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Bihar को पूर्वी भारत का अगला IT Hub बनाने की तैयारी-संतोष कुमार मल्ल

Bihar को पूर्वी भारत का अगला IT Hub बनाने की तैयारी-संतोष कुमार मल्ल

नई द‍िल्‍ली के इंड‍िया हैब‍िटेट सेंटर में आयोज‍ित दो द‍िवसीय अमृत महोत्‍सव में बिहार सरकार का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग भी प्रत‍िभागी बन रहा है.

नई द‍िल्‍ली के इंड‍िया हैब‍िटेट सेंटर में आयोज‍ित दो द‍िवसीय अमृत महोत्‍सव में बिहार सरकार का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग भी प्रत‍िभागी बन रहा है.

Digital India: ब‍िहार सरकार में आईटी सच‍िव संतोष कुमार मल्ल (आईएएस) ने कहा क‍ि बिहार जीडीपी विकास दर के मामले में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक है. उन्‍होंने कहा क‍ि बिहार को पूर्वी भारत का अगला आईटी हब बनाने के लिए प्रयास क‍िया जा रहा है. बिहार के युवा और प्रतिभाशाली कार्यबल के लिए रोजगार के ढेर सारे अवसर पैदा करने के लिए लक्ष्‍य है.

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    नई दिल्ली. भारत सरकार (GoI) के इलेक्‍ट्रोन‍िक्‍स एवं सूचना प्रौद्योग‍िकी मंत्रालय ( MEITY) द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव समारोह आयोज‍ित कर रही है. नई द‍िल्‍ली के इंड‍िया हैब‍िटेट सेंटर में आयोज‍ित दो द‍िवसीय अमृत महोत्‍सव में बिहार सरकार (Bihar Government) का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (DIT) भी प्रत‍िभागी बन रहा है. 29 और 30 नवंबर को आयोज‍ित हो रहे इस समारोह में डीआईटी की ओर एक आईटी सक्षम स्‍टॉल पर स्‍थाप‍ित क‍िया गया है जहां पर डिजिटल कियोस्क, क्यूआर कोड और बहुत कुछ तकनीकी जानकारियों से लैस क‍िया गया है.

    डीआईटी की ओर से इस आयोजन में भाग लेने के पीछे व्यापक विचार ई-गवर्नेंस और सुशासन के संबंध में उपलब्धियों को प्रदर्शित करना है, जो बिहार में आईटी क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण कारक रहा है.

    ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की बात करें तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा उच्च लक्ष्य निर्धारित किए हैं. उनके दूरदर्शी नेतृत्व में, मंत्री जिबेश कुमार की अध्यक्षता में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (DIT) ई-गवर्नेंस के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए दौड़ रहा है. विभाग के सचिव संतोष कुमार मल्ल (IAS) बिहार के डिजिटल परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. राज्य का विजन भी देश के डिजिटल इंडिया (Digital India) के उद्देश्य के अनुरूप है.

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    ब‍िहार सरकार में आईटी सच‍िव संतोष कुमार मल्ल (IAS) ने इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ई-गवर्नेंस और सुशासन के बिहार के दृष्टिकोण के साथ-साथ ई-गवर्नेंस ने निवेशकों के लिए आईटी क्षेत्र में निवेश करने के लिए नए दरवाजे कैसे खोले हैं, के बारे में बात की. सचिव ने आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए एमईआईटीवाई को बधाई दी.

    उन्होंने बिहार राज्य में ई-गवर्नेंस और निवेश के अवसरों की पहल पर भी चर्चा की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के त्रुटिहीन मार्गदर्शन में, बिहार ने विकास के सभी क्षेत्रों में जबरदस्त विकास दिखाया है. वास्तव में, बिहार जीडीपी विकास दर के मामले में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक है. उन्‍होंने कहा क‍ि बिहार को पूर्वी भारत का अगला आईटी हब बनाने के लिए प्रयास क‍िया जा रहा है. बिहार के युवा और प्रतिभाशाली कार्यबल के लिए रोजगार के ढेर सारे अवसर पैदा करने के लिए लक्ष्‍य है.

    महामारी के दौरान, डिजिटल अपनाने ने सभी स्तरों पर एक बड़ी छलांग लगाई है, चाहे वह व्यक्तिगत हो, संगठनात्मक हो या उद्योग स्तर पर. चूंकि इस साल की शुरुआत में COVID-19 महामारी फैल गई थी. इसलिए दुनिया का अधिकांश हिस्सा ऑनलाइन हो गया, जिससे दशकों से चल रहे डिजिटल परिवर्तन में तेजी आई. घर पर इंटरनेट एक्सेस वाले बच्चे दूरस्थ रूप से कक्षाओं में भाग लेने लगे. कई कर्मचारियों ने घर से काम करना शुरू कर दिया और कई फर्मों ने संचालन को बनाए रखने और कुछ राजस्व प्रवाह को संरक्षित करने के लिए डिजिटल बिजनेस मॉडल को अपनाया.

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    बिहार सरकार ने महामारी की चुनौती को कम करने और सबसे कठिन समय में समाज के सभी वर्गों का समर्थन करने के लिए प्रौद्योगिकी का पूरा उपयोग किया है. राज्य की प्रमुख पहल इस प्रकार हैं:
    1) गरूड ऐप:
    2) बिहार कोरोना सहायता ऐप
    3) होम अलगाव ट्रैकिंग
    4) ईलाभारती:
    5) ईपीडीएस (इलेक्ट्रॉनिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली)
    6) आईटी / आईटीईएस क्षेत्र में कौशल
    7) स्वास्थ्य देखभाल पहल: महामारी के समय में इसे मजबूत बनाने के लिए कोविड के दौरान की गई स्वास्थ्य क्षेत्र की पहल:
    ईसंजीवनी
    वंडर ऐप
    रेफरल ट्रांसपोर्ट ट्रैकिंग सिस्टम:
    अश्विन पोर्टल:
    8) ऑनलाइन बैठकों के लिए वीसी आवेदन
    9) कॉलेज वाईफाई

    कुछ प्रमुख पहलें जो पहले से ही एक महामारी में भी सरकारी प्रणाली को बचाए रखने के लिए की गई हैं, ई-ऑफिस हैं, जिसने कहीं भी काम करने से उत्पादकता और पारदर्शिता बढ़ाई है. वहीं 25 नवंबर, 2021 को विधान परिषद में कागज रहित कार्यवाही को सक्षम बनाने के ल‍िए ई-विधान एप्लिकेशन लॉन्च किया गया. अन्य प्रमुख पहलें सीएफएमएस, बीएसडीसी, बीएसडब्ल्यूएएन, बीएएएफ, ईप्रोक्योरमेंट (ईप्रोक 2.0) हैं.

    आईटी विभाग ने इन्क्यूबेशन एंड रिसर्च सेंटर्स पर भी जोर दिया है. आईटी विभाग ने प्रारंभिक योजना (आईओटी) के हिस्से के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और साइबर फोरेंसिक, और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास शुरू करने के लिए सी-डैक को वित्त पोषित किया है.

    आईटी विभाग ने पटना, बक्सर और मुजफ्फरपुर में प्रशिक्षण केंद्र खोलकर क्षमता निर्माण बढ़ाने के लिए नाइलिट को वित्त पोषित किया है. आईटी विभाग ने इनक्यूबेशन समर्थन के लिए आईआईटी, पटना को भी वित्त पोषित किया है. इसी तरह, जैसा कि बिहार कृषि संचालित राज्य है, बिहार जल्द ही प्रौद्योगिकी के नवीन उपयोग द्वारा कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक एग्रीसीओई खोलेगा.

    बिहार सरकार राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण के साथ काम करके सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगतिशील कदम उठा रही है. सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा हाल ही में बिस्कोमान टॉवर की 9वीं और 13वीं मंजिल पर स्थित राज्य के स्टार्ट-अप हब के ल‍िए कार्यालय स्‍थान तैयार क‍िए गए हैं.

    Tags: Azadi Ka Amrit Mahotsav, Bihar Government, Bihar News, Bihar News in hindi, Digital India, Information Technology Act, Nitish Government

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