बिहार उपचुनाव: जाने बिहार की पांच सीटों पर किसका पलड़ा है कितना भारी
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बिहार उपचुनाव: जाने बिहार की पांच सीटों पर किसका पलड़ा है कितना भारी
बिहार की पांच सीटों पर 21 अक्टूबर को चुनाव होना है

बिहार में साल 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव यानी फ़ाइनल से पहले इस उपचुनाव को सत्ता का सेमीफ़ाइनल माना जा रहा है. इस उपचुनाव में न सिर्फ गठबंधन बल्कि एनडीए की भी परीक्षा है

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 24, 2019, 3:56 PM IST
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पटना. बिहार में उपचुनाव (By Election) का शंखनाद हो गया है. निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने बिहार के 5 विधानसभा और एक लोकसभा सीट (Loksabha) पर होने वाले उपचुनाव की घोषणा कर दी है. 21 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के शंखनाद के साथ ही राजनितिक दलों की सरगर्मी शुरू हो गई है. न्यूज 18 आपको बता रहा है इन सीटों पर क्या समीकरण थे और आज क्या चुनौती है.

21 अक्टूबर को 5 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव के साथ-साथ रामविलास पासवान के भाई और समस्तीपुर से चुने गए सांसद रामचंद्र पासवान की मृत्यु के बाद खाली सीट पर भी चुनाव होंगे. सभी सीटों पर नतीजों का एलान 24 अक्टूबर को होना है, लिहाजा सरगर्मी बढ़ गई है. उपचुनाव की बात करें तो इन पांचों सीटों में 4 सीटों पर फ़िलहाल एनडीए का कब्ज़ा है.

क्या था 2015 का गणित



किशनगंज- इस सीट से कांग्रेस के मोहम्मद जावेद ने बीजेपी की स्वीटी सिंह को 8609 मतों से हराया था.
नाथनगर- इस सीट से जेडीयू के अजय कुमार मंडल ने लोजपा के अमरनाथ प्रसाद को 7825 मतों से हराया था.

सिमरी बख्तियारपुर- इस सीट से जेडीयू के दिनेश यादव ने लोजपा के युसूफ स्लॉडफिन को 37806 मतों से पराजित किया था.

बेलहर- इस सीट से जेडीयू के गिरधारी यादव ने बीजेपी के मनोज यादव को 16195 मतों से हराया था.

दरौंधा- सीवान की इस सीट से जेडीयू की कविता सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार जितेंद्र स्वामी को 13222 मतों से पराजित किया था.

समस्तीपुर लोकसभा सीट- इस सीट से लोजपा के रामचंद्र पासवान ने कांग्रेस के अशोक राम को 2 लाख 51 हजार मतों से हराया था.

सत्ता का सेमी फाइनल

2020 में होने वाले फ़ाइनल से पहले यह सत्ता का सेमीफ़ाइनल माना जा रहा है. इस उपचुनाव में न सिर्फ गठबंधन बल्कि एनडीए की भी परीक्षा है. 2015 के विधानसभा चुनाव में एनडीए के दोनों घटक दल बीजेपी और जदयू अलग-अलग चुनाव लड़ी थी, जबकि जदयू ने आरजेडी के साथ गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा था. इस बार दोनों खेमों के समीकरण बदले हुए हैं.

सीटों को लेकर दावेदारी

अब बीजेपी और जदयू साथ हैं तो आरजेडी के साथ कांग्रेस और कई क्षेत्रीय पार्टियां हैं. एनडीए ने जहां लोकसभा साथ लड़कर बड़ी जीत हासिल की है वहीं गठबंधन की बुरी हार हुई थी. उपचुनाव से पहले ही गठबन्धन में सीटों को लेकर दावे शुरू हो गए है. कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा किशनगंज और समस्तीपुर लोकसभा सीट कांग्रेस के लिए पक्का मान रहे हैं वहीं जीतन राम मांझी ने गठबंधन की बैठक से पहले ही नाथनगर सीट को लेकर एलान कर दिया है. अब देखना होगा कि गठबंधन की आपसी तकरार के बीच फिर इन सीटों पर हार होगी या एनडीए के एकजुटता पर कोई ठोस रणनीति बनाएंगे.

रिपोर्ट- रवि एस नारायण
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