लाइव टीवी

अरेबियन कल्चर से ओवैसी को प्यार, भारतीय संस्कृति को बदनाम करने की साजिश में वे भी शामिल'

News18 Bihar
Updated: October 9, 2019, 12:31 PM IST
अरेबियन कल्चर से ओवैसी को प्यार, भारतीय संस्कृति को बदनाम करने की साजिश में वे भी शामिल'
राकेश सिन्हा ने असदुद्दीन ओवैसी पर भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का आरोप लगाया. (राकेश सिन्हा का फाइल फोटो)

बीजेपी के राज्यसभा से सांसद राकेश सिन्हा ने कहा कि ओवैसी अरब की संस्कृति से जुड़ना चाहते हैं जबकि भारत की संस्कृति से कटे रहना चाहते हैं. लिंचिंग एक विदेशी शब्द है और भारत में उसका प्रयोग गलत है.

  • Share this:
नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya swayam sewak sangh) के प्रमुख मोहन भागवत  (Mohan Bhagwat) के मॉब लिंचिंग ( Mob Lynching) पर दिए बयान पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन यानि AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin owaisi)ने उन्हें घेरा है. आरएसएस प्रमुख के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम, दलित और यहां तक कि हिंदू भी देश की भीड़तंत्र द्वारा रची गई घटनाओं के शिकार हुए हैं. क्या ये घटनाएं मॉब लिंचिंग नहीं हैं?

ओवैसी ने मॉब लिंचिंग शब्द को भारत को बदनाम करने की साजिश कहा
उन्होंने इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद नई दिल्ली में हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी जिक्र किय. उन्होंने कहा कि तब भी मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुई थीं. हैदराबाद के सांसद ओवैसी द्वारा मॉब लिंचिंग के अपराधियों को महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे से प्रेरित बताया. बता दें कि भागवत ने अपने बयान में कहा था कि लिंचिंग की उत्पत्ति पश्चिमी देशों में हुई है और इसका इस्तेमाल भारत को बदनाम करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.

'अरब की संस्कृति से जुड़ना चाहते हैं ओवैसी'

ओवैसी के इस बयान पर बीजेपी के राज्यसभा से सांसद राकेश सिन्हा ने कहा कि ओवैसी अरब की संस्कृति से जुड़ना चाहते हैं जबकि भारत की संस्कृति से कटे रहना चाहते हैं. भारत की संस्कृति को बदनाम करने की साज़िश में ओवैसी भी शमिल हैं. उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने सामाजिक अंतर्विरोध यानि Social Conflict पर बहस छेड़ी है. लिंचिंग एक विदेशी शब्द है और भारत में उसका प्रयोग ग़लत है.

'लिंचिंग' शब्द भारत का नहीं- मोहन भागवत
गौरतलब है कि 8 अक्टूबर को आरएसएस की स्थापना दिवस पर नागपुर के रेशिमबाग मैदान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी समारोह को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा था कि लिंचिंग की उत्पत्ति पश्चिमी देशों में हुई है. इसे भारत पर नहीं थोपा जाना चाहिए. ये भारत को बदनाम करने की साजिश है. भारत छोड़ में इतनी विविधताओं के बाद भी लोग एक साथ शांति से रहते हैं. उन्होंने कहा था कि शब्द 'लिंचिंग' भारतीय लोकाचार से उत्पन्न नहीं हुआ है, बल्कि एक अलग धार्मिक पाठ से आता है.
Loading...

इनपुट- अमितेश

ये भी पढ़ें- 


CM नीतीश के 'बायकॉट' पर JDU का जवाब- भागने से काम नहीं चलेगा, इतने वर्षों से जीतकर क्या कर रहे हैं?




 

दशहरा मंच तक पहुंची BJP-JDU की तल्खी, नीतीश के साथ बैठे दिखे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष


 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 9, 2019, 12:12 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...