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बिहारः कर्मचारियों की सेहत की चिंता करेगी सरकार, हर जिले में खुलेगा ESI हॉस्पिटल

Brijam Pandey | News18 Bihar
Updated: December 13, 2019, 7:02 PM IST
बिहारः कर्मचारियों की सेहत की चिंता करेगी सरकार, हर जिले में खुलेगा ESI हॉस्पिटल
बिहार के श्रम संसाधन मंत्री विजय सिन्हा ने प्रदेश के सभी जिलों में ईएसआई हॉस्पिटल खोले जाने की घोषणा की.

बिहार सरकार (Bihar Government) निजी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों (Private Sector Employees) को बेहतर सुविधा देने वाली है. श्रम संसाधन विभाग (Labour Department) की तरफ से अब सभी जिलों में ईएसआई हॉस्पिटल (ESI Hospital) खोलने का फैसला लिया गया है.

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पटना. बिहार (Bihar) में निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को राज्य सरकार (Bihar Government) तोहफा देने वाली है. जी हां, सरकार अब प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों (Private Sector Employees) की सेहत को दुरुस्त रखने की ओर ध्यान दे रही है. दरअसल, राज्य सरकार की तरफ से कर्मचारियों को ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) की सुविधा मिलती है. ईएसआई अस्पतालों (ESI Hospital) में काफी कम पैसे पर कर्मचारियों का इलाज हो जाता है. लेकिन अभी यह सुविधा बिहार में मात्र 16 जिलों में थी. श्रम संसाधन (Labour Department) विभाग ने निर्णय लिया है कि अगले साल से प्रदेश के सभी 38 जिलों में ईएसआई का हॉस्पिटल खोला जाएगा. श्रम संसाधन मंत्री विजय सिन्हा (Vijay Sinha) ने कहा कि ईएसआई हॉस्पिटल पहले 16 जिलो में ही था, अब और 22 जिलों में इसकी सुविधा हो जाएगी. इससे कर्मचारियों को बहुत लाभ होगा.

लगेगा जागरूकता कैंप
बिहार के मंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि ईएसआई हॉस्पिटल खोलने को लेकर हर जिले में 3 महीना पर एक जागरूकता मेला लगाया जाएगा, जिसमें सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी. साथ ही ईएसआई से मिलने वाले लाभों के बारे में भी बताया जाएगा. इस मेले में नए निजी संस्थान रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. श्रम संसाधन विभाग की तरफ से यह सभी निजी क्षेत्रों के संस्थानों को सूचना दी गई है कि यदि वह अपने संस्थान में 10 से ज्यादा कर्मचारी रखते हैं, उन्हें ईएसआई में निबंधन कराना होगा. विभाग मानता है कि निजी संस्थानों के निबंधन कराने से कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी. मंत्री ने बताया कि हर जिले में ईएसआई हॉस्पिटल खोलने पर वहां के निजी क्षेत्र में कम आय पर काम करने वाले कर्मचारियों को सुविधा होगी. उन संस्थानों को भी राहत मिलेगी जिन्होंने अब तक ईएसआई में अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है.

अधिकारी पुराने रिकॉर्ड ना खंगाले

विभाग के तरफ से यह भी आदेश दिया गया है कि अधिकारी किसी भी संस्थान के पुराने रिकॉर्ड को ना खंगालें. नए तरीके से यदि कोई संस्थान रजिस्ट्रेशन कराना चाहता है तो उनका निबंधन किया जाए. यदि अधिकारी पुराने रिकॉर्ड को देखेंगे और उसकी शिकायत मिलेगी तो अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए विभाग की तरफ से वाट्सअप नंबर भी जारी किया जाएगा. मंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि अधिकारी इस काम में रोड़ा बनते हैं, लेकिन अब विभाग में इंस्पेक्टर राज नहीं चलेगा. नई और पुरानी निजी कंपनियों को यदि ईएसआई में रजिस्ट्रेशन चाहिए तो उन्हें रजिस्ट्रेशन नए तरीके से दिया जाएगा.

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First published: December 13, 2019, 7:02 PM IST
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