क्‍या देशभर में होनी चाह‍िए 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं? जानें क्‍या बोले ब‍िहार के श‍िक्षा मंत्री

बोर्ड परीक्षाओं को लेकर क्‍या बोले ब‍िहार के श‍िक्षा मंत्री व‍िजय चौधरी

बोर्ड परीक्षाओं को लेकर क्‍या बोले ब‍िहार के श‍िक्षा मंत्री व‍िजय चौधरी

Bihar News: ब‍िहार के श‍िक्षा मंत्री व‍िजय चौधरी ने कहा क‍ि कोरोना के वर्तमान काल में तो ऐसी परिस्थिति है क‍ि इन्‍हें तत्काल आयोजित करना सही नहीं होगा, लेकिन महीने-डेढ़ महीने बाद की एक तारीख जरूर घोषित कर देनी चाहिए.

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कोरोना की दूसरी लहर के चलते हर राज्‍य ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा टाल दी है और 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर बीते रव‍िवार यानी 23 मई को शिक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक हुई थी ज‍िसमें सभी राज्‍यों के श‍िक्षा मंत्री शाम‍िल हुए थे. इस बैठक के बाद 12वीं परीक्षाओं को लेकर राज्‍य सरकारों को अपना फैसला बताने को कहा गया है.वहीं ब‍िहार के श‍िक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा है क‍ि हमारे राज्‍य ने सबसे पहले 10वी और 12वीं की परीक्षा कराकर उसके नतीजे भी घोषित कर दिए, जबक‍ि बाकी राज्यों में तो परीक्षा ही नहीं हो पाई हैं. हम लोगों से परामर्श किया गया तो हमने कहा है कि परीक्षाएं जरूर होनी चाहिए.

उन्‍होंने कहा क‍ि 10वी और 12वीं का विशेष महत्‍व होता है. कोरोना के वर्तमान काल में तो ऐसी परिस्थिति है क‍ि इन्‍हें तत्काल आयोजित करना सही नहीं होगा, लेकिन महीने-डेढ़ महीने बाद की एक तारीख जरूर घोषित कर देनी चाहिए. वहीं शिक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मांग की थी कि बोर्ड परीक्षा कराने से पहले विद्यार्थियों का टीकाकरण कराया जाए. असम, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा और मेघालय ने भी केंद्र से आह्वान किया कि परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार किया जाए.

एक जून को होगा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर फैसला

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को कहा कि बारहवीं कक्षा की बोर्ड की लंबित परीक्षा कराने के संबंध में राज्यों के बीच व्यापक सहमति है और इस बारे में जल्द सुविचारित एवं सामूहिक निर्णय एक जून तक लिया जाएगा. महाराष्ट्र ने उच्च स्तरीय बैठक में बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा लेने से इतर कोई रास्ता तलाशने पर सुझाव दिया जबकि दिल्ली और केरल ने परीक्षा से पहले छात्रों का टीकाकरण करने की बात कही. वहीं, सूत्रों के अनुसार, सीबीएसई ने परीक्षा 15 जुलाई से 26 अगस्त के बीच कराने और परिणाम सितंबर में घोषित करने का प्रस्ताव किया. बोर्ड ने दो विकल्पों का प्रस्ताव किया, जिसमें अधिसूचित केंद्रों पर 19 प्रमुख विषयों की नियमित परीक्षा लेने या छात्रों के पंजीकरण वाले स्कूलों में लघु अवधि की परीक्षा लेने की बात कही गई. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्य सरकारों से 25 मई तक विस्तृत सुझाव भेजने का आग्रह किया.
गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण 14 अप्रैल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं और 10वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा को रद्द कर दिया गया था. यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई बैठक में किया गया था. ये परीक्षाएं 4 मई से 14 जून के बीच होनी थीं इसी तरह, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और अन्य राष्ट्रीय परीक्षा आयोजित करने वाले संस्थानों ने भी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अपनी प्रवेश परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में दो घंटे से अधिक समय तक डिजिटल माध्यम से हुई बैठक में निशंक के अलावा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे के अलावा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों व सचिवों ने भी हिस्सा लिया.

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