अशोक चौधरी को मिला शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार, अब संभालेंगे तीन विभागों का काम

भवन निर्माण और समाज कल्याण मंत्री अशोक चौधरी पर नीतीश ने दिखाया भरोसा.
भवन निर्माण और समाज कल्याण मंत्री अशोक चौधरी पर नीतीश ने दिखाया भरोसा.

शिक्षा मंत्री डॉ. मेवालाल चौधरी (Dr. Mewalal Chaudhary) के इस्‍तीफे के बाद बिहार के भवन निर्माण और समाज कल्याण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी (Ashok Chaudhary) को शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 20, 2020, 1:00 AM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 125 सीटों पर जीत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के नेतृत्व में नई सरकार बना ली है, लेकिन विवादों से दामन अब भी नहीं छूट रहा है. भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण विरोधी दलों के निशाने पर आने वाले शिक्षा मंत्री डॉ. मेवालाल चौधरी (Dr. Mewalal Chaudhary) ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद अपने पद से इस्‍तीफा (Resign) दे दिया है. जबकि चौधरी ने सोमवार को नीतीश कुमार के साथ ही मंत्री पद की शपथ ली थी और राज्‍यपाल फागू चौहान ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है. वह हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में तारापुर सीट से निर्वाचित हुए हैं. डॉ. मेवालाल चौधरी के इस्‍तीफे के बाद बिहार के भवन निर्माण और समाज कल्याण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी (Ashok Chaudhary) को शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

अशोक चौधरी पर अब होगी ये जिम्‍मेदारी
बहरहाल, डॉ. मेवालाल चौधरी (Dr. Mewalal Chaudhary) के शिक्षा मंत्री पद से इस्‍तीफे के बाद अशोक चौधरी को शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. जबकि उन पर पहले से ही बिहार के भवन निर्माण और समाज कल्याण विभाग की जिम्‍मेदारी है. आपको बता दें कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की सलाह पर राज्यपाल ने अगले आदेश तक अशोक चौधरी को शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिया है. अशोक चौधरी जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. वह पहले कांग्रेस में भी रह चुके हैं.

विवादों में घिरे शिक्षा मंत्री ने किया पदभार ग्रहण, फिर दिया इस्‍तीफा
विवादों में घिरे शिक्षा मंत्री डॉ. मेवालाल चौधरी ने आज ही पदभार ग्रहण किया. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि जो हमारे खिलाफ बोल रहे हैं और यह कह रहे है कि मेरी पत्नी की मौत के लिए मैं जिम्मेवार हूं, उनके खिलाफ आज ही 50 करोड़ की मानहानि का केस करूंगा और आज ही उनके पास लीगल नोटिस जाएगा, लेकिन शाम होते होते उन्‍होंने इस्‍तीफा देकर सभी को चौंका दिया है. आपको बता दें कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के कुलपति रहते समय मेवालाल चौधरी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उन पर एफआईआर भी दर्ज हुई थी. इसके बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से उन्हें निलंबित कर दिया गया था. यही वजह है कि विपक्ष लगातार नीतीश सरकार को टारगेट पर ले रही है. यही नहीं, तेजस्वी यादव लगातार मेवालाल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को उठा रहे हैं. आज भी उन्होंने इस मसले पर ट्वीट कर हमला बोला है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हत्या और भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में IPC की 409, 420, 467, 468, 471 और 120B धारा के तहत आरोपी मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाने से बिहारवासियों को क्या शिक्षा मिलती है?





बिहार चुनाव में NDA को पूर्ण बहुमत
बता दें कि 10 नवंबर को आए बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम में एनडीए गठबंधन ने 125 सीटों पर विजय हासिल की है, जबकि महागठबंधन को केवल 110 सीटें मिलीं. आरजेडी 75 सीटों पर कब्जा जमाकर बिहार चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़कर मात्र 19 सीटें ही जीत सकी. इसके अलावा वाम दलों ने 16 सीटों पर विजय हासिल की है. एनडीए में बीजेपी 74 सीटें जीतकर दूसरी बड़ी पार्टी बनी है. उसकी सहयोगी जेडीयू महज 43 सीटें हासिल कर तीसरे नंबर की पार्टी रह गई है. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और विकासशील इंसान पार्टी को चार-चार सीटें मिली हैं.
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