Bihar Assembly Election: चुनावी समर में विरोधियों के खिलाफ 'बसपा' का फार्मूला अपनाएगा NDA
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Bihar Assembly Election: चुनावी समर में विरोधियों के खिलाफ 'बसपा' का फार्मूला अपनाएगा NDA
नीतीश कुमार के साथ सुशील मोदी (फाइल फोटो)

Bihar Election 2020: बिहार में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं और कोरोना (COVID-19) के बीच निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने तय समय पर ही चुनाव कराने के संकेत दे दिए हैं. बिहार में इस बार भी सीधा मुकाबला एनडीए (NDA) और महागठबंधन के बीच होने के आसार हैं.

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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की तैयारियों के बीच अब मुद्दों की तलाश भी शुरू हो गई है. कौन सी पार्टी किस तरह के मुद्दे लेकर जनता के बीच में जाएगी इसको लेकर सभी दल जुट गए हैं. इस बार एनडीए (NDA) ने तय किया है 'बसपा' के मुद्दे को लेकर जनता के बीच में जाएगी. बसपा यानी बिजली-सड़क-पानी. इसको लेकर एनडीए के घटक दल काम करना शुरू भी कर चुके हैं और इस मसले को जन-जन तक पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है. दूसरी तरफ विपक्ष इन तीनों मुद्दों को सिर्फ राजनैतिक एजेंडा बता रहा है. उनका कहना है कि इन तीनों मुद्दों में सिर्फ भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है.

58 सालों से इस मूलभूत समस्या पर काम नहीं हुआ- JDU

2005 से लेकर अब तक एनडीए की सरकार में बिजली सड़क और पानी में जो सरकार ने काम किया है इसी मसले को लेकर एनडीए चुनाव में उतरेगी. जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद भी मानते हैं कि विकास के दौर में ये जो मूलभूत सुविधाएं हैं वह काफी अहम थीं. 2005 से पहले 58 सालों में इस पर बहुत काम नहीं किया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आने के बाद बिजली सड़क और पानी पर फोकस किया गया है. यही वजह है कि इस बार के चुनाव में यह मुद्दे जरूर रहेंगे और इसका फायदा एनडीए को मिलेगा.



BJP भी कर रही तैयारी
जेडीयू के इस मुद्दे को बीजेपी भी पूरी तरह से अपना रही है. डिप्टी सीएम सुशील मोदी से लेकर बीजेपी बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव तक बिजली-सड़क-पानी को अहम मान रहे हैं और इस मसले पर चुनाव में जाने की तैयारी कर रहे हैं. बीजेपी नेता भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं और मानते हैं कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा काम हुआ है.

बिजली-सड़क-पानी में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार - महागठबंधन

एनडीए के इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दल हमलावर हैं. कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा कहते हैं कि बिजली सड़क और पानी में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार हुआ है. वह तो दावा भी करते हैं कि लगातार विधान परिषद में इस मुद्दे पर सवाल उठाते रहे लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया.  वही उनका यह भी कहना है इन मुद्दों पर उनके पास दस्तावेज हैं कि इसमें भ्रष्टाचार हुए  है. वहीं आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहते हैं कि बिजली सड़क और पानी में सबसे ज्यादा करप्शन हुआ है. उद्घाटन से पहले कई सड़कें बह जाती हैं. तो कई उद्घाटन के तुरंत बाद जर्जर हो जाती है.  वहीं यह भी कहते हैं कि सरकार का काम था सड़क बिजली और पानी को दुरुस्त करना. तो फिर इसे मुद्दा बनाने की जरूरत क्या है.

बहरहाल, बिहार विधानसभा चुनाव में जब मुद्दों की बात होगी तो जनता हिसाब करेगी ही. जाहिर सी बात है राजनैतिक दल दावे अपने-अपने करते हैं. लेकिन जनता उस पर आखिरी मुहर लगाती है.और जिस पर जनता मुहर लगाएगी वही चुनाव में जीत हासिल करेगा.
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