MHA की गाइडलाइंस के बाद बिहार ने शुरू की लोगों को लाने की तैयारी, नियुक्त किए 19 नोडल अधिकारी
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MHA की गाइडलाइंस के बाद बिहार ने शुरू की लोगों को लाने की तैयारी, नियुक्त किए 19 नोडल अधिकारी
नीतीश कुमार ने लोगों से होम क्वारंटाइन में रहने वाले व्यक्तियों में कोरोनावायरस के तनिक भी लक्षण दिखने पर तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या निजी नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पर सूचना देने की अपील की है (फाइल फोटो)

गृह मंत्रालय की ओर से गाइडलाइंस जारी होने के बाद अब बिहार सरकार ने दूसरे राज्य में फंसे बिहार के लोगों और बिहार में फंसे दूसरे राज्यों के लोगों को निकालने के लिए तैयारी शुरू कर दी है.

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पटना. लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे लाखों प्रवासी लोगों के लिए गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने बुधवार को नई गाइडलाइंस जारी की थी. वहीं, केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइंस जारी होने के बाद अब बिहार सरकार (Bihar Government) ने दूसरे राज्य में फंसे बिहार के लोगों और बिहार में फंसे दूसरे राज्यों के लोगों को निकालने के लिए तैयारी शुरू कर दी है.

इसके लिए राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने 19 नोडल अफसरों की तैनाती की है. ये अधिकारी दूसरे राज्यों में फंसे हुए बिहार के छात्रों, मजदूरों आदि लोगों को वापस लाने की योजना पर काम करेंगे. साथ ही ये अधिकारी बिहार में फंसे दूसरे राज्यों के लोगों को निकालने पर भी काम करेंगे. आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के लिए पलका सहनी और शैलेंद्र कुमार, हरियाणा के लिए दिवेश सेहरा, राजस्थान के लिए प्रेम सिंह मीणा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए शैलेंद्र कुमार, पंजाब के लिए मानवजीत सिंह ढिल्लो,को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है.

क्या है MHA की नई गाइडलाइंस
गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन के मुताबिक अगर किसी राज्‍य में फंसा कोई व्‍यक्ति दूसरे राज्‍य में जाना चाह रहा है तो इसके लिए दोनों राज्‍यों की सरकारें आपस में बातचीत कर के उपयुक्‍त कदम उठाएं. लोगों को सड़क के रास्‍ते ले जाया जाए. लोगों को भेजने से पहले सभी की मेडिकल जांच (स्‍क्रीनिंग) की जाए. अगर कोरोना वायरस संक्रमण का कोई लक्षण नहीं पाया जाता है तो उन्‍हें जाने की अनुमति दी जाए. गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार फंसे लोगों को भेजने के लिए बसों की व्‍यवस्‍था की जाए. इन बसों को अच्‍छी तरह से सैनिटाइज किया जाए. साथ ही इसमें बैठने के दौरान सोशल डिस्‍टेंसिंग के नियम अपनाए जाएं.



घर पहुंचकर क्‍वारंटाइन होंगे लोग
गाइडलाइन के अनुसार लोगों के उनके गंतव्‍य स्‍थान पहुंचने पर सबसे पहले स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम को उनकी जांच करनी होगी. इसके बाद उन्‍हें घरों में पृथक (अलग) रहना होगा. हालात के अनुसार अगर जरूरत हो तो उन्‍हें क्‍वारंटाइन सेंटर में भी रखा जा सकता है. इन सभी लोगों की समय-समय पर मेडिकल जांच की जाएगी. इसके लिए लोगों को आरोग्‍य सेतू ऐप भी यूज करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाएगा. ताकि उनकी स्थिति के बारे में जानकारी मिलती रहे.

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