Bihar News : फर्जी वोटिंग रोकने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने उठाया बड़ा कदम, मतदान केंद्र पर लगेगी बायोमेट्रिक मशीन!

बिहार पंचायत चुनाव इस बार दस चरण में होंगे.

Bihar Panchayat Election: राज्‍य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) इस वक्‍त बिहार पंचायत चुनाव की तैयारियों में लगा हुआ है. यही नहीं, इस बार फर्जी वोट डालने से रोकने के लिए आयोग बायोमेट्रिक मशीन लगाने पर मंथन कर रहा है. बता दें कि इस बार 10 चरणों में चुनाव कराए जाने पर विचार चल रहा है. जबकि अगले कुछ दिन में चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो सकता है.

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पटना. बिहार में पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Election) और और ग्राम कचहरियों के लगभग ढाई लाख पदों पर चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) पूरी तत्परता से लगा हुआ है. इस बार पंचायत चुनाव में बोगस वोटिंग करने वालों की खैर नहीं होगी, क्‍योंकि आयोग पंचायत चुनाव में पहली बार ईवीएम का प्रयोग करने के साथ ही कई नए प्रयोगों को मूर्त रूप देने में लगा है. पंचायत चुनाव के दौरान पहली बार मतदान केंद्रों पर वोटरों की हाजिरी बनाने के लिए बायोमेट्रिक मशीन का प्रयोग पर फैसला भी अंतिम चरण में है. मतदान के दौरान उंगलियों पर अमिट स्याही का प्रयोग तो किया ही जाएगा साथ ही बायोमेट्रिक हाजिरी का भी प्रबंध किया जाना है.

बहरहाल, राज्य सरकार की सहमति मिलने के बाद हर मतदान केंद्र पर एक बायोमेट्रिक मशीन लगाए जाने की योजना है. अपना वोट देने आने वाले हर मतदाता की इस बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से पहचान सुनिश्चित हो जाएगी. राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद पंचायत चुनाव के लिए ईवीएम मशीन के साथ बायोमेट्रिक मशीन लगाने का भी प्रस्ताव तैयार किया है. अगर सब कुछ तय हो गया तो मौजूदा समय में मतदान केंद्रों की संख्या के हिसाब से समूचे राज्य में लगभग 1 लाख 10 हजार बूथों पर बायोमेट्रिक मशीन लगाए जाने की योजना है.

वोटर्स की पांच प्रकार से होगी जांच
बायोमेट्रिक मशीन के साथ ही वोटर्स की पांच प्रकार से जांच भी की जाएगी. इसके तहत वोट कास्ट करने आने वाले हर वोटर का फिंगरप्रिंट लिया जाना है. साथ में फेस रीडिंग की भी योजना है. इपिक से भी मिलान मतदान केंद्र पर होना है. मतदान के पहले इसको सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा. कुल मिलाकर व्यवस्था चाक चौबंद होगी, ताकि बोगस मतदान के लिए आने वाले वोटरों को आसानी से पहचाना जा सके.

इसके अलावा आयोग ने तय किया है कि प्रस्तावित पंचायत चुनाव में किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों के लिए मतदाता सूची में नाम होना ही सबकुछ नहीं होगा. चुनाव मैदान में उतरने के लिए प्रत्याशी की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में दिशानिर्देश जारी कर दिया गया है. इसमें कहा गया है कि 21 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशी के प्रस्तावक भी नहीं बन सकेंगे. इसी तरह पंच और वार्ड के चुनाव में प्रत्याशी बनने के लिए संबंधित पंचायत का मतदाता होना जरूरी होगा.

यही नहीं, फिलहाल आयोग के स्तर पर 10 चरणों में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी चल रही है. आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को आगाह किया है कि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों को अनिवार्य रूप से कोरोना का वैक्सीन लगवाया जाए. साथ ही चुनाव कार्य में लगाए जाने वाले कर्मियों का कोरोना जांच भी हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश आयोग द्वारा दिया गया है. सरकारी कर्मचारियों के साथ ही मतदाताओं को भी कोरोना का वैक्सीनेशन बड़े पैमाने पर कराने का निर्देश सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिया गया है. गौरतलब है कि बिहार में 5 करोड़ से अधिक मतदाता इस बार पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे.

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