सृजन घोटाला: 12 के खिलाफ CBI ने दाखिल की चार्जशीट, मुख्य आरोपी अब भी फरार

सृजन घोटाला मामले का खुलासा हुए 2 साल होने को हैं, लेकिन CBI किसी विशेष नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है. यह घोटाला भागलपुर, बांका और सहरसा जिले में सरकारी फंड के गबन से जुड़ा है. बिहार सरकार ने इस घोटाले का सच सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए थे.

News18 Bihar
Updated: July 2, 2019, 8:47 PM IST
सृजन घोटाला: 12 के खिलाफ CBI ने दाखिल की चार्जशीट, मुख्य आरोपी अब भी फरार
सृजन घोटाला मामले सीबीआई ने दर्ज की चार्जशीट
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Updated: July 2, 2019, 8:47 PM IST
बिहार के चर्चित सृजन घोटाला मामले में पटना स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में बैंक अधिकारियों, महिला सृजन विकास समिति से जुड़े लोगों और भागलपुर डीएम कार्यालय नजारत के नाजिर समेत 12 लोगों पर चार्जशीट दायर कर दिया गया है. बता दें कि सृजन घोटाला में 25 करोड़ से अधिक राशि की  अवैध निकासी मामले में सूचक और नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव को भी सीबीआई ने आरोपी बनाया है. नाजिर ने ही थाने में घोटाला का मामला दर्ज करवाया था.

मुख्य आरोपी गिरफ्त से अब भी बाहर
बता दें कि सृजन घोटाला मामले का खुलासा हुए दो साल होने को हैं, लेकिन CBI किसी विशेष नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है. केंद्रीय जांच एजेंसी जहां सृजन के मुख्य आरोपी अमित कुमार और प्रिया कुमार को गिरफ्तार करने में नाकाम रही, वहीं महंगे गहनों के साथ सेल्फी लेने की शौकीन आरोपी इंदु गुप्ता को भी ट्रेस करने में भी अब तक विफल साबित हुई है.

CM नीतीश ने की थी CBI जांच की अनुशंसा

बता दें कि यह घोटाला भागलपुर, बांका और सहरसा जिले में सरकारी फंड के गबन से जुड़ा है. बिहार सरकार ने इस घोटाले का सच सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए थे. इसके बाद एसआइटी की टीम मामले की जांच कर रही थी. लेकिन विपक्ष के हमले के बीच 13 अगस्त 2017 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सृजन घोटाले की सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी थी.

दो साल की जांच में नतीजा 'ढाक के तीन पात'
सीबीआई ने सृजन घोटाले में 25 अगस्त 2017 को एफआइआर दर्ज करते हुए इसकी जांच शुरू की. सीबीआई इस मामले में अब तक 12 प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है. साथ में आरोप पत्र भी दायर कर चुकी है. वर्तमान में इस घोटाला के 15 आरोपित अभी जेल में हैं.
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अधिकारियों-कर्मचारियों-बैंककर्मियों की तिकड़ी से घोटाला
सरकारी राशि के अवैध हस्तांतरण से जुड़ा यह घोटाला अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और बैंककर्मियों की तिकड़ी से उपजा मामला है. विभिन्न विभागों की सरकारी राशि को बैंक से सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड में अवैध हस्तांतरण किया गया था. यह बिहार का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला भी माना जा रहा है.

नीतीश की साफ छवि पर 'दाग' है सृजन घोटाला
सृजन घोटाला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन के दावे पर एक बहुत बड़ा 'दाग' बनकर उभरा है. इसमें करोड़ों के सरकारी फंड का गबन किया गया जिसमें सरकार के कई बड़े अधिकारियों और नेताओं की संलिप्तता भी उजागर हुई. शुरुआती दौर में छोटा लगने वाला यह स्कैम करीब 1900 करोड़ तक पहुंच गया है. सीबीआई इसकी जांच कर रही है, लेकिन बीते दो सालों में इसमें बहुत कामयाबी नहीं मिली है.

इनपुट- क्रांति कुमार

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First published: July 2, 2019, 7:05 PM IST
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