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बड़ी खबर: बिहार में इलेक्ट्रिक बस पहले ही दिन हादसे का शिकार, विधानसभा में दीवार से टकराई

हादसे के पीछे ड्राइवर की लापरवाही सामने आ रही है.

हादसे के पीछे ड्राइवर की लापरवाही सामने आ रही है.

विपक्ष ने घेरा- कहां पहले ही दिन दुर्घटना का शिकार हुई इलेक्ट्रिक बस को विधानसभा परिसर में क्यों लाया गया, CM बस में सवारी बाहर कर सकते थे.

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पटना. बिहार में जिन इलेक्ट्रिक बसों (Electric Bus) को हरी झंडी देकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को रवाना किया उनमें से एक पहले ही दिन दुर्घटनाग्रस्त हो गई. ये बस विधानसभा कैंपस की दीवार से टकरा गई. जानकारी के दौरान विधान सभा परिसर में गोलांबर घूमने के दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया और बस दीवार से जा टकराई. बताया जा रहा है कि इसके पीछे बस चालक की चूक का मामला सामने आ रहा है.
हादसे के बाद से ही सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस ने बस के संचालन पर सवाल उठाया और कहा कि बस पहले ही दिन हादसे का शिकार हो गई. ऐसे में बस को विधानसभा में लाने का क्या औचित्य था. कांग्रेस के अनुसार यदि सीएम नीतीश कुमार को बस में बैठ कर देखना था तो वे विधानसभा परिसर के बाहर भी बस में बैठ सकते थे. साथ ही विपक्ष ने ड्राइवरों की बहाली पर भी सवाल उठाया है.

सीएम ने दिखाई थी हरी झंडी
इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने मंगलवार को ही 12 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई थी. इसके साथ ही 25 लग्जरी और 25 डीलक्स सहित 30 सेमी डीलक्स बसों को भी हरी झंडी दिखा रवाना किया था. जानकारी के अनुसार 80 नई बसों की मंगलवार से ही शुरुआत की गई थी.
इन जगहों पर चलेगी इेक्ट्रिक बस
जानकारी के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन पटना से राजगीर, पटना से मुजफ्फरपुर और पटना नगर सेवा के लिए किया जाएगा. इसके साथ ही कई अन्य मार्ग भी प्रस्तावित हैं जिन पर जल्द ही इलेक्‍ट्रिक बसें चलाई जाएंगी.
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