Bihar Assembly Election 2020:‌ दीघा पर रहेगी सभी की नजर, RJD के लिए आसान नहीं होगी राह

बीजेपी और जेडीयू का साथ और शहरी वोटरों के चलते दीघा आरजेडी के लिए मुश्किल सीट हो सकती है. (फाइल फोटो)
बीजेपी और जेडीयू का साथ और शहरी वोटरों के चलते दीघा आरजेडी के लिए मुश्किल सीट हो सकती है. (फाइल फोटो)

दीघा विधानसभा सीट पर अभी BJP का कब्जा है, कभी इस सीट पर जेडीयू का बोलबाला था. ऐसे में RJD के लिए इस सीट को पाना आसान नहीं होगा. शहरी सीट होने का फायदा दोनों ही पार्टियां उठाएंगी और आरजेडी को एक सही उम्मीदवार ही पार लगा सकेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2020, 11:52 PM IST
  • Share this:
पटना. इस साल पटना (Patna) लोकसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी विधानसभा सीट दीघा पर सभी की नजरें टिकी हैं. कारण है कि इस सीट को पिछले चुनावों में बीजेपी ने जेडीयू से छीन लिया था. अब इस नई नवेली सीट पर आरजेडी क्या बिसात बिछाएगी ये देखना रोचक होगा. गौरतलब है कि 2008 के परिसीमन के बाद दीघा विधानसभा क्षेत्र के तौर पर सामने आया. अब तक यहां पर दो ही बार चुनाव हुए हैं. पहली बार जेडीयू ने यहां पर बाजी मारी तो दूसरी बार मतदाताओं ने बीजेपी का पाला चुना था.

शहरी वोटरों का खासा फायदा
दीघा शहरी वोटरों की वजह से खास पहचान रखता है. इसी के चलते फायदा बीजेपी को मिलता रहा है. यहां पर जातिगत तानाबाना भी काफी अहम भूमिका निभाता है साथ ही एक बड़ा फैक्टर महिला वोटरों की संख्या ज्यादा होना भी है. यहां पर वोटरों की संख्या चार लाख से ज्यादा है और इनमें पुरुष करीब 2.35 लाख, वहीं महिला वोटर भी इतनी ही संख्या में मौजूद हैं. इसी का फायदा 2010 में जेडीयू की पूनम देवी को मिला था. जिन्होंने पहली बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी. उसके बाद 2015 में बीजेपी के संजीव चौरसिया ने जेडीयू के राजीव रंजन को 30 हजार वोटों के अंतर से हराया था.

आरजेडी के लिए होगी मुश्किल
इन चुनावों में बीजेपी और जेडीयू के साथ आ जाने के चलते अब राजद के लिए राह कठिन होगी. इस सीट पर पहले ही शहरी मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है जिसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा और फिर महिला वोटरों का होना भी जेडीयू-बीजेपी के लिए अच्छा ही रहेगा. ऐसे में आरजेडी को इस सीट के लिए उम्‍मीदवार चुनने में काफी मंथन करना होगा.



वर्तमान विधायक के चर्चे
वहीं यदि वर्तमान में बीजेपी के इस सीट से विधायक संजीव चौरसिया की बात की जाए तो वे चर्चा में हैं. कोरोना काल में उन्होंने एक हवन करवाया और कहा कि इससे कोरोना खत्म हो जाएगा. इसको लेकर उनकी आलोचना हुई लेकिन एक तबका ऐसा भी है जिसने इस बात का स्वागत किया और उनका साथ दिया. हालांकि राजनी‌ति के वे मंझे हुए खिलाड़ी हैं और फिलहाल वे बीजेपी के महासचिव के तौर पर भी काम कर रहे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज