तेजस्वी यादव ने कहा- बिहार में बढ़ गए अपराध, बिहार पुलिस ने तथ्यों के साथ दिया ये जवाब
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तेजस्वी यादव ने कहा- बिहार में बढ़ गए अपराध, बिहार पुलिस ने तथ्यों के साथ दिया ये जवाब
बिहार पुलिस ने तेजस्वी के आरोपों का खारिज किया

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav)ने प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए इसमें सुधार लाने के लिये राज्यपाल फागू चौहान (Governor Fagu Chauhan)से हस्तक्षेप करने की अपील भी की थी.

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पटना. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Leader of Opposition Tejashwi Yadav) के द्वारा बिहार पुलिस की कार्यशैली पर उठाए गए सवाल और लगाए गए तमाम आरोपों का बिहार पुलिस मुख्यालय ने खंडन किया है. ADG पुलिस मुख्यालय जितेंद्र कुमार और ADG CID दोनों ने एक एक कर तेजस्वी यादव के तमाम सवालों का जवाब देते हुए कहा कि बीते दिनों एक पत्र सोशल मीडिया में घूम रहा है जो नेता प्रतिपक्ष के द्वारा लिखा हुआ है. इस पत्र में SC-ST वर्ग के लोगों की शिकायत की लगातार अनसुनी करने का आरोप लगाया गया है. वहीं 2005 और 2019 के अपराध के ग्राफ का हवाला देते हुए बिहार की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया गया है. इसपर जवाब देते हुए ADG CID विनय कुमार ने कहा कि ये आरोप भी बेबुनियाद हैं

हाल के वर्षों में SC-ST ACT के तहत काफी मामले राज्य के अलग-अलग जिले में स्थापित SC-ST थानों में दर्ज की गई है. प्राथमिकता के आधार पर ट्रायल की गई है, चार्जशीट हुआ है. इधर ADG पुलिस मुख्यालय जितेंद्र कुमार ने कहा कि बिहार पुलिस पूर्ण रूप से पेशेवर तरीके से ही काम करती है किसी भी परिस्थिति में हम लोग किसी के दवाब में काम नहीं करते. बिहार पुलिस के ऊपर लगाए गए तमाम आरोप बेबुनियाद  व निराधार हैं.

इस दौरान ADG CID विनय कुमार ने वर्ष 2005 और 2019 के आपराधिक डाटा की भी एक- एक कर तुलना करते हुए वस्तुस्थिति को सामने रखा. उन्होंने बताया बिहार में अपराध के ग्राफ में लगातार गिरावट आई है. हत्या के मामले में अपराध दर प्रति एक लाख जनसंख्या के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर 2017 में 2.7 के साथ नौवें स्थान पर था. वर्ष 2018 में 2.5 अपराध दर के साथ राज्य का स्थान 11 है.



वर्ष 2019 से अप्रैल के दौरान घटित 947 कांड की तुलना में जनवरी से अप्रैल 2020 के दौरान 878 कांड प्रतिवेदित हुए हैं. इसमें लगभग 9 फ़ीसदी की कमी आई है. पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि वर्ष 2018 की तुलना में वर्ष 2019 में बिहार में बलात्कार के मामलों में कमी आई है. वर्ष 2018 में कुल 1475 कांड प्रतिवेदित हुए  जबकि 2019 में 1450 कांड दर्ज हुए हैं..



वर्ष 2019 के जनवरी से अप्रैल के दौरान राज्य में रेप के 121 कांड प्रतिवेदन हुए हैं जबकि इसी अवधि में वर्ष 2020 के दौरान मात्र 86 कांड प्रतिवेदित हुए हैं यानी कि 29% की कमी आई है. इस मामले में वर्ष 2020 के दौरान जनवरी में 37 और फरवरी में 35 यानि कुल 72 अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा सजायाफ्ता किया गया है.

इतना ही नहीं इन्होंने यहां तक कहा कि वर्ष 2005 के दौरान फिरौती हेतु अपहरण के 251 कांड दर्ज हुए थे. जबकि वर्ष 2019 के दौरान सिर्फ 43 कांड दर्ज हुए हैं. 2020 के जनवरी से मार्च के दौरान फिरौती हेतु अपहरण के सभी 9 कांडों का उद्भेदन कर 9 अपहृतों की बरामदगी की गई है तथा 29 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है.

गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गुरुवार को  राज्य की बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर सूबे के राजपाल फागू चौहान से मिले थे और उन्होंने एक ज्ञापन भी सौंपा था. तेजस्वी ने प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए इसमें सुधार लाने के लिये राज्यपाल फागू चौहान से हस्तक्षेप करने की अपील भी की थी.

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