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Patna News: क्या सुमित सिंह और जमां खान की JDU में एंट्री बन सकती है नीतीश कुमार के लिए मुसीबत? 

सुमित सिंह और जमां खान के मंत्री बनने की चर्चा तेज है. (File)
सुमित सिंह और जमां खान के मंत्री बनने की चर्चा तेज है. (File)

Bihar Politics: जमां खान (Jama Khan) बसपा छोड़ JDU में शामिल इसी शर्त पर हुए है कि उन्हें मंत्री बनाया जाए. वहीं सुमित सिंह (Sumit Singh) चकाई से निर्दलीय विधायक के तौर पर जीत कर आए हैं. अब इन दोनों विधायकों के मंत्री बनने की चर्चा तेज हो गई है.

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पटना. जेडीयू के अंदर सुमित सिंह (Sumit Singh) और जमां खान (Jama Khan) के आने के बाद हलचल तेज है. जैसा की सूत्र बताते हैं कि उनके मंत्री भी बनने की पूरी संभावनाएं हैं. अगर ऐसा होता है तो JDU के अंदर नेताओं में इसकी तीखी प्रतिक्रिया होने की पूरी संभावना है. जमा खान बसपा (BSP) छोड़ JDU में शामिल इसी शर्त पर हुए है कि उन्हें मंत्री बनाया जाए. वहीं सुमित सिंह चकाई से निर्दलीय विधायक के तौर पर जीत कर आए हैं. उन्होंने JDU के उम्मीदवार को ही हरा कर चुनाव जीता है और मंत्री बनने के शर्त पर ही नीतीश कुमार का दामन थमा है. लेकिन जैसे ही इन दोनों विधायकों के मंत्री बनने की खबर JDU कोटा से उठी , JDU के अंदर खाने मुस्लिम और राजपूत नेताओ में हलचल तेज हो गई है.

अभी तक राजपूत कोटा से मंत्री बनने के रेस में वल्मिकी नगर से जीत कर आए रिंकु सिंह, धमदाहा से लेसी सिंह , MLC रैन विजय सिंह जैसे राजपूत नेता रेस में आगे चल रहे हैं. लेकिन सुमित सिंह के नाम की चर्चा ने इनके  कान भी खड़े कर दिए हैं. फ़िलहाल, इस मसले पर सवाल पूछने पर तीनों ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी. लेकिन नाम नहीं छापने के शर्त पर JDU के एक राजपूत नेता ने कहा कि आखिर इतने लम्बे समय से पार्टी के लिए जो काम कर रहे हैं और इस कठिन परिस्थिति में भी चुनाव जीत कर आए हैं उनके मन में उत्साह की कमी तो छलकेगी ही.

मंत्री बनने की रेस में ये भी शामिल



वहीं, JDU में भले ही कोई मुस्लिम विधायक चुनाव जीत कर नहीं आया हो, लेकिन JDU में छह मुस्लिम MLC हैं जो मंत्री बनने के रेस में है. ग़ुलाम रसूल बलियावि, ग़ुलाम गौस , ख़ालिद अनवर, तनवीर अख़्तर,सलमान रागिब, कमर आलम , ये तमाम नेता लंबे समय से JDU में रह कर राजनीति कर रहे हैं और विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के लिए जमकर काम किया है. अब जब मंत्री बनाने की बात आई तो जमा खान को बसपा से तोड़ कर लाया गया और मंत्री बनाने का आश्वासन भी दे दिया गया है, तो इन नेताओ का नारजगी भी स्वाभाविक है. इन नेताओं से सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन फ़िलहाल कोई भी कुछ बोलने को  तैयार नही है, लेकिन एक MLC ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि जिसकी जानकारी हमें ठीक से नहीं है उससे बिहार के मुस्लिम समुदाय को कैसे संतुष्ट किया जा सकता है.
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मंत्रीमंडल विस्तार  पर टिकी निगाहे

ज़ाहिर है अब तमाम निगाहे नीतीश मंत्री मंडल के विस्तार पर टिकी हुई है कि क्या होता है. किसे मंत्रिमंडल में जगह मिलती है , लेकिन JDU के नेताओं को इस बात की जानकारी भी अच्छें से है कि नीतीश हमेशा से अप्रत्याशित फ़ैसला लेने के लिए जाने जाते हैं. इस बार भी मंत्रिमंडल विस्तार में कही तमाम क़यासों से अलग कोई फ़ैसला ना ले लें जिस पर JDU के नेताओ की नज़रें टिकी हुई हैं. फ़िलहाल चल रहे मंत्रिमंडल विस्तार के क़यास सच होते हैं तो दो मुस्लिम और राजपूत नेताओं की नाराज़गी कहीं भारी ना पड़ जाए.
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