बिहार की राजनीति का काला दिन, पत्थरबाजी से लेकर विधायकों की पिटाई तक, 10 बड़ी बातें

बिहार विधानसभा घेराव मार्च से लेकर विधानसभा के भीतर जो हुआ, वो शायद किसी ने सोचा भी नहीं था

बिहार विधानसभा घेराव मार्च से लेकर विधानसभा के भीतर जो हुआ, वो शायद किसी ने सोचा भी नहीं था

विपक्ष विशेष सशस्त्र पुलिस बिल को सदन में पेश होने से रोकने पर आमादा था. बिहार विधानसभा में हुए बवाल के दौरान कई विधायकों, पुलिसकर्मियों और पत्रकारों को चोटें आई हैं.

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पटना. बिहार की राजनीति में मंगलवार को सुबह से शाम तक जो कुछ राजनीतिक घटनाक्रम हुआ, उसे बिहार की राजनीति का काला दिन कहा जा रहा है. आरजेडी का विधानसभा घेराव मार्च से लेकर विधानसभा के भीतर जो हुआ वो शायद किसी ने सोचा भी नहीं था. विपक्ष विशेष सशस्त्र पुलिस बिल को सदन में पेश होने से रोकने पर आमादा था. उसका तर्क था कि इससे आम आदमी का अधिकार छीना जाएगा. वहीं, सत्ता पक्ष का कहना था कि यह विशेष पुलिस बिल है. इसका सामान्य पुलिस से कोई सरोकार नहीं है. बिहार विधानसभा में हुए बवाल के दौरान कई विधायकों, पुलिसकर्मियों और पत्रकारों को चोटें आई हैं. आइये इस पूरे घटनाक्रम को इन 10 प्वॉइंट के जरिये समझते हैं:

1. आरजेडी ने बेरोजगारी, भ्रस्टाचार, लॉ एंड ऑर्डर जैसी समस्याओं को लेकर विधानसभा घेराव मार्च निकाला था. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव ने सैकड़ों कार्यकर्ताओ के साथ मार्च निकाला. जेपी गोलम्बर पर पुलिस बैरिकेटिंग तोड़कर आगे बढ़ते हुए सभी कार्यकर्ता डाक बंगला चौराहा तक पहुंच गए. वहां जब पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका तो बैरिकेटिंग को तोड़ने का प्रयास किया गया.

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2. पुलिस ने वॉटर कैनन चलाकर कार्यकर्ताओं को दूर हटाने की कोशिश की. आरजेडी कार्यकर्ताओं की तरफ से जमकर ईंट और पत्थर बरसाए गए, जिससे कई पुलिसवाले और पत्रकार घायल हो गए.
3. आरजेडी के विधानसभा घेराव के दौरान की गई पत्थरबाजी के बाद घायल पुलिसबल ने जबाब में लाठीचार्ज किया और आरजेडी कार्यकार्ताओं की जमकर पिटाई की. लाठीचार्ज में कई आरजेडी कार्यकर्ता घायल हुए. कई विधायकों को भी चोटें आईं. दो घंटो के मेहनत के बाद पुलिस आरजेडी कार्यकर्ताओं को हटाने में सफल रही.

4. आरजेडी कार्यकर्ताओं द्वारा किये गए हंगामे के बाद पुलिस तेजस्वी और तेजप्रताप यादव को हिरासत में लेकर गांधी मैदान थाने गई. उसके बाद दोनों को छोड़ा गया. मार्च को संभाल रहे मजिस्ट्रेट ने बताया कि जेपी गोलम्बर से मांर्च निकालने का आदेश नहीं था, बावजूद आरजेडी ने प्रतिबंधित क्षेत्र में मार्च निकाला. जिला प्रशासन ने जेपी गोलम्बर की जगह गर्दनीबाग धरनास्थल पर प्रदर्शन करने की इजाजत दी थी जिसे आरजेडी ने नहीं माना.

5. सड़क के बाद सदन में भी जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. विधानसभा में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 बिल लाया गया था जिसके विरोध में आरजेडी विधायकों ने विधानसभा ने जमकर हंगामा मचाया. आरजेडी विधायकों ने बिल की कॉपी को फाड़कर विधानसभा अध्यक्ष के ऊपर फेंक दिया. बाद में सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.



6. आरजेडी विधायक यहीं पर नहीं रुके. विधानसभा में रिपोर्टिंग टेबल को तोड़ डाला. विधानसभा की कार्यवाही बंद करनी पड़ी. आरजेडी विधायकों का उस समय उग्र रूप देखा गया जब उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को ही अपने चैंबर में बंधक बना लिया. 4 बजे से शुरू होने वाले कार्यवाही के लिए विधानसभा अध्यक्ष निकलना चाह रहे थे, लेकिन आरजेडी विधायक चैंबर के दरवाजे पर ही जाकर बैठ गए और सदन की कार्यवाही में भाग लेने से रोका.

7. आरजेडी विधायक जब मनाने के बावजूद नहीं माने तो विधानसभा में डीएम और एसपी को बुलाया गया. डीएम एमपी ने बागी विधायकों को समझाने की कोशिश की लेकिन डीएम-एसपी से भी विधायकों ने हाथापाई शुरू कर दी. बाद में बड़े संख्या में पुलिस जवानों को सदन के भीतर बुलाया गया.

8. आरजेडी विधायकों जब विधानसभा अध्यक्ष को बाहर नहीं आने दिया तो मार्शल को विधायकों को हटाने का निर्देश दिया गया. मार्शलों को विपक्ष के विधायकों को जबरन उठाकर हटाना पड़ा. विधायकों के नहीं हटने पर मार्शल ने कई विधायकों को पैर-हाथ पकड़कर सदन के बाहर फेंका. विधायकों का कहना है कि पुलिस ने सदन के भीतर पिटाई भी की.

9. आरजेडी विधायकों को सदन के बाहर हटाने के बाद सदन की कार्यवाही एकबार फिर शुरू हुई. इस बार आरजेडी महिला विधायकों ने आसन के ऊपर चढ़कर विधान सभाध्यक्ष को कार्यवाही से रोकने की कोशिश की. महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी जबरन बाहर निकाला.

10. विधानसभा में प्रेस से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि मुझपर आज जानलेवा हमला किया गया. पुलिस बिल का विरोध करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इस बिल के बाद पुलिस लोगो को जबरन पकड़ेगी और पिटाई करेगी. बिहार सरकार पुलिस को गुंडा बनाने का काम कर रही है. उधर, विधान सभाध्यक्ष विजय सिन्हा ने आरजेडी के हंगामे को अपरिपक्व नेतृत्व का नतीजा बताया. सिन्हा ने कहा आज तक विधानसभा में ऐसी तस्वीर दिखाई नहीं पड़ी थी. इस मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की बात कही.
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