विधायकों पर मेहरबान नीतीश सरकार, 'आलीशान बंगलों' के लिए 'कौड़ियों' के भाव देगी जमीन

सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने निर्णय लिया है कि सोसायटी बनाकर सभी विधायकों को पटना में घर बनाने के लिए 2-2 कट्ठा जमीन आवंटित की जाए.

Vijay jha | News18 Bihar
Updated: July 31, 2019, 5:42 PM IST
विधायकों पर मेहरबान नीतीश सरकार, 'आलीशान बंगलों' के लिए 'कौड़ियों' के भाव देगी जमीन
बिहार सरकार ने विधायकों को सोसायटी एक्ट के तहत जमीन आवंटित करने का निर्णय किया है.
Vijay jha | News18 Bihar
Updated: July 31, 2019, 5:42 PM IST
बिहार के 12 जिलों में बाढ़ के प्रकोप से 85 लाख से अधिक की आबादी बुरी तरह प्रभावित है. लोगों के घर बार उजड़ गए हैं और हजारों लोग सड़कों और बांधों पर रहने को मजबूर हैं. कहां इनके उजड़े आशियानों को फिर से चमन बनाने की बातें होतीं लेकिन बिहार सरकार माननीयों को ही खुश करने में लगी है. हाल में ही सभी विधायकों को 33 प्रतिशत की सैलरी बढ़ाकर उन्हें आनंदित करने के बाद अब उन्हें राजधानी पटना के पॉश इलाके में दो-दो कट्ठा जमीन और आलीशान बंगला देने की जुगत में लगी है.

सोसायटी एक्ट के तहत आवंटित होगी जमीन
दरअसल सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने निर्णय लिया है कि सोसायटी बनाकर सभी विधायकों को पटना में घर बनाने के लिए जमीन के साथ आलीशान बंगला बनवाया जाए. इसके लिए पटना के पॉश इलाके आशियाना नगर-दीघा रोड में इन विधायकों को दो-दो कट्ठा जमीन आवंटन करने की योजना  है. वर्तमान में, बिहार में विधान सभा के 243 सदस्यों (MLA) और विधान परिषद (MLC) के 75 सदस्यों सहित 318 विधायक हैं.

नीतीश सरकार के मंत्री हैं सोसायटी के अध्यक्ष

बिहार राज्य सहकारी संघ और बिहार भूमि विकास बैंक इस सोसाइटी के लिए नोडल एजेंसी होगी. वह संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार की अध्यक्षता वाली स्वाबलंबी गृह निर्माण सहयोग समिति को जमीन मुहैया करवाएगी. बिहार के सहकारिता मंत्री राणा रणधीर इसके सचिव हैं और भाजपा विधायक सचिंद्र कुमार इसके कोषाध्यक्ष हैं.

जमीन पाने की विधायकों में लगी होड़
पटना में जिनके घर नहीं हैं वैसे पूर्व और वर्तमान विधायक विधायकों सहकारी समिति के सदस्य बनने के लिए पात्र होंगे. मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि मानसून सत्र खत्म होने तक 150 विधायकों ने इसके लिए फॉर्म भी जमा करवा दिया है. विधायकों में जमीन पाने को लेकर होड़ मची है कि क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद बदली परिस्थितियों में कइयों को दोबारा चुने जाने पर यकीन नहीं है. यही नहीं कईयों को यह भी लगता है कि उनकी पार्टी उन्हें आने वाले समय में टिकट देगी भी या नहीं.
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आलीशान बंगलों में रहेंगे माननीय
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में लगभग 600 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर विधायकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं वाले आलीशान डुप्लेक्स बंगलों का निर्माण करवाया है. आलीशान सरकारी बंगले सदस्यों के निर्वाचन क्षेत्र संख्या के अनुसार आवंटित किए जाने की योजना है. कई विधायक, जो पुराने आवासीय फ्लैटों के रहने लायक नहीं होने के बाद से किराए पर बाहर रहते है उन्हें इस साल दिसंबर तक कब्जा भी दे दिया जाएगा.

bihar legislature
माननीयों को दिसंबर से आलीशान बंगले भी मिलने लगेंगे.


पहले आवंटित जमीन पर नियमों का उल्लंघन
बता दें कि प्रदेश के कई विधायकों को वेटनरी कॉलेज के पास पहले से आवासीय कॉलोनी में भूखंड आवंटित है. इसमें राधानंदन झा, लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, रामविलास पासवान, रघुवंश प्रसाद सिंह, अब्दुल बारी सिद्दीकी, नंद किशोर यादव और अन्य दिग्गज नेताओं का घर है. हालांकि कई विधायकों ने अपने आवंटित भूखंडों को या तो बेच दिया है या फिर उसे किराये पर लगा दिया है. बताया जा रहा है कि यह सहकारी समिति के नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन है.

हाल में हुई थी विधायकों की वेतन वृद्धि
बता दें कि पिछले साल नवंबर में विधायकों के लिए अप्रत्याशित रूप से नीतीश सरकार ने उनके वेतन में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी और उनके भत्ते में पर्याप्त वृद्धि की थी. इससे उनके वेतन किसी कंपनी के CEO कम आकर्षक नहीं हैं. वर्तमान में, बिहार के विधायकों को मूल वेतन के लिए 40,000 रुपये प्रति महीने के अलावा, 50,000 रुपये का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, 10,000 रुपये का स्टेशनरी और 30,000 रुपये प्रति महीने निजी सचिव रखने के लिए दिए जाते हैं. उन्हें प्रति वर्ष 3 लाख रुपये के वाहन और 15 लाख रुपये तक के वाहन ऋण भी पाने के हकदार हैं.

हर महीने मिलती है 35 हजार रुपये पेंशन
इससे पहले सरकार ने पूर्व विधायकों की पेंशन राशि भी बढ़ा दी थी. विधायिका में एक वर्ष के कार्यकाल वाले पूर्व विधायकों को 35,000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है. विधायकों के रूप में दी जाने वाली हर अतिरिक्त वर्ष के लिए उनकी पेंशन राशि 3,000 रुपये प्रति माह बढ़ जाती है.

जीतनराम मांझी ने बढ़ाए थे विधायकों के वेतन
गौरतलब है कि बिहार के विधायकों का वेतन और भत्ते इससे पहले 2014 में तब बढ़ाए गए थे जब जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री थे. तत्कालीन सरकार ने मुख्यमंत्री और उसके सभी मंत्रियों के मासिक वेतन में भी वृद्धि की थी. सरकार ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और जगन्नाथ मिश्रा सहित सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को लाभान्वित करने वाले सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आठ निजी कर्मचारियों की आजीवन सुविधाएं प्रदान करने का निर्णय लिया था.

आधे से अधिक विधायक हैं करोड़पति
इसके अतिरिक्त एक हकीकत ये है कि कई विधायक करोड़पति होने के बाद भी फंड प्राप्त करना जारी रखते हैं. एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के 243 में से 162 विधायक करोड़पति हैं. इनमें से 14 के पास 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है.

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First published: July 31, 2019, 5:02 PM IST
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