में 406 एम्बुलेंस की प्रतिनियुक्ति की गई ताकि जरूरत पड़ने पर बिना समय गंवाए मुफ्त में बच्चों को अस्पताल तक पहुंचाया जा सके.

प्रभावित इलाकों में जागरूकता
सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के बाद चमकी बुखार से मुजफ्फरपुर के सर्वाधिक प्रभावित पांच प्रंखडों मुसहरी, मीनापुर, मोतीपुर,कांटी और बोचहा के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर डाॅक्टर की तैनाती, पर्याप्त दवा व उपकरण आदि की व्यवस्था के साथ ही प्रत्येक परिवार को राशनकार्ड, नए आंगनबाड़ी केन्द्र और बच्चों के स्कूल में नामांकन आदि का अभियान चलाया गया.

जागरूकता अभियान नतीजा बेहतर
सुशील मोदी ने कहा कि इसके अलावा मुजफ्फरपुर के चमकी बुखार प्रभावित सभी प्रखंडों में जन जागरूकता के लिए एक-एक अधिकारी को तैनात किया गया. आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर घर-घर जाकर लोगों को सफाई और रात में बच्चों को भरपेट खाना खिला कर सुलाने के लिए जागरूक किया गया. इन सारे प्रयासों का सम्मिलित नतीजा रहा कि इस साल जानलेवा चमकी बुखार पर नियंत्रण पाने में काफी हद तक सफलता मिली है.

पिछले साल 150 से अधिक बच्चों की हुई थाी मौत
बता दें कि पिछले वर्ष प्रदेश भर में 150 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी. इनमें सबसे अधिक मुजफ्फरपुर जिले के बच्चे प्रभावित हुए थे और यहां करीब 95 बच्चों की मौत हुई थी. इसके बाद से ही राज्य सरकार ने कई कदम उठाए थे. इसी के तहत मुजफ्फपुर में  72 करोड़ की लागत से बना देश का पहला एक सौ बेड के शिशु गहन चिकित्सा यूनिट  (Pediatric intensive care unit) और 60 बेड का इंसेफ्लाइटिस वार्ड बनाया गया.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज