सेनारी जनसंहार केस: हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी बिहार सरकार

बिहार के महाधिवक्ता ललित किशोर ने कहा कि पटना हाईकोर्ट के फैसले पर हमने बिहार सरकार को अपनी राय दे दी है. (फाइल फोटो नीतीश कुमार)

बिहार के महाधिवक्ता ललित किशोर ने कहा कि पटना हाईकोर्ट के फैसले पर हमने बिहार सरकार को अपनी राय दे दी है. (फाइल फोटो नीतीश कुमार)

बिहार के महाधिवक्ता ललित किशोर ने कहा कि पटना हाईकोर्ट के फैसले पर हमने बिहार सरकार को अपनी राय दे दी है. हमने सरकार से सिफारिश की है कि इस निर्णय के खिलाफ वह सर्वोच्च न्यायालय में अपील करे.

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पटना. बहुचर्चित सेनारी जनसंहार (Senari massacre case) पर पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है. पटना हाईकोर्ट ने सेनारी जनसंहार मामले के 13 आरोपियों को बरी करते हुए तुरंत रिहा करने का आदेश दिया था. आपको बता दें कि इस जनसंहार में 34 लोगों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी.

इस फैसले के बाद बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि क्या 34 इंसानों की हत्या किसी ने नहीं की. सोशल मीडिया पर आई इस प्रतिक्रिया से ही यह इशारा मिलने लगा था कि इस फैसले के खिलाफ बिहार सरकार कोई फैसला ले सकती है. इस बीच बिहार के महाधिवक्ता ललित किशोर (Advocate General Lalit Kishore) ने कहा कि पटना हाईकोर्ट के फैसले पर हमने बिहार सरकार को अपनी राय दे दी है. हमने सरकार से सिफारिश की है कि इस निर्णय के खिलाफ वह सर्वोच्च न्यायालय में अपील करे. अब विधि विभाग इसकी समीक्षा करेगा. फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने के लिए दिल्ली में राज्य सरकार के वकील को भेजा जाएगा. सूत्र बताते हैं कि अगले हफ्ते बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट जा सकती है.

सुशील मोदी ने बिहार सरकार के निर्णय का स्वागत किया

सुशील मोदी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राजद को बताना चाहिए कि यह जनसंहार किसके कार्यकाल में हुआ था? सुशील मोदी ने ये भी कहा कि दरअसल राजद एक साथ रणवीर सेना और एमसीसी को संरक्षण व मदद देता था, ताकि समाज में जातीय तनाव पैदा कर वह अपनी राजनीतिक रोटी सेंकता रहे. रणवीर सेना व एमसीसी को सरकार का वरदहस्त था. दोनों को आपस में लड़ा कर राजद 15 साल तक राज करता रहा.
जेडीयू ने किया सरकार के फैसले का स्वागत

वही JDU के MLC और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने बिहार सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी को बधाई. सेनारी मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील का निर्णय स्वागत योग्य. सेनारी के मृतकों को न्याय मिलना चाहिए. आखिर इनका कोई तो कातिल होगा. लालु प्रसाद और राबड़ी देवी के शासनकाल में एक के बाद एक जनसंहार होते रहे पर सरकार कान में तेल डालकर सोई रही.

कांग्रेस चुप, राजद ने कहा - सरकार का बायस्ड रवैया



इस मामले में कांग्रेस MLC प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि इस फैसले पर फिलहाल कुछ नही कहूंगा. पार्टी का प्रदेश नेतृत्व इस मामले पर फैसला करेगा. वहीं राजद के शक्ति यादव ने कहा कि इसके पहले भी कई जनसंहार के फैसले आए थे. तब फैसले के खिलाफ बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गई. सेनारी मामले में अगर सरकार जा रही है तो जाए. सरकार इंसाफ के लिए कहीं भी जा सकती है. पर सरकार उन मामलों में भी सुप्रीम कोर्ट जाए, जिसके अभियुक्त छूटे थे. जैसे शंकर बिगहा और लक्ष्मणपुर बाथे का भी फैसला आया था. उस वक्त राज्य सरकार ने चुप्पी क्यों साध ली थी. आपका ये बायस्ड रवैया ही माना जाएगा. नीतीश सरकार ने अमीर दास आयोग को भंग कर बड़े जनसंहार के आरोपियों को बचा लिया था.

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