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बिहार: दो थानेदारों के कारण छिन गयी मगध के आईजी और गया एसएसपी की कुर्सी, जानें Inside Story

बिहार: दो थानेदारों के कारण छिन गयी मगध के आईजी और गया एसएसपी की कुर्सी, जानें Inside Story

Bihar News: दो थानेदारों की वजह से गया के आईजी और एसएसपी को अपने-अपने पद से हटाया गया है.

Bihar News: दो थानेदारों की वजह से गया के आईजी और एसएसपी को अपने-अपने पद से हटाया गया है.

Bihar News: मगध प्रक्षेत्र के आईजी अमित लोढ़ा और गया के एसएसपी आदित्य कुमार को एक साथ हटाए जाने के मामले की सच्चाई सूत्रों के सहारे धीरे-धीरे सामने आने लगी है. दरअसल गया के दो थानेदारों के चक्कर में ही इन दोनों अफसरों के बीच शुरू हुई तकरार ने आखिरकार इनकी कुर्सी छीन ली.

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पटना. मगध प्रक्षेत्र के आईजी अमित लोढ़ा और गया के एसएसपी आदित्य कुमार को एक साथ हटाए जाने के मामले की सच्चाई सूत्रों के सहारे धीरे-धीरे सामने आने लगी है. दरअसल गया के दो थानेदारों के चक्कर में ही इन दोनों अफसरों के बीच शुरू हुई तकरार ने आखिरकार इनकी कुर्सी छीन ली. पुलिस सूत्रों की मानें तो दोनों आईपीएस अफसरों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी. इसमें दो थानेदारों का मामला तात्कालिक कारण बन गया. हालांकि इस बीच पुलिस मुख्यालय तक अनियमितता की शिकायतें भी मिली जिसके बाद दोनों ही आईपीएस (IPS) अफसरों को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाते हुए पुलिस मुख्यालय से अटेच कर दिया गया.

बताया जाता है कि दो थानेदारों को लेकर एसएसपी और आईजी स्तर के पदाधिकारियों के बीच शुरू हुआ जंग में बाद में कुछ दूसरे मामले भी शामिल हो गए. थानेदार को शह देने का कारण क्या रहा इसकी पड़ताल भी की जा रही है. फिलहाल बिहार पुलिस मुख्यालय एसएसपी और आईजी के खिलाफ अनियमितता के आरोप को लेकर कुछ भी बोलने से बच रहा है.

इन दोनों थानेदारों की वजह से छीनी कुर्सी 

सूत्रों की मानें तो दोनों आईपीएस अफसरों के बीच लड़ाई की कई वजह रही है. इन कारणों में रामपुर और फतेहपुर के थानेदारों की भूमिका काफी अहम है रामपुर के थानेदार सुरेंद्र कुमार सिंह पर एसएसपी की कार्रवाई के आदेश को आईजी अमित लोढ़ा ने पलट दिया था. दरअसल सुरेंद्र सिंह से जुड़ा मामला अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति को चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत करने को लेकर था, जिस व्यक्ति को चरित्र प्रमाण पत्र जारी किया गया था वह व्यक्ति अक्सर थाने में आया-जाया करता था जिसके आधार पर सत्यापन करने वाले पुलिसकर्मी ने उसे क्लीन चिट दे दी थी. इसकी शिकायत किसी ने एसएसपी से कर दी.

इसके बाद जांचकर्ता पुलिस पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया. एसएसपी ने सिटी एसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा कर दी. लेकिन, जब ऊपर से कोई जवाब नहीं आया तब आदेश की प्रत्याशा में थानेदार को लाइन क्लोज कर दिया गया. लेकिन थोड़े ही दिनों बाद आईजी अमित लोढ़ा ने अपने अस्तर से एसएसपी के आदेश को पलट दिया.

जानें क्या है पूरा मामला 

इसके साथ ही एक और मामला फतेहपुर थानेदार से जुड़ा है पिछले साल दिसंबर महीने में तत्कालीन थानाध्यक्ष संजय कुमार पर शराबबंदी कानून में लापरवाही बरतने का आरोप लगा था. 2 मामलों में थानाध्यक्ष ने केवल सनहा दर्ज किया और बरामद शराब और दूसरे सामानों की न तो जब्ती सूची तैयार की और नहीं प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान किया गया. इस मामले में एसएसपी ने चेतावनी देते हुए थानाध्यक्ष के कार्यकलाप पर असंतोष जाहिर किया और उसमें सुधार का अवसर अपनी तरफ से दिया.

लेकिन आईजी अमित लोढ़ा ने थानेदार को निलंबित करने का निर्देश दिया. इस मामले को लेकर भी दोनों अफसरों के बीच तकरार देखने को मिली. इसको लेकर मधनिषेध के आईजी ने भी एसएसपी को पत्र लिखा और इस लापरवाही को खेद जनक बताते हुए मगध क्षेत्र के आईजी के आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया.

Tags: Bihar news today, Bihar police, Police officers

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