Bihar Election: विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के लिए प्रचार थमा, मैदान में हैं 1204 प्रत्याशी

तीन चरणों में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के मतदान की काउंटिंग 10 नवंबर को होनी है.
तीन चरणों में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के मतदान की काउंटिंग 10 नवंबर को होनी है.

Bihar Assembly Election: बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के लिए होने वाले मतदान को लेकर चुनाव प्रचार थम गया है. इस दौरान 15 जिलों की 78 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा, जिसमें 1204 प्रत्याशी मैदान में हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 9:21 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के तीसरे और अंतिम चरण के तहत 15 जिलों के जिन 78 विधानसभा क्षेत्रों में सात नवंबर को मतदान होना है, उनके लिए चुनाव प्रचार बुधवार की शाम छह बजे थम गया. इस चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)ने बिहार के दूरदराज जिलों अररिया और सहरसा में रैलियों को संबोधित किया और जनता से मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व वाले राजग, जिसने उनकी जरूरतों को पूरा करने के साथ आने वाले दशक में उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तत्पर है, में विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया है. इस बार बिहार विधानसभा के चुनाव में कुल मिलाकर 12 रैलियों को प्रधानमंत्री ने संबोधित किया है.

राहुल गांधी ने यहां दिखाया दम
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस चरण में मधेपुरा और अररिया में चुनावी सभाओं को संबोधित किया. साथ ही ईवीएम को एमवीएम (मोदी वोटिंग मशीन) बताया. इस पर भाजपा ने दावा किया कि विपक्ष के नेता ने अपनी आसन्न हार के मद्देनजर ऐसे आरोप लगा रहे हैं. इस चरण में भी प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रैलियां में बेतुकी घटनाएं जारी रहीं. मधुबनी में एक चुनावी रैली में नीतीश की ओर पत्थर और प्याज फेंके जाने पर उन्होंने ऐसा करने वालों से कहा, 'फेंको और फेंको.' जबकि भाजपा ने विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए अपने कई दिग्गजों को मैदान में उतारा जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन लोगों में से थे जिन्होंने बार-बार राज्य के मतदाताओं से राजग का समर्थन करने का आग्रह किया.

विपक्ष ने भी भरी हुंकार
विपक्षी महागठबंधन मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तथा राजद नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) भी लगातार अपने प्रचार अभियान में लगे रहे और इस चरण में भी कई रैलियों को संबोधित किया. राजग में शामिल जदयू से नाता तोड़कर अपने बलबूते चुनाव लड़ रही लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी इस चरण में कई रैलियां और रोड शो किए. लोजपा को इस चुनाव के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर स्वीकार्य नहीं हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के अंतर्गत राज्य के मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र के कई विधानसभा क्षेत्र आते हैं. एआईएमआईएम जो रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और मायावती की बीएसपी सहित कुल छह दलों का गठबंधन बनाकर यह चुनाव लड़ रही है, के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा और मोदी को बढ़ावा मिलने के लिए कांग्रेस-राजद गठबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए अल्पसंख्यकों से आग्रह किया कि वे इन दोनों दलों को इस चुनाव में किनारे लगा दें.



78 विधानसभा सीटों पर होना है मतदान
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि तृतीय चरण के कुल 78 विधानसभा क्षेत्रों में सात नवम्बर को मतदान होना है और उनके लिए बुधवार की शाम छह बजे प्रचार समाप्त हो गया. ये 78 विधान सभा क्षेत्र राज्य के जिन जिलों में पड़ते हैं, वे पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली तथा समस्तीपुर हैं. इस चरण में कुल 1204 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जिनमें 110 महिला शामिल हैं. जबकि तृतीय चरण में सबसे अधिक प्रत्याशी (31) गायघाट में और सबसे कम प्रत्याशी (9) चार विधानसभा क्षेत्रों ढ़ाका, त्रिवेणीगंज, जोकीहाट और बहादुरगंज में हैं.
अंतिम चरण में अपनी सीट बरकरार रखने की चाह रखने वालों में बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी और राज्य के कैबिनेट मंत्री सुरेश शर्मा और प्रमोद कुमार प्रमुख हैं. एक और उम्मीदवार जिसने लोगों की जिज्ञासा को बढ़ाया है और वह सुभाषिनी यादव हैं, जो कि मधेपुरा जिले के बिहारीगंज से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं, जो अपने पिता और दिग्गज समाजवादी नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की राजनीतिक विरासत को बचाने चुनावी मैदान में पहली बार उतरी हैं.
बिहार विधानसभा के तीसरे चरण में क्षेत्रवार सबसे बड़ा विधान सभा क्षेत्र वाल्मीकिनगर है. जबकि मतदातावार सबसे बड़ा विधान सभा क्षेत्र सहरसा है , तो वहीं मतदातावार सबसे छोटा विधान सभा क्षेत्र हायाघाट है.
इस चरण में कुल 2,35,54,071 मतदाता जिसमें 1,12,06,378 महिला और 894 ट्रांसजेंडर शामिल हैं, अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.
तीसरे चरण के चुनाव के लिए कुल 33,782 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं, जिसके लिए इतने ही कंट्रोल यूनिट तथा वीवीपैट एवं 45,953 बैलेट यूनिट की व्यवस्था की गई है.
तीसरे चरण में वैसे मतदान केन्द्र जहां मतदान का समय सामान्य समय (पूर्वाहन 07:00 बजे से अपराहन 06:00 बजे तक) से भिन्‍न होगा उनमें कुल चार विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं. इन चार विधानसभा क्षेत्रों में पश्चिम चंपारण जिला के वाल्मीकिनगर एवं रामनगर और सहरसा जिला के सिमरी बख्तियारपुर एवं महिषी में मतदान का समय पूर्वाह्न 700 बजे से अपराह्न 400 बजे तक निर्धारित किया गया है.
बिहार विधान सभा निर्वाचन 2020 के साथ ही वाल्मीकिनगर लोक सभा उपनिर्वाचन 2020 के लिए भी 7 नवम्बर 2020 को मतदान की तिथि निर्धारित है जिसमें कुल सात प्रत्याशी मैदान में हैं. इनके लिए कुल 1727837 मतदाता जिसमें 806609 महिला और 95 ट्रांसजेंडर शामिल हैं, अपने मतों का इस्तेमाल करेंगे. जबकि वाल्मीकिनगर लोकसभा उपनिर्वाचन 2020 के लिए 2478 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं.
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