जून से कैंसर मरीजों को IGIMS में मिलेगी बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा 

पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल में जून महीने से कैंसर पीड़ितों को बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी.

Utkarsh Kumar | News18 Bihar
Updated: April 17, 2018, 5:28 PM IST
जून से कैंसर मरीजों को IGIMS में मिलेगी बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा 
पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल में जून महीने से कैंसर पीड़ितों को बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी.
Utkarsh Kumar | News18 Bihar
Updated: April 17, 2018, 5:28 PM IST
अब बिहार के मरीजों को कैंसर के बेहतर इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या अन्य शहर नहीं जाना होगा. अब उन्हें बिहार की राजधनी पटना में ही बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी. पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल में जून महीने से कैंसर पीड़ितों को बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी.


आईजीआईएमएस के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के इंचार्ज अविनाश पांडेय ने बताया कि आईजीआईएमएस राज्य का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल होगा जहां बोनमैरो ट्रांसप्लांट से कैंसर पीड़ितों का इलाज हो सकेगा. इसके लिए सारी तैयारी पूरी कर ली गयी है. मशीन भी अस्पताल में आ गया है. मई के आखिर या जून के पहले हफ्ते से यहां कैंसर मरीजों का बोनमैरो ट्रांसप्लांट तकनीक से इलाज होना शुरू हो जाएगा. इलाज का खर्च भी दूसरे राज्य के अस्पतालों से कम लगेगा. अभी मुम्बई के टाटा मेमोरियल अस्पताल में करीब 8 लाख रुपये खर्च पर बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलती, वहीं हमारी कोशिश है कि हम मरीजों को 3 लाख रुपये तक में ये सुविधा दें. इसके लिए हमे सरकार से भी अनुदान मिलेगा.



 वहीं, इस बारे में आईजीआईएमएस के अधीक्षक मनीष मंडल ने बताया कि राज्य में इस तरह की तकनीक पहली बार आईजीआईएमएस में शुरु की जा रही है. इससे इलाज के दूसरे राज्यों में जाने वाले मरीजों को राहत मिलेगी. अब कैंसर पीड़ितों का समुचित इलाज कम खर्च पर पटना में ही हो सकेगा. इस तकनीक से ब्लड कैंसर के मरीजों के साथ-साथ  लिंफोमा, मल्टीपल माइलोमा और हेमैटो मैलिगनेंसीज के मरीजों को भी राहत मिलेगी.


बोनमैरो ट्रांसप्लांट के तहत कैंसर पीड़ित का इलाज स्टेम सेल से किया जाता है. डॉ पांडेय बताते हैं कि कैंसर पीड़ित मरीज के इलाज के पहले कीमोथेरपी की जाती है. लेकिन, हाईडोज के कारण बोनमैरो नष्ट होने लगता है. इसलिए पहले स्टेम सेल निकालकर उसे फ्रीज कर दिया जाता है. बाद में कीमोथेरेपी के बाद स्टेम सेल को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के तहत मरीज के ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है.
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