BJP ने बिहार में की NRC की मांग, JDU बोली- कोई जरूरत नहीं

News18 Bihar
Updated: September 3, 2019, 9:03 AM IST
BJP ने बिहार में की NRC की मांग, JDU बोली- कोई जरूरत नहीं
बिहार के सीमांचल इलाके में एनआरसी लागू करने की बीजेपी की मांग को जेडीयू ने खारिज कर दिया. (फाइल फोटो)

राकेश सिन्हा ने कहा कि बिहार के सीमावर्ती जिलों में जिस प्रकार आबादी बढ़ती जा रही है, इससे साबित होता है कि यहां पर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक आकर बस गए हैं.

  • Share this:
नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) के मुद्दे पर जेडीयू (JDU) और बीजेपी (BJP) के बीच मतभेद एक बार फिर सामने आ गए हैं. भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) ने जहां इसका दायरा बढ़ाकर दूसरे राज्यों में करने और बिहार और पश्चिम बंगाल (Bihar and West Bengal) में एनआरसी (NRC) की वकालत की है, वहीं जेडीयू ने इस मसले पर रुख स्पष्ट कर दिया है. पार्टी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट  (Supreme Court) ने एनआरसी का गठन सिर्फ असम के लिए किया था. इसलिए इसे बिहार या किसी अन्य राज्य में फैलाने की जरूरत नहीं है.

NRC पर बढ़ी रार!
बता दें कि जेडीयू और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर आपस में ठन गई है. दरअसल  पूर्व आरएसएस पदाधिकारी और वर्तमान में भाजपा के राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा ने सोमवार को बिहार के सीमावर्ती इलाके में एनआरसी की मांग कर दी. उन्होंने कहा कि बिहार के सीमावर्ती जिलों में जिस प्रकार आबादी बढ़ती जा रही है, इससे साबित होता है कि यहां पर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक आकर बस गए हैं.

'सीमांचल में बिगड़ा आबादी का संतुलन'

बीजेपी सांसद ने कहा कि असम और बिहार के सीमांचल में कोई बुनियादी अंतर नहीं है. यदि NRC असम के लिए आवश्यक है तो उससे कम आवश्यक सीमांचल के लिए नहीं है. सीमांचल की जनसंख्या में हुई वृद्धि का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया और अररिया जिलों में खास तौर पर एनआरसी की सख्त जरूरत है. उन्होंने दावा किया कि इन इलाकों में जनसंख्या वृद्धि स्वाभाविक, प्राकृतिक और देशज नहीं है.

JDU का बिहार में NRC से इनकार
वहीं, जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि यह बहुत ही संवेदनशील मामला है और किसी भी हाल में देश के नागरिकों को बाहर नहीं भेजना चाहिए. जेडीयू नेता ने दो टूक लहजे में यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी का गठन सिर्फ असम के लिए किया था इसलिए इसे बिहार या अन्य राज्यों में फैलाने की जरूरत नहीं है.
Loading...

'अदालत के फैसले होंगे मान्य'
उन्होंने कहा कि इस मसले पर लगभग सभी दलों की एक राय है. बीजेपी के असम प्रदेश अध्यक्ष, असम गण परिषद समेत कई दलों के नेताओं ने सवाल उठाए हैं. एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के अंदर सारे मामले विचाराधीन होंगे और अदालत के फैसले सबको मान्य होंगे.

इनपुट- अमितेश कुमार

ये भी पढ़ें- 


छपरा जेल में कैदी ने मनाई बर्थडे पार्टी और इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीरें, जांच कमेटी गठित




जी स्कूल के टॉयलेट में मिला छात्र का शव, प्रिंसिपल समेत 5 पर FIR

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 3, 2019, 9:00 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...