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बिहार पुलिस से अब बच नहीं सकेंगे बदमाश, 'सुदर्शन चक्र' खंगाल लेगा सबकी‘जन्‍मकुंडली’

बिहार पुलिस से अब बच नहीं सकेंगे बदमाश, 'सुदर्शन चक्र' खंगाल लेगा सबकी‘जन्‍मकुंडली’

Bihar News: बिहार पुलिस ने एक मोबाइल एप डेवलप किया है, जिसे चक्र नाम दिया गया है. पुलिस मुख्‍यायल में इसका सर्वर लगाया गया है. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Bihar News: बिहार पुलिस ने एक मोबाइल एप डेवलप किया है, जिसे चक्र नाम दिया गया है. पुलिस मुख्‍यायल में इसका सर्वर लगाया गया है. (न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

Bihar Police News: बिहार पुलिस ने तकरीबन 1.5 करोड़ की लागत से ‘चक्र’ नामक मोबाइल एप डेवलप किया है. इस पर फिलहाल 4 से 5 लाख अपराधियों का डाटा उपलब्‍ध है. चक्र मोबाइल एप का सर्वर 40 लाख रुपये की लागत से पुलिस मुख्‍यालय में इंस्‍टॉल किया गया है. चक्र एप के जरिये पुलिस जमानत पर बाहर आए अपराधियों पर भी नजर रख सकेगी.

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पटना. 21वीं सदी में बिहार पुलिस खुद को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है. इसी क्रम में बिहार पुलिस ने एक मोबाइल एप डेवलप किया है, जिसपर अपराधियों की जन्‍मकुंडली उपलब्‍ध रहेगी. सिर्फ एक क्लिक पर संबंधित क्रिमिनल का सारा आपराधिक रिकॉर्ड सामने होगा. इस एप को ‘चक्र’ का नाम दिया गया है. अपराधियों का ट्रैक रिकॉर्ड (Crime Track Record) रियल टाइम में उपलब्‍ध होने से पुलिस को आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है. साथ ही जमानत पर जेल से बाहर आने वाले क्रिमिनल्‍स पर भी नजर रखने में सहयोग मिलेगा.

चक्र एप को डेवलप करने पर 1.50 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसके अलावा लगभग 40 लाख रुपए की लागत से पुलिस मुख्यालय में इसका सर्वर लगाया गया है. चक्र एप की मदद से बिहार पुलिस को अब अपराधियों का इतिहास-भूगोल जानने के लिए ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. मोबाइल पर महज एक क्लिक करते ही अब कहीं से भी किसी भी अपराधी से जुड़ी पूरी जानकारी पुलिस हासिल कर सकती है.

सारे अपराधियों का कच्चा चिट्ठा अपलोड

चक्र एप पर बिहार के लगभग सारे दुर्दांत अपराधियों से लेकर छोटे अपराधियों का कच्चा-चिट्ठा अपलोड किया गया है. अपराधियों का नाम चक्र एप में डालते ही मोबाइल स्क्रीन पर संबंधित अपराधी का फोटो सहित पूरा ब्‍योरा उपलब्ध हो जाएगा.

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लंबे समय से चल रहा था काम

राज्य पुलिस ने अपराध पर नियंत्रण और अपराधियों का सुराग तलाशने के लिए खास एप लॉन्च किया है. राज्य के करीब 2000 पुलिस पदाधिकारी मोबाइल फोन के जरिए इस एप से जुड़ भी चुके हैं. इसमें खासतौर पर थानेदार और जिलों के एसपी को शामिल किया गया है. इस एप पर लंबे समय से काम चल रहा था और बिहार पुलिस मुख्यालय ने अब इसे हरी झंडी दी है.

डेढ़ करोड़ की लागत

चक्र एप के निर्माण पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं और लगभग 40 लाख रुपए की लागत से पुलिस मुख्यालय में इसका सर्वर भी लगाया गया है. इस एप के जरिये जमानत पर जेल से बाहर आने वाले अपराधियों पर भी पुलिस नजर रख सकेगी.

अपराधियों का 10 साल का ब्‍योरा

खास बात यह है कि इस एप पर पिछले 1 वर्षों में अपराध करने वालों को डेटा फीड किया गया है. इनकी संख्या करीब साढ़े चार से पांच लाख है. जाहिर है कि जब इतना बड़ा आपराधिक डेटा पुलिस के मोबाइल पर उपलब्ध होगा तो वह किसी भी थाने में बैठकर अपराधियों के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने में सक्षम होंगे.

Tags: Bihar police, Crime In Bihar

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