लाइव टीवी

बिहार उपचुनाव: इन 3 सीटों पर 'अपने' ही बिगाड़ सकते हैं खेल, जानें सियासी समीकरण

News18 Bihar
Updated: October 24, 2019, 9:02 AM IST
बिहार उपचुनाव: इन 3 सीटों पर 'अपने' ही बिगाड़ सकते हैं खेल, जानें सियासी समीकरण
बिहार की तीन सीटें-दरौंदा, नाथनगर और सिमरी बख्तियारपुर पर अपनों के बीच मुकाबला.

विधानसभा की तीन सीटें, जिनमें भागलपुर की नाथनगर, सीवान की दरौंदा और सहरसा की सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा सीटों पर अपने ही खेल बिगाड़ सकते हैं.

  • Share this:
पटना. 21 अक्टूबर को समस्तीपुर लोकसभा (Samstipur lok sabha) और बिहार विधानसभा (Assembly) की 5 सीटों पर हुए उपुचनाव को 2020 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) का सेमीफाइनल माना जा रहा है. इसके आने वाले परिणाम को सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की साख और तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) की नेतृत्व क्षमता से भी जोड़कर देखा जा रहा है. ऐसे में इसमें हुई जीत-हार आने वाले सियासी समीकरण पर भी असर डाल सकते हैं.

हालांकि पूरे चुनाव के दौरान एक बात जो स्पष्ट तौर पर दिखी वह यह कि आम तौर पर एनडीए (NDA) का खेमा एकजुट नजर आया जबकि महागठबंधन (Grand Alliance) की एकता तार-तार होती दिखी.इन सब के बीच यह भी साफ है कि विधानसभा की तीन सीटें जिनमें भागलपुर की नाथनगर, सीवान की दरौंदा और सहरसा की सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा सीटों पर अपने ही खेल बिगाड़ सकते हैं.

सीवान की दरौंदा सीट
जेडीयू की विधायक कविता सिंह के लोकसभा चनाव जीतने के बाद सीवान की दरौंदा सीट खाली हुई थी. ऐसे में यहां से पार्टी ने कविता सिंह के पति अजय सिंह को उतारा. जबकि महागठबंधन की ओर से आरजेडी ने उमेश सिंह पर दांव लगाया. लेकिन सबकी दिलचस्पी इस बात को लेकर है कि बीजेपी के बागी उम्मीदवार कर्णजीत सिंह कितना वोट काटते हैं.

दरअसल कर्णजीत सिंह ने निर्दलीय लड़ाई लड़कर जेडीयू की परेशानी बढ़ा दी. उन्हें जिस तरह बीजेपी नेताओं का खुलकर समर्थन मिला, इससे आरजेडी को अपनी जीत की उम्मीद नजर आ रही है.

भागलपुर की नाथनगर सीट
नाथनगर विधानसभा सीट पर जेडीयू के लक्ष्मीकांत मंडल और आरजेडी ने राबिया खातून के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है. लेकिन, महागठबंधन से नाराज जीतनराम मांझी ने अपनी पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से अजय राय पर दांव खेलकर आरजेडी की मुसीबत बढ़ा दी.


Loading...

अजय राय ने अगर माय समीकरण में थोडी भी सेंध लगाई तो यह जेडीयू उम्मीदवार के लिए अच्छे नतीजे लेकर आएगा. जमीनी रिपोर्ट भी यही कह रही है कि यहां अपने ही आरजेडी का खेल बिगाड़ सकते हैं.


सहरसा की सिमरी बख्तियारपुर सीट
जेडीयू के दिनेश चंद्र यादव के मधेपुरा से सांसद बनने के बाद खाली हुई सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा सीट से जेडीयू ने पूर्व विधायक अरुण यादव और आरजेडी ने जफर आलम के बीच की मुख्य लड़ाई है. हालांकि महागठबंधन में शामिल विकासशील इंसान पार्टी की उम्मीदवारी ने आरजेडी उम्मीदवार के लिए मुश्किल खड़ी कर दी.


विकासशील पार्टी  (VIP) के दिनेश निषाद के खड़ा हो जाने आरजेडी उम्मीदवार का वोट कटना तय माना जा रहा है. क्योंकि इस विधानसभा क्षेत्र में निषादों की संख्या अधिक मानी जा रही है.


किशनगंज सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला

इसके अतिरिक्त किशनगंज सीट पर भी दिलचस्प मुकाबला है. सांसद चुने जाने के बाद कांग्रेस के डॉ. जावेद ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. यहां हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस ने डॉ. जावेद की मां सईदा बानो को उम्मीदवार बनाया तो एनडीए की ओर से बीजेपी ने स्वीटी सिंह पर तीसरी बार भरोसा जताया.


मुख्य मुकाबला भी बीजेपी-कांग्रेस के उम्मीदवारों में माना जा रहा है, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी  AIMIM ने कमरुल हुदा को चुनावी दंगल में उतारकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अगर मुस्लिम वोट में सेंध लगती है तो इसका सीधा लाभ बीजेपी के उम्मीदवार को मिल सकता है.


ये भी पढ़ें- 



News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 24, 2019, 8:46 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...