सुर्खियां: गांधी सेतु के समानांतर 42 महीने में बनेगा नया पुल, CM राहत कोष में 14.80 करोड़ का अंशदान

मुख्य सचिव दीपक कुमार ने निर्देश दिया है कि सरकारी बैठकों में अब जंक फूड और छोटी बोतलों में बंद पानी का प्रयोग नहीं किया जाएगा.

News18 Bihar
Updated: August 9, 2019, 7:28 AM IST
सुर्खियां: गांधी सेतु के समानांतर 42 महीने में बनेगा नया पुल, CM राहत कोष में 14.80 करोड़ का अंशदान
गांधी सेतु, पटना
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Updated: August 9, 2019, 7:28 AM IST
गांधी सेतु के समानांतर गंगा पर चार लेन के नए पुल का निर्माण साढ़े तीन वर्षो यानि 42 महीने में पूरा करना होगा. साथ ही पुल बनाने वाली एजेंसी को दस साल तक रखरखाव भी करना होगा. पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने बताया कि राजधानी पटना में गांगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर चार लेन पुल निर्माण के लिए निविदा जारी कर दी गई है. जिसकी अंतिम तारीख 03 अक्टूबर 2019 तय की गयी है. यह पुल पुराने महात्मा गांधी सेतु से 38 मीटर की दूरी पर होगा.

42 माह में बनेगा गांधी सेतु के समानांतर पुल
हिन्दुस्तान लिखता है कि नदी पर सेतु की लम्बाई 5634 मीटर होगी, जिसमें कुल 22 स्पैन 215.13 मीटर का एक्स्ट्रा डोज ब्रीज के रूप में होगा. इसके अतिरिक्त पटना की तरफ से दो स्पैन 70.010 मीटर एवं 116.066 मीटर का होगा. हाजीपुर की ओर से एक स्पैन 121.065 मीटर का होगा। हाजीपुर की तरफ एप्रोच 5486 मीटर का होगा, जिसमें एक फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा.

मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए करोड़ों के चेक सौंपे

दैनिक जागरण लिखता है कि बैंक और अन्य कम्पनी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 14.80 करोड़ रुपये का अंशदान दिया. एलएंडटी की ओर से मुख्य कार्यपालक अधिकारी सह प्रबंधन निदेशक शैलेंद्र राय ने दस करोड़, एचडीएफसी बैंक की ओर से ब्रांच बैंकिंग हेड ईस्ट, संदीप कुमार ने चार करोड़ रुपए और पेटीएम के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट ने अस्सी लाख रुपए का चेक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंपा. मुख्यमंत्री ने इस अंशदान के लिए एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक और पेटीएम को धन्यवाद दिया और उनकी इस सामाजिक पहल की सराहना की.

जल-जीवन-हरियाली जागरूकता अभियान की शुरुआत
प्रभात खबर लिखता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को बापू सभागार में जल-जीवन हरियाली अभियान के तहत जन जागरूकता अभियान कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. हालांकि इस अभियान की विधिवत शुरुआत 15 अगस्, से होगी. इससे पहले जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी अनुमंडलों व प्रखंडों में वेब टेलिकास्ट के जरिए कराया जाएगा.
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बैठकों में बोतलबंद पानी व जंक फूड बंद
दैनिक जागरण लिखता है कि अमूमन सरकारी बैठकों में मंत्री व अधिकारी समोसा या फिर पैटीज आदि खाने से परहेज करते हैं. जिससे खाने की बर्बादी होती है. इसी को देखते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि बैठकों में अब जंक फूड और छोटी बोतलों में बंद पानी का प्रयोग नहीं किया जाएगा. जंक फूड की बजाय मंत्रियों-अधिकारियों को फल, भूंजा और मिठाई परोसी जाएगी.उन्होंने पूर्व में जारी एडवायजरी का हवाला देकर कहा कि बोतल बंद पानी या नाश्ते में जंक फूड के प्रयोग पर रोक लगाई जानी चाहिए. इसका मकसद खाने की बर्बादी पर रोक लगाना है.

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First published: August 9, 2019, 7:25 AM IST
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