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जातीय गणना पर BJP की नीतीश सरकार से नई मांग, कहा- रोजगार, छात्रों की पढ़ाई और किसानों पर ध्यान देने की जरूरत

बिहार में जातिगत जनगणना पर सभी राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है जिसके बाद नीतीश सरकार ने इसे कराने का निर्णय लिया है (फाइल फोटो)

बिहार में जातिगत जनगणना पर सभी राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है जिसके बाद नीतीश सरकार ने इसे कराने का निर्णय लिया है (फाइल फोटो)

Bihar News: कुछ दिन पहले जेडीयू के वरिष्ठ नेता उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्र सरकार से पूरे देश में जाति जनगणना कराने की मांग की थी जिसके बाद अब बीजेपी के द्वारा जातीय गणना पर नई मांग रखी गई है. बिहार बीजेपी के उपाध्यक्ष और मीडिया विभाग के प्रभारी राजीव रंजन ने इसको लेकर फेसबुक पोस्ट में मांगों को रखा है

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पटना. बिहार में जातीय जनगणना (Caste Census In Bihar) को लेकर सियासत थम नहीं रही है. इसको लेकर बीजेपी और जेडीयू समेत तमाम राजनीतिक दलों के द्वारा आए दिन कोई न कोई नई मांग रखी जा रही है. इस कड़ी में अब बीजेपी की तरफ से जातीय जनगणना (Caste Based Census) कराए जाने को लेकर नई मांग की गई है. जेडीयू के वरिष्ठ नेता उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने कुछ दिन पहले केंद्र सरकार से पूरे देश में जाति जनगणना कराने की मांग की थी जिसके बाद अब बीजेपी के द्वारा जातीय गणना पर नई मांग रखी गई है.

बिहार बीजेपी के उपाध्यक्ष और मीडिया विभाग के प्रभारी राजीव रंजन ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि राजनीति को सिर्फ भावनात्मक मुद्दों तक सीमित रखना, किसी भी राज्य के लिए सही नहीं होता. आज बढ़ते बिहार में छात्रों की पढ़ाई, किसानों की कमाई, गरीबों के उत्थान एवं उनके रोजगार, महिलाओं को काम तथा सुरक्षा पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है. सभी राजनीतिक दलों से मेरा आग्रह है कि भावनात्मक मुद्दों के साथ-साथ इन विषयों पर भी ध्यान दें.

बीजेपी के द्वारा वर्ष 2011 में जनगणना में आर्थिक एवं सामाजिक तथ्यों के अनुरूप हुई जनगणना की रिपोर्ट सार्वजनिक तत्कालीन केंद्र सरकार के द्वारा नहीं करने का आरोप लगाया जाता रहा है. जिसको देखते हुए बीजेपी ने एक बार फिर यह मांग की है कि जनता के सैकड़ों करोड़ रुपये को खर्च करने के बाद भी 2011 में हुए जनगणना में आर्थिक एवं सामाजिक गणना की रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं हुई. इस जनगणना की रिपोर्ट जनता के समक्ष हर हाल में प्रस्तुत किया जाना चाहिए.

बता दें कि बिहार में जातिगत जनगणना पर सभी राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है जिसके बाद बिहार सरकार ने इसे कराने का निर्णय लिया है. लेकिन फिर भी राजनीतिक दलों की तरफ से कई बार अलग-अलग मांग उठती रही है जिस पर सरकार ने विचार करने की बात कही है.

Tags: Bihar News in hindi, Bihar politics, Caste Based Census, Caste Census

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