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Bihar News Live Updates: मार्च के आखरी हफ्ते तक हो सकता है कॉन्स्टेबल भर्ती के आखिरी नतीजों का ऐलान

बिहार पुलिस (Bihar Police) में कॉन्स्टेबल के 11 हजार 880 पदों पर बहाली की प्रकिया पूरी हो चुकी है. केन्द्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती नतीजे घोषित करने की अंतिम तैयारी कर रहा है.

  • News18 Bihar
  • | March 19, 2021, 11:45 IST
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    LAST UPDATED 3 MONTHS AGO

    हाइलाइट्स

    13:46 (IST)

    औरंगाबाद सदर अनुमंडल के हनेया गांव में एक महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई. मृतका के परिजनों ने पति पर ही हत्या करने का आरोप लगाया है. सूचना पाकर मौके पर पहुंची कुटुम्बा पुलिस ने गेंहू के खेत में रखे शव को जब्त कर पोस्टमॉर्टम के लिए उसे औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच में जुट गयी है.

    11:39 (IST)

    बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल के 11 हजार 880 पदों पर बहाली की प्रकिया पूरी हो चुकी है. केन्द्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती नतीजे घोषित करने की अंतिम तैयारी कर रहा है. बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल की संख्या एक साथ 11 हजार 880 पदों पर बहाली होने से पुलिस में कॉन्स्टेबल की संख्या बढ़ेगी.वहीं पुलिस की नौकरी की चाहत रखने वाले युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे. अब इन पदों के आखिरी नतीजों का ऐलान मार्च के आखिर तक होने की उम्मीद है.

    10:31 (IST)

    बिहार में तेज रफ्तार से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. अब 5 अप्रैल तक डॉक्टर से लेकर अधिकारी और सभी स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने कल अधिकारियों के साथ बैठक कर आदेश जारी किया कि 5 अप्रैल तक डॉक्टर, संविदा डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर, अधीक्षक, प्राचार्य, निदेशक प्रमुख, जूनियर रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट, पारा मेडिकल कर्मी, जीएनएम और एएनएम कर्मियों की सभी छुट्टियां रद्द रहेंगी. प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी सिविल सर्जन और डीएम को ये भी निर्देश दिया है कि जो भी कर्मी अभी छुट्टी पर हैं उनकी छुट्टी को तत्काल निरस्त करते हुए उन्हें वापस ड्यूटी पर लगाया जाए.

    10:03 (IST)

    अभी तक मगही पान का स्वाद देश के कई राज्यों तक पहुंचता रहा है. पर अब बिहार का मगही पान अंग्रेजों के भी मुंह लाल करेगा. दुनिया भर में पान के शौकीनों के बीच बिहार के मगही पान को पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है. कई कम्पनियों ने आगे बढ़कर इसके निर्यात में दिलचस्पी दिखाई है. 

    8:31 (IST)

    शराब की होम डिलीवरी मंगवाने वालों की अब खैर नहीं है. शराब का सप्लायर पकड़ा गया तो पुलिस उसके जरिए उन लोगों तक भी पहुंचेगी जो अपने घरों पर शराब मंगवा रहे हैं. शराब की होम डिलीवरी और तस्करी को लेकर पटना पुलिस अलर्ट मोड में है. रेंज आईजी संजय सिंह के निर्देश पर पुलिस की लगभग एक दर्जन टीमें सभी अनुमंडल में शराब तस्करों की तलाश में खाक छान रही है. 

    8:27 (IST)

    सीवान में एक हार्डवेयर दुकान में चोरों द्वारा चोरी करने का प्रयास किया गया. घटना हुसैनगंज थाना क्षेत्र के टेरीघाट की है, जहां चोरों द्वारा गैस कटर से हार्डवेयर दुकान के शटर को काट दिया गया. उसी दौरान रात्रि गश्ती कर रहे चौकीदार वहां पहुंच गया. ऐसे में चोर चौकीदार को देख फरार हो गए. 

    पटना. भाकपा माले और अखिल भारतीय किसान महासभा (All India Kisan Mahasabha) के द्वारा गुरुवार को किसान- मजदूर महापंचायत (Mahapanchayat) का आयोजन किया गया. महापंचायत में माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य (Dipankar Bhattacharya) ने कहा कि बिहार के किसानों के साथ भाजपा-जदयू ने सबसे बड़ा धोखा किया है. 2006 में ही एपीएमसी ऐक्ट को खत्म करके भाजपा-जदयू सरकार ने यहां के किसानों को बर्बाद कर दिया था. माले महासचिव ने कहा कि एमएसपी का सवाल केवल बड़े किसानों का नहीं है, बल्कि इसका खामियाजा छोटे किसानों को भुगतना होगा. यहां के किसानों को सबसे कम कीमत मिलती है. देश के हरेक हिस्से में किसानों को एमएसपी मिलनी चाहिए.

    उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग पंजाब और बिहार को एक दूसरे के विरोध में खड़ा करना चाहते हैं. लेकिन आज इस महापंचायत ने साफ संदेश दिया है कि बिहार के किसान भी आज मजबूती से खड़े हो चुके हैं. संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 मार्च के भारत बंद को भाकपा माले के समर्थन की भी घोषणा की. माले महासचिव ने कहा कि विभिन्न राज्यों में होने वाले चुनावों में किसानों का ही मुद्दा प्रधान मुद्दा होगा.उन्होंने एक-एक वोट भाजपा के खिलाफ देने और उसे हराने की अपील की.

    किसान महापंचायत में पंजाब से आए किसान नेता गुरनाम सिंह भक्खी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लगाए गए तमाम बंदिशों को ध्वस्त करते हुए हम 26-27 नवंबर से दिल्ली के बाॅर्डरों पर जमे हुए हैं. हम आपसे कहने आए हैं कि तीन कृषि कानून के खिलाफ लड़ाई केवल पंजाब- हरियाणा के किसानों की नहीं है. यदि हमारी खेती व हमारी जमीन काॅरपोरेटों के हवाले हो जाएगी, तो फिर हम खायेंगे क्या? ये कानून पूरे देश में खाद्यान्न संकट पैदा करेंगे और गरीबों के मुंह से रोटी छीन जाएगी.