RJD के इस दिग्गज ने CM नीतीश को दी बहस की खुली चुनौती, बोले- 'हिम्मत हो तो सामने आएं'
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RJD के इस दिग्गज ने CM नीतीश को दी बहस की खुली चुनौती, बोले- 'हिम्मत हो तो सामने आएं'
जगदानंद सिंह ने सीएम नीतीश कुमार को बहस की खुली चुनौती दी है.

जगदानंद सिंह (Jagdanand singh) ने कहा कि 15 साल बनाम 15 की लड़ाई मुख्यमंत्री ने शुरू कर दी है. अपराध के मामले को लेकर उन्होंने हमारी सरकार को जंगलराज कहा, लेकिन मेरा सीधा सवाल है उनसे है कि क्या उन दिनों लोग शाम को दुकानें बंद कर देते थे, बसें नहीं चलती थीं, लोग घरों से नहीं निकलते थे.

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पटना. बिहार में इनदिनों अपराध को लेकर सियासत बेहद गर्म है.बात सत्ता पक्ष की करें या विपक्ष की, दोनों ही तरफ से अपराध को लेकर 15 साल बनाम 15 साल की सियासत तेज है. मंगलवार को जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने लालू-राबड़ी शासनकाल में हुए अपराध का लेखा जोखा का हवाला देते हुए RJD पर निशाना साधा था, वहीं आज RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह (Jagdanand singh) ने CM नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए अपराध के मुद्दे पर मीडिया के सामने खुली बहस कीली चुनौती दे डाली. आरजेडी अध्यक्ष ने कहा कि  नीतीश कुमार राज्य के युवाओं को बरगला रहे हैं. हकीकत कुछ है और वो कुछ के कुछ बता रहे हैं. इस दौरान इन्होंने नीतीश कुमार पर कई संगीन आरोप भी लगाये.

जगदानंद सिंह ने कहा कि 15 साल बनाम 15 की लड़ाई मुख्यमंत्री ने शुरू कर दी है. अपराध के मामले को लेकर उन्होंने हमारी सरकार को जंगलराज कहा, लेकिन मेरा सीधा सवाल है उनसे है कि क्या उन दिनों में लोग शाम को दुकानें बंद कर देते थे. बसें नहीं चलती थीं, लोग घरों से नहीं निकलते थे. जवाब दें नीतीश कुमार. हमलोगों ने राज्यपाल से मिलकर अपराध को लेकर लिखित शिकायत की थी, लेकिन उनकी चर्चा उन्होंने नही की और वर्तमान में हो रहे अपराध पर चुप हैं.

अपराध से जुड़ा डाटा भी सामने रखा
नीतीश सरकार पर हमला बोलने के दौरान जगदानंद सिंह ने 1990 से लेकर 2019 तक का अपराध का डाटा मीडिया के सामने रखा और एक एक कर उसकी चर्चा भी की. उन्होंने कहा कि 2005 में NCRB ने  भारत को दो हिस्सों में बांट कर रखा था.  2004 तक वाजपेयी जी की सरकार थी जिसमें नीतीश कुमार भी मंत्री थे. उस समय बिहार लेस क्राइम स्टेट जोन में देश के 26वें स्थान पर था, अगर मैं गलत हूं तो जवाब दे नीतीश कुमार. हमलोगों ने शांत बिहार नीतीश कुमार को दिया था.
1990 दशक के क्राइम से की तुलना


उन्होंने कहा कि मैं इसलिए अपराध पर बात कह रहा हूं ताकि युवाओं को लोग दिग्भ्रमित करने में कामयाब ना हो जाये. 2005 में एक लाख की आबादी पर प्रदेश में 145 संज्ञय अपराध दर्ज हुए थे, लेकिन 2010 में यह ग्राफ बढ़कर एक लाख की आबादी पर 131 पर पहुंच गई. जबकि बात 2019 की करें तो 2019 में एक लाख की आबादी पर राज्य में संज्ञय अपराध की संख्या 222 पर पहुंच गयी थी. वहीं, 1990 में बिहार का क्राइम रेट 108 था पर आज 222 पर क्यों पहुंचा इसका भी जबाब दे नीतीश कुमार

मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय जनता दल के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह.


जगदानंद सिंह ने दी बहस की खुली चुनौती
जगदानंद सिंह ने कहा कि हिम्मत हो तो आइए मीडिया के सामने बहस कीजिये. जगतानंद सिंह की ओर से नीतीश कुमार पर जारी हमला यही नही थमा. उन्होंने कहा कि 1977 में बेलछी में हुए नरसंहार के मुख्य आरोपी को इन्होंने विधानसभा पहुंचाया जबकि हमारी सरकार ने 2000 में नरसंहार का अंत करने का काम किया. हां ये अलग बात है कि हम लोगों को थोड़ा वक्त जरूर लगा.

गोपालगंज ट्रिपल मर्डर का मामला भी उठाया
आरजेडी अध्यक्ष ने कहा कि हाल ही कि बात है देख लीजिये कैसे इनके एक विधायक के इशारे पर गोपालगंज में एक एक बार फिर से नरसंहार की याद को ताजा कर दिया गया तीन लोगों की हत्या कर दी गई ये जब हम लोगों को दुबारा से जब सत्ता सोपोगे तब हम लोग बिहार को दुबारा से शांत करेगे. अपनी बात के अंत में जगतानंद सिंह ने कहा कि हमारी चुनौती को स्वीकार करें नीतीश जी हमसे खुले मंच पर बहस करें.

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