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पटना में जल-जमाव के 'जिम्मेदारों' पर गिरी गाज, एक IAS सहित तीन अधिकारी सस्पेंड
Patna News in Hindi

Sanjay Kumar | News18 Bihar
Updated: February 15, 2020, 9:08 AM IST
पटना में जल-जमाव के 'जिम्मेदारों' पर गिरी गाज, एक IAS सहित तीन अधिकारी सस्पेंड
सितंबर-अक्टूबर, 2019 में पटना में हुए जल-जमाव के दोषियों पर सरकार ने कार्रवाई की है (फाइल फोटो)

बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (बासा) ने जल-जमाव की जांच रिपोर्ट पर ही सवाल उठाए हैं. उसका मानना है कि जांच रिपोर्ट में सही तथ्य नहीं हैं. जल-जमाव की जिम्मेदारी निर्धारण के मसले पर पुनर्विचार होना चाहिए

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पटना. पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) में हुए भीषण जल जमाव (Water Logging) के लिए दोषी अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है. इस मामले में गठित उच्चस्तरीय जांच कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर 27 जिम्मेदार कर्मचारी और अधिकारी चिन्हित (पहचान) किए गए थे. बिहार सरकार (Bihar Government) ने शुक्रवार को फर्स्ट फेज में बड़ी कार्रवाई करते हुए बुडको (BUDCO) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और आईएएस अधिकारी अमरेंद्र प्रसाद सिंह को निलंबित (Suspend) कर दिया है. इस संबंध में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का आदेश पत्र जारी कर दिया गया है.

अमरेंद्र प्रसाद सिंह पर आरोप
अमरेंद्र प्रसाद सिंह समेत जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं. बुडको के तत्कालीन एमडी अमरेंद्र प्रसाद सिंह पर आरोप है कि उनके द्वारा पटना के विभिन्न इलाकों के संप हाउस की व्यवस्था की मॉनिटरिंग और संचालन की व्यवस्था की समीक्षा नहीं की गई. रख-रखाव और मरम्मत के कार्य की मॉनिटरिंग भी एमडी द्वारा नहीं की गई.

जांच में पाई गई अधिकारियों की लापरवाही

इसके अलावा ईओ वीरेंद्र तरूण (बांकीपुर अंचल), ईओ शैलेश कुमार (नूतन राजधानी अंचल) और मनीष कुमार (पाटलिपुत्र अंचल) पर भी कार्रवाई की गई है. इन अधिकारियों पर नालों की साफ-सफाई में खानापूर्ति करने का आरोप है. जांच के दौरान नालों में गाद भरा मिला था.

BAS के तीन अफसर निलंबित
मनीष कुमार नगर सेवा के अधिकारी हैं. जबकि, शेष तीन ईओ बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं. साथ ही ईओ बीरेंद्र तरूण (बांकीपुर अंचल) और ईओ शैलेश कुमार (नूतन राजधानी अंचल) नाम के दो अन्य अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है.बासा ने की न्यायिक जांच की मांग
वहीं बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (बासा) ने जल-जमाव की जांच रिपोर्ट पर ही सवाल उठाए हैं. बासा का मानना है कि जांच रिपोर्ट में सही तथ्य नहीं हैं. जल-जमाव की जिम्मेदारी निर्धारण के मसले पर पुनर्विचार होना चाहिए. बिहार सेवा के जिन अफसरों को दोषी बताया गया है उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका मिले. बासा ने जल-जमाव की न्यायिक जांच की मांग की है.

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First published: February 15, 2020, 7:27 AM IST
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