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नवजातों की देखभाल करेगी बिहार सरकार, हर जिले के अस्पतालों में बनेगा न्यू बॉर्न केयर यूनिट

Neel kamal | News18 Bihar
Updated: November 14, 2019, 6:33 PM IST
नवजातों की देखभाल करेगी बिहार सरकार, हर जिले के अस्पतालों में बनेगा न्यू बॉर्न केयर यूनिट
बिहार के हर जिले में अलग-अलग अस्पतालों में न्यू बॉर्न केयर यूनिट बनेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बिहार (Bihar) में बाल मृत्युदर (Child Mortality Rate) कम करने के लिए सरकार ने 'चाइल्ड बजट' (Child Budget) का दायरा बढ़ाया. जन्म के बाद नवजातों (New Born child) की गंभीरतापूर्वक देखभाल के लिए प्रदेश के सभी जिलों के विभिन्न अस्पतालों में न्यू बॉर्न केयर यूनिट (New Born Care Unit) बनाने का फैसला.

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पटना. असम और केरल के बाद बिहार (Bihar) देश के उन तीन राज्यों में शामिल है, जहां बच्चों के विकास के लिए बजट तैयार करने का प्रावधान है. बिहार सरकार के आठ विभाग वर्ष 2013-14 से ही चाइल्ड बजट (Child Budget) तैयार कर रहे हैं. अब इस दायरे को बढ़ाया जा रहा है. बाल दिवस के मौके पर बिहार के डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी (Deputy CM Sushil Kumar Modi) की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में 'चाइल्ड बजट' को लेकर एक बैठक की, जिसमें यह फैसला किया गया. बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार के 16 विभाग अब चाइल्ड बजट तैयार कराएंगे. अब इस बजट निर्माण का मानक भी तैयार किया जा रहा है. बैठक में डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि प्रदेश में बाल मृत्युदर (Child Mortality Rate) के आंकड़े को कम करने के लिए सरकार ने हर जिले के विभिन्न अस्पतालों में नवजातों की देखभाल के लिए न्यू बॉर्न केयर यूनिट (New Born Care Unit) के निर्माण का फैसला लिया है.

मृत्युदर घटाना और कुपोषण दूर करने का लक्ष्य
डिप्टी सीएम की बैठक में सरकार के विभिन्न विभागों के अलावा बाल अधिकार के लिए कार्यरत अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनिसेफ और आद्री के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. वहीं स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण और वित्त विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक में बताया गया कि 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में 4 करोड़ 98 लाख बच्चे 18 साल से कम उम्र के हैं. इनमें से 2 करोड़ 35 लाख लड़की और 2 करोड़ 63 लाख लड़के हैं. बैठक में कहा गया कि चाइल्ड बजट का मुख्य उद्देश्य मृत्यु दर कम करने के साथ कुपोषण से मुक्ति और बच्चों के लिए आवश्यकताओं को पूरा करना है. डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि चाइल्ड बजट स्वतंत्र नहीं, बल्कि बिहार बजट का ही हिस्सा है. जो विभाग विभिन्न कार्यक्रम के तहत 100 फीसदी खर्च बच्चों के ऊपर करते हैं, उसी का उल्लेख बजट में किया जाता है. इसके माध्यम से देखा जाता है कि किस विभाग को कितना पैसा दिया गया और उसने कितना खर्च किया. डिप्टी सीएम ने बताया कि स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग बच्चों के विकास के लिए सबसे ज्यादा काम करते हैं.

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने चाइल्ड बजट का दायरा बढ़ाने की जानकारी दी.


2019-20 में बच्चों के लिए 20 हजार करोड़ से अधिक राशि
बाल दिवस पर आयोजित विशेष बैठक में डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बताया कि पहले वित्त विभाग और अलग-अलग विभाग के सहयोग से चाइल्ड बजट पेश किया जा रहा था. लेकिन अब एसओपी यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर के माध्यम से मानक तैयार करेंगे. बैठक में उन्होंने चाइल्ड बजट के 2013-14 में निर्माण से लेकर अब तक इस मद में खर्च किए गए ब्योरे की जानकारी भी दी. उन्होंने बताया कि 2019-20 में चाइल्ड बजट के लिए 20 हजार 889 करोड़ का प्रावधान किया गया है. सुशील मोदी ने बैठक में आए लोगों को यह भी जानकारी दी कि अब हर जिले में अलग-अलग अस्पतालों के अंदर न्यू बॉर्न केयर यूनिट का निर्माण कराया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार सरकार इस चाइल्ड बजट के जरिए आने वाले समय में प्रदेश में बाल मृत्युदर के अनुपात को कम करने में सफल होगी. आपको बता दें कि बिहार में बाल मृत्युदर अभी प्रति हजार में 35 है.

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First published: November 14, 2019, 6:33 PM IST
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