बिहार में हर साल राजकीय उत्सव के रूप में मनाई जाएगी अरुण जेटली की जयंती

अरुण जेटली का बिहार के साथ गहरा संबंध था, जहां वह कई वर्षों तक पार्टी के प्रभारी रहे. (पीटीआई फोटो)
अरुण जेटली का बिहार के साथ गहरा संबंध था, जहां वह कई वर्षों तक पार्टी के प्रभारी रहे. (पीटीआई फोटो)

नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने 28 दिसंबर को अरुण जेटली (Arun Jaitley) की जयंती के अवसर पर पटना के कंकड़बाग इलाके में उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया था.

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पटना. बिहार में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार ने मंगलवार को फैसला किया कि पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) की जयंती 28 दिसंबर को हर साल राजकीय उत्सव (State Function) के रूप में मनाई जाएगी. इसका फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लिया गया.

CM नीतीश ने पटना में जेटली की प्रतिमा का किया था अनावरण
उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार ने 28 दिसंबर को जेटली की जयंती के अवसर पर पटना के कंकड़बाग इलाके में उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया था. इस मौके पर सीएम नीतीश कुमार के साथ अरुण जेटली का परिवार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी भी उपस्थित थे. सभी ने जेटली की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें याद किया. दरअसल, अरुण जेटली के निधन के बाद बीते 31 अगस्त को नीतीश सरकार ने बिहार में उनकी प्रतिमा लगवाने की घोषणा की थी. इसके अलावा उन्होंने यह भी ऐलान किया था कि अरुण जेटली की जयंती (28 दिसंबर) को हर साल राजकीय समारोह के तौर पर मनाया जाएगा.

जेटली का था बिहार के साथ गहरा संबंध
जेटली का इस साल 24 अगस्त को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया था. उनका बिहार के साथ गहरा संबंध था, जहां वह कई वर्षों तक पार्टी के प्रभारी रहे और उन्होंने राज्य की राजग सरकार के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.



अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में राज्य मंत्रिमंडल ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर 19 जनवरी 2020 को पूरे राज्य में मानव श्रृंखला बनाने के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 19.40 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी. इस कार्यक्रम के तहत दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ भी जागरूकता फैलाई जाएगी.

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