बिहार उपचुनाव: तेजस्वी के लिए भी 'ड्राइविंग सीट' पर बैठने का है मौका

पिछले कुछ दिनों में तेजस्वी के राजनीतिक गतिविधियों की वजह से बिहार की जनता के बीच जाहिर तौर तेजस्वी की पूछ बढ़ी है. अगर बात की जाए अगले बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार की तो आरजेडी पहले ही तेजस्वी को सीएम उम्मीदवार बता चुकी है.

Utkarsh Kumar | News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 9:29 AM IST
बिहार उपचुनाव: तेजस्वी के लिए भी 'ड्राइविंग सीट' पर बैठने का है मौका
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Utkarsh Kumar | News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 9:29 AM IST
बिहार विधानसभा की दो सीटों समेत एक लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे बस कुछ ही घंटों में सबके सामने होंगे. मतगणना के शुरुआती रुझानों में आरजेडी को बढ़त मिलती दिख रही है. 2019 लोकसभा चुनाव के पहले अररिया लोकसभा, जहानाबाद विधानसभा और भभुआ विधानसभा पर हुए उपचुनाव का परिणाम कई मामलो में खास है.

बात करते हैं बिहार राजनीति में अपनी मजबूत धमक बढ़ाने की ओर कदम बढ़ा रहे लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की, जिनके लिए यह परिणाम उनके भविष्य की पठकथा लिख सकता है. उपचुनाव के परिणाम अगर आरजेडी के पक्ष में आते हैं तो निश्चित ही तेजस्वी ड्राइविंग सीट पर बैठने के लिए तैयार माने जाएंगे. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जेल में रहने के बाद से ही जिस तरह तेजस्वी पार्टी की लीडिंग फ्रॉम फ्रंट की भूमिका में आकर विरोधियो को जवाब दे रहे हैं. यह बताता है कि तेजस्वी अब पारी के लिए तैयार हो गए हैं.

तो बढ़ेगा तेजस्वी का कद

अगर चुनाव परिणाम आरजेडी के पक्ष में आता है तो निश्चित ही तेजस्वी का न सिर्फ अपनी पार्टी में बल्कि बिहार की राजनीति में भी कद बढ़ेगा. जिस तरह पिछले दिनों बिहार विधान सभा मे भी तेजस्वी ने बखूबी अपनी बातों को रखा और विपक्ष पर हमला किया है. वह उनके लीडिंग भूमिका को भी दर्शा रहा है. ऐसे में चुनाव परिणाम अगर आजेडी के पक्ष में आता है तो तो तेजस्वी को क्रेडिट जरूर मिलेगा कि पिता के जेल में रहने के बाद भी तेजस्वी ने पार्टी को टूटने नहीं दिया.

नीतीश के विकल्प के रूप में भी सामने आएंगे तेजस्वी

अगर उपचुनाव पूरी तरह से आरजेडी के पक्ष में आता है तो निश्चित तौर पर तेजस्वी का कद बढेगा और उनके समर्थकों की संख्या भी बढ़ेगी. पिछले कुछ दिनों में तेजस्वी के राजनीतिक गतिविधियों की वजह से बिहार की जनता के बीच जाहिर तौर तेजस्वी की पूछ बढ़ी है. अगर बात की जाए अगले बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार की तो आरजेडी पहले ही तेजस्वी को सीएम उम्मीदवार बता चुकी है. यही नहीं इस उपचुनाव को नीतीश कुमार और तेजस्वी की प्रतिष्ठा से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। ऐसे में अगर आरजेडी जीतती है तो तेजस्वी बिहार में निश्चित ही नीतीश के विकल्प के रूप मव भी सामने आएंगे.

यहां मिल सकती है तेजस्वी को खुशखबरी

अररिया लोकसभा सीट के बारे में ऐसा कहा जा रहा है कि यहां महागठबंधन का पलड़ा भारी है. न्यूज़18 की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार इस सीट पर बीजेपी ध्रुवीकरण करने में असफल रही है. साथ ही अररिया लोकसभा उपचुनाव के ठीक पहले पूर्व सीएम जीतन राम मांझी का एनडीए के साथ छोड़ महागठबंधन में आना भी तेजस्वी के लिए गुड फैक्टर साबित हो सकता है. यही नहीं यहां के पूर्व सांसद तस्लीमुद्दीन को इस क्षेत्र का गांधी कहा जाता है. ऐसे में यहां से महागठबंधन के उम्मीदवार सरफराज आलम को यहां जीत मिलने की उम्मीद की जा रही है। मतगणना के शुरुआती परिणामों में भी सरफराज को बढ़त मिलती नजर आ रही है.
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