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बिहार में शराबबंदी कानून की पेंच में फंसे 'हीरा और मोती', पुलिस पीट रही सिर, पढ़ें 2 बैलों की कहानी

शराब के साथ पकड़े गये बैलों को चारा खिलाता किसान.

शराब के साथ पकड़े गये बैलों को चारा खिलाता किसान.

Bihar News: बिहार के गोपालगंज में 'हीरा और मोती' दो ऐसे बैल हैं, जिनके लिए शराबबंदी कानून मुसीबत बन गयी है. गलती मालिक ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

गोपालगंज पुलिस के लिए मुसीबत बने दो बैल, कीमत से ज्यादा है नीलामी की रकम 
मालिक की गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं दो बैल, नहीं मिल रहे हैं कोई खरीदार
25 जनवरी को 690 बोतल शराब के साथ जब्त की गयी थी बैलों के साथ बैलगाड़ी

रिपोर्ट- गोविंद कुमार 

गोपालगंज. मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘दो बैलों की कथा’ आपने तो सुना होगा. ‘हीरा और मोती’ दोनों बैलों के नाम थे, जो कठिन परिस्थितियों में रहकर एक ही नाद में भोजन करते थे. ये कहानी आज शराबबंदी वाले बिहार में इन दिनों खूब चर्चा में है. बिहार के गोपालगंज में ‘हीरा और मोती’ दो ऐसे बैल हैं, जिनके लिए शराबबंदी कानून मुसीबत बन गयी है. गलती मालिक की और कानून की सजा इन बैलों को भुगतनी पड़ रही है. अब ऐसे में ‘हीरा और मोती’ के नाम से प्रसिद्ध इन बैलों को लेकर पुलिस भी सिर पीट रही है.

दरअसल पूरा मामला शराबकांड से जुड़ा हुआ है. बैलों को मालिक की ओर से शराब की तस्करी के धंधे में लगाया गया था, जिसे पुलिस ने शराब के साथ बैलगाड़ी को जब्त किया था. कानूनी प्रक्रिया के तहत इन बैलों को नीलाम करना था, लेकिन नीलामी की रकम इतनी अधिक है कि कोई खरीदार ही नहीं मिल रहा है. लिहाजा पुलिस को थक हार कर शराबकांड के अभियुक्त को ही जिम्मेनामा पर बैलों को सौंपनी पड़ा है, जो अब ‘हीरा और मोती’ बैल ना ही मालिक का रहा, ना ही उन्हें छोड़ सकता है. अभियुक्त के पास बैलों को चारा खिलाने के लिए उतने पैसे नहीं हैं. आलम यह है कि पिछले नौ महीने से वह अपने दोनों बैलों को बिना काम कराये उनकी देखभाल कर रहा है.

बैलगाड़ी से हो रही शराब की तस्करी 

बता दें, गोपालगंज के जादोपुर थाने की पुलिस ने 25 जनवरी 2022 को गुप्त सूचना के आधार पर रामपुर टेंगराही गांव के समीप छापेमारी कर एक बैलगाड़ी से पशुओं के चारा (घास) में छिपाकर रखे गए 960 बोतल शराब जब्त किया था. शराबकांड के मामले में पुलिस ने चार लोगों को अभियुक्त बनाया था, जिसमें ओमप्रकाश यादव भी शामिल था. ओमप्रकाश समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जबकि एक अभियुक्त अभी भी फरार है.

पुलिस ने अभियुक्त के घर भेजा बैल 

तत्‍कालीन थानाध्‍यक्ष मिथ‍िलेश प्रसाद सिंह के बयान पर मामला दर्ज कर एंटी लिकर टास्‍क फोर्स ने इस बैलगाड़ी को शराब तस्‍करी के मामले में जब्‍त किया था. इस बीच पुलिस ने दोनों बैल को अपने पास न रख अभियुक्त के कंधों पर इनकी जिम्मेदारी डाल दी. लेकिन अभियुक्त होने के कारण उसके नाम से नहीं बल्कि उसके भाई के नाम से जिम्‍मेनामा कागज बनाया गया. इधर, जेल से बाहर निकले शराबकांड के अभियुक्त ओमप्रकाश का कहना है कि कागज मेरे भाई के नाम पर है और बैल को मेरे हवाले कर दिया गया है.

जेल जाने पर पत्नी करती थी देखभाल

बेतिया जिला के नौतन थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव के रहनेवाले ओमप्रकाश यादव का कहना है कि शराबकांड में पुलिस ने फंसाकर जेल में डाल दिया. जेल जाने के बाद पत्नी ने किसी तरह से छह महीनों तक बैलो की देखभाल की. जेल से आने के बाद अब हम लोग ही देखभाल चारा पानी कर रहे हैं. इन बैलों के कारण ना ही कहीं जा पा रहे हैं और ना ही इससे काम लिया जा सकता है. काम अगर लेंगे और बैलों को कोई नुकसान होगा तो इसकी भी जिम्मेदारी हमारी ही होगी. उसका भी हमें ही जवाब देना पड़ेगा या फिर मैं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत फंस भी सकता हूं. यही वजह है कि बैलों से बिना काम लिए उसके चारा दे रहा हूं. ओमप्रकाश यादव के मुताबिक थाने से उसे चारा के लिए कोई खर्च नहीं मिलता है.

आखिर कहां जाता है बैलों के लिए जाने वाला पैसा?

जादोपुर के थानाध्यक्ष विक्रम कुमार ने कहा कि बैलों की देखभाल के लिए ओमप्रकाश को हर महीने 10 हजार रुपये दी जाती है. थाना की तरफ से पैसे दिया जाता है. बैलों के नीलामी के प्रयास किया जा रहे है. जो भी कानून सम्मत कार्रवाई है वह जारी है. सवाल अब उठता है कि जिसके पास से शराब बरामद हुई, उसकी को जिम्मेनामा बनाकर बैलों की देखरेख की जिम्मेदारी कैसे सौंप दी गयी. वहीं बैलों को खिलानेवाले ओमप्रकाश ने पुलिस का पैसा नहीं मिलने की बात कही है.

कीमत से ज्यादा है नीलामी का रेट

जेल से बाहर निकले ओमप्रकाश यादव ने अपनी दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि नौ महीने में 50 हजार रुपये से ज्यादा खर्च हो गए हैं. छह महीने जेल में भी सजा काट लिए. अब भी इन बैलों से पीछा नहीं छूट रहा है. ओमप्रकाश का कहना है कि 38 हजार रुपये का बैल है, जिसकी नीलामी के लिए कीमत 60 हजार रुपये निर्धारित कर दी गयी है, इसलिए कोई खरीदार भी नहीं मिल रहा है.

Tags: Bihar Liquor Smuggling, Bihar News, Gopalganj news

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