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Bihar: जातिगत जनगणना के मुद्दे सियासत गर्म, तेजस्वी विपक्षी दलों को लिखेंगे खत

जातिगत जनगणना के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र के हलफनामे के बाद बिहार की सियासत में उबाल है. (फाइल फोटो)

जातिगत जनगणना के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र के हलफनामे के बाद बिहार की सियासत में उबाल है. (फाइल फोटो)

Caste Based Census: तेजस्वी यादव ने कहा कि हम महागठबंधन की बैठक में जातिगत जनगणना पर चर्चा करेंगे. और हमारे गठबंधन और समान विचारधारा वाले दलों को इस सिलसिले में पत्र लिखेंगे.

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    पटना. जाति आधारित जनगणना (Caste Based Census) के मुद्दे पर बिहार में सियासत फिर गर्म हो गई है. इस बीच इससे जुड़े सवाल पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा,’ मैंने अखबार में देखा कि महाराष्ट्र की मांग पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक हलफनामा प्रस्तुत किया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे जाति आधारित जनगणना की अनुमति नहीं देंगे’

    तेजस्वी ने कहा, ‘बिहार विधानसभा ने भी जाति आधारित जनगणना के लिए दो प्रस्ताव पारित किए. लेकिन हम आशान्वित थे और इस संबंध में सीएम नीतीश कुमार के साथ पीएम से मिले थे. हम महागठबंधन की बैठक में इस पर चर्चा करेंगे. हमारे गठबंधन और समान विचारधारा वाले दलों को इस सिलसिले में पत्र लिखूंगा.’

    बता दें कि जातिगत जनगणना के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के हलफनामे के बाद से ही बिहार की सियासत में उबाल है. बिहार एनडीए के भीतर जहां भाजपा और जदयू के बीच बयानबाजी जारी है, वहीं मुख्य विपक्षी दल राजद के नेता तेजस्वी यादव ने सीधे-सीधे सीएम नीतीश कुमार को अल्टीमेटम दे दिया है. तेजस्वी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जातिगत जनगणना की लड़ाई हम जारी रखेंगे. तीन दिन का समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास है. वह अपना स्टैंड तीन दिन में क्लीयर करें. इसके बाद हम लोग यह तय करेंगे कि इस लड़ाई को आगे कैसे लेकर चलना है?

    बता दें कि जातिगत जनगणना की मांग विभिन्न राज्य सरकारें कर रही हैं, लेकिन बिहार में इसको लेकर सियासत अधिक सक्रिय है. बिहार की सियासत में जातिगत जनगणना का मुद्दा लगातार चर्चा में है. विशेषकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस मुद्दे को बार-बार उठाया हैं. उनके दबाव के बाद ही बिहार के राजनीतिक दलों का एक डेलिगेशन बीते 23 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर देश में जातीय जनगणना करवाने की मांग कर चुका है. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीएम नीतीश कुमार कर रहे थे और इसमें राजद के तेजस्वी यादव व भाजपा के नेता समेत 10 सियासी पार्टियों के 11 सदस्य शामिल थे.

    गौरतलब है कि राजद की पहल पर जातिगत जनगणना के लिए बिहार विधानसभा से दो बार प्रस्ताव भी पास किया गया है. हालांकि केंद्र सरकार ने बीते दिनों लोकसभा में साफ़ कह दिया था कि सरकार इसको लेकर कोई विचार नहीं कर रही है. हालांकि, जब सीएम नीतीश कुमार ने इसको लेकर पीएम मोदी से 4 अगस्त को पत्र लिखा और बिहार के सियासी पार्टियों के मिलने का आग्रह किया तो पीएम ने बिहार के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी. तब मीटिंग से बाहर आए नेताओं ने कहा था कि पीएम ने इस मामले पर विचार करने की बात कही है. पर अब केंद्र सरकार के दोबारा इनकार के बाद फिर से बिहार की सियासत गर्म हो गई है.

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